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यादों में सुशांत : हमेशा याद रहेगा... वो जीत का छक्का, पढ़िए इसके पीछे की पूरी कहानी

Mon, 15 Jun 2020 11:35 AM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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सुशांत सिंह राजपूत - फोटो : social media
क्रिकेट विश्व कप में श्रीलंका के खिलाफ खेले गए फाइनल मैच में मेरठ के बल्ले ने कैप्टन कूल महेंद्र सिंह धोनी की किस्मत बदल दी थी। उसी तरह मेरठ का बल्ला अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत के लिए जादुई साबित हुआ। 2016 में आई महेंद्र सिंह धोनी द अनटोल्ड स्टोरी में माही का किरदार निभाने वाले सुशांत सिंह राजपूत ने फिल्म के अंतिम दृश्य में मेरठ की कंपनी एसएस के बल्ले से हेलीकॉप्टर शॉट लगाकर छक्का जड़ा। यही छक्का सुशांत को फिल्म जगत में जीत के नए पायदान पर ले गया। इसी फिल्म के बाद सुशांत के फिल्मी कॅरियर ने रफ्तार पकड़ी और एक के बाद एक सफल फिल्में उनकी झोली में आईं। आगे जानिए पूरा अपडेट-
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सुशांत सिंह राजपूत और धोनी - फोटो : अमर उजाला
एसएस कंपनी के निदेशक जतिन सरीन बताते हैं कि फिल्म के अंतिम दृश्य में सुशांत जब महेंद्र सिंह धोनी के रूप में श्रीलंका के खिलाफ छक्का लगाकर भारत को विश्वकप में जीत दिलाते हैं तो उसमें एसएस का बल्ला उनके हाथ में है। इसी बल्ले से महेंद्र सिंह धोनी ने खुद विश्व कप में छक्का जड़कर भारत को जीत दिलाई थी।
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सुशांत सिंह राजपूत - फोटो : Social Media
यह बल्ला महेंद्र सिंह धोनी ने फिल्म के लिए सुशांत सिंह राजपूत को उपहार में दिया था। धोनी उक्त विश्व कप से पहले एसएस कंपनी के बल्ले ले गए थे। विश्व कप जीतने के बाद धोनी पत्नी साक्षी के साथ पुन: मेरठ अपने दोस्त जतिन सरीन से मिलने मवाना रोड स्थित उनकी फैक्टरी आए थे। वे पुन: पांच बल्ले ले गए। सुशांत सिंह ने फिल्म में यह शॉट लगाने के लिए धोनी के निर्देशन में अभ्यास किया था।

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सुशांत सिंह राजपूत - फोटो : Social Media
‘सुशांत जैसा कोई नहीं’
कंकरखेड़ा निवासी अभिनेता गिरीश थापर ने सुशांत सिंह राजपूत के साथ जीटीवी के सीरियल पवित्र रिश्ता में काम किया था। इसमें सुशांत मानव की मुख्य भूमिका में थे। यह सीरियल सुशांत को टेली जगत में चमकाने वाला था। गिरीश थापर इस धारावाहिक में बाल आश्रम के संचालक बने थे। सुशांत के साथ उनके 5-6 एपिसोड थे। इसी दौरान उनसे मुलाकात हुई थी। सुशांत बहुत जिंदादिल और दिलचस्प इंसान थे। इस तरह उनका जाना बहुत दुखदाई है।
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चित्र बनाकर श्रद्धांजलि दी - फोटो : अमर उजाला
...चित्र बनाकर श्रद्धांजलि दी
गंगानगर निवासी लीफ आर्टिस्ट ममता गोयल ने सुशांत सिंह राजपूत को पत्ते पर उनकी पेंटिंग बनाकर श्रद्धांजलि दी।
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डॉ. सतीश बुडानिया, वरिष्ठ मनोचिकित्सक - फोटो : अमर उजाला
दिल का गुबार पालना घातक
जिंदगी में कोई भी... कभी भी डिप्रेशन का शिकार हो सकता है। उदासी के साथ आत्महत्या के विचार मन में आ सकते हैं। बाहरी तनाव ही डिप्रेशन की वजह नहीं होता। दिमाग की अंदरूनी केमिकल रचना में बदलाव से भी डिप्रेशन हो सकता है। विशेषज्ञ से इलाज कराने पर यह शत-प्रतिशत ठीक हो जाता है। मनोस्थिति छिपाए नहीं। इसे अपनों को बताइए, अपने चिकित्सक से कहिए जीवन अनमोल है। - डॉ. सतीश बुडानिया, वरिष्ठ मनोचिकित्सक

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