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संदिग्ध बांग्लादेशियों को लेकर बड़ा खुलासा, अपनी झोपड़ियों को खुद ही लगा देते हैं आग, ये है वजह

Mon, 23 Dec 2019 02:37 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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मेरठ बवाल
नागरिकता संसोधन कानून के विरोध में मेरठ में हुए बवाल में जहां पुलिस ने कश्मीरी और संदिग्ध बांग्लादेशी युवकों के शामिल होने का दावा किया है वहीं शहर के विभिन्न इलाकों में छिपकर रह रहे संदिग्ध बांग्लादेशियों के बारे में भी नया खुलासा हुआ है।

एलआईयू की रिपोर्ट के अनुसार जब इन लोगों के सत्यापन का काम शुरू किया गया तो कई महत्वपूर्ण खुलासे हुए। आगे जानें आखिर पुलिस से बचने के लिए ये संदिग्ध आखिर अपनाते हैं क्या तरीके: -

 
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पथराव करते संदिग्ध - फोटो : अमर उजाला
शुक्रवार को मेरठ के हापुड़ रोड और इसके आसपास ही सबसे ज्यादा बवाल हुआ। इस बवाल की सीसीटीवी फुटेज में बांग्लादेशी युवकों के शामिल होने का दावा पुलिस ने किया है।

इंटेलीजेंस की जांच में सामने आया कि विभिन्न इलाकों अवैध रूप से रह रहे इन लोगों को वहां से निकालकर हापुड़ रोड पर पथराव, आगजनी और फायरिंग के लिए लाया गया था।
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पथराव करते उपद्रवी - फोटो : अमर उजाला
खुफिया एजेंसियों की रिपोर्ट की मानें तो लिसाड़ी गेट थानाक्षेत्र में हापुड़ रोड से सटी जाकिर कालोनी, आशियाना कॉलोनी और आसपास के क्षेत्र में करीब 500 से अधिक झुग्गी झोपड़ियां हैं।

हापुड़ रोड पर खरखौदा क्षेत्र में भी जमना नगर के आसपास 300 से अधिक झुग्गी झोपड़ियां हैं। जिनमें ये लोग छिपकर रह रहे हैं जहां कूड़ा व पॉलिथीन एकत्र करने का काम करते हैं। 

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मेरठ बवाल - फोटो : अमर उजाला
अवैध रूप से बांग्लादेशियों के छिपकर रहने की सूचना पर तीन माह पहले शासन ने संदिग्ध लोगों के सत्यापन के लिए निर्देश दिए थे।

इसके बाद एलआईयू और थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने सत्यापन का काम शुरू किया। जिसके बाद खुलासा हुआ कि ये लंबे समय से यहा अवैध रूप से रह रहे हैं और इनमें अधिकांश पूर्वोत्तर असम, पश्चिम बंगाल के भी हैं।
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बवालियों ने जमकर पथराव किया - फोटो : अमर उजाला
खुफिया विभाग की रिपोर्ट में सामने आया कि शुक्रवार को हुए बवाल में इन झोपड़ियों में रह रहे सैकड़ों लोग सबसे आगे दिखे। इन झोपड़ियों से निकलकर ये जाकिर कालोनी पहुंचे और सबसे पहले वहां आगजनी की।
यहां से ही कुछ लोग सद्दीक नगर के रास्ते भूमिया पुल और रशीदनगर तक पहुंचे। इनमें कुछ लोगों की पहचान के लिए उन लोगों की मदद ली जा रही है, जिन्होंने संदिग्ध लोगों को किराए के लिए जमीन दे रखी है। 
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मेरठ बवाल
साजिश के तहत झोपड़ियों में लगा दी जाती है आग
खुफिया विभाग की जांच में सामने आया कि जब भी इन झुग्गी झोपड़ियों में रहने वालों का सत्यापन शुरू होता है तो ये लोग साजिश के तहत अपनी झोपड़ियों को ही आग के हवाले कर देते हैं।
जिससे यह न पता चल सके कि कितने लोग यहां रह रहे हैं और सभी कहां के हैं। आग लगने के बाद पुलिस भी जांच करने नहीं जाती। 
 
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मेरठ बवाल
25 मार्च 2018 को हापुड़ रोड पर आग से तकरीबन 300 से ज्यादा झुग्गी झोपड़ी जलकर राख हो गईं थीं। 22 अप्रैल 2018 को हापुड़ रोड पर 100 से ज्यादा झुग्गी झोपड़ी जल गईं थीं।
2017 में जाकिर कालोनी में 200 से ज्यादा झुग्गी झोपड़ियों में आग लगी थी। 2012 में भी हापुड़ रोड और जाकिर कालोनी में 200 से ज्यादा झुग्गी झोपड़ी आग की चपेट में आईं थीं। 
 
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पूर्व में फूंकी गईं झोपड़ियां
यानी साफ है कि पुलिस से बचने के लिए अवैध रूप से रह रहे ये संदिग्ध बांग्लादेशी अपने आशियाने को भी फूंकने से गुरेज नहीं करते।
 
हालांकि खुफिया एजेंसिया इस इनपुट के बाद गंभीरता से जांच में जुट गई हैं। वहीं शासन को भी पूरे मामले की रिपोर्ट भेजी जा चुकी है।
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