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छात्राओं ने दिखाए हैरतअंगेज करतब, किसी ने गले से मोड़ा सरिया तो किसी ने फोड़ी ट्यूबलाइट

Sun, 11 Nov 2018 04:31 PM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
चौधरी चरण सिंह यूनिवर्सिटी में चल रहे व्यास समारोह में छात्र-छात्राओं ने यौगिक बल का प्रदर्शन करके सबको दांतों तले अंगुली दबाने को मजबूर कर दिया। किसी ने गले से सरिया मोड़ दिया तो किसी ने सिर से ट्यूबलाइट फोड़ दी।
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फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
बृहस्पति भवन में संस्कृत विभाग द्वारा आयोजित व्यास समारोह के दूसरे दिन छात्र-छात्राओं ने डॉ. राजवीर के निर्देशन में विभिन्न आसनों का प्रदर्शन किया। इसमें ताड़ासन, भैरवासन, पद्मासन, धुव्रासन, शीर्षासन, गरुड़ासन आदि शामिल रहा। छात्र-छात्राओं ने योग साधना से श्वांस को रोककर मृतप्राय के समान दिखाया। छात्राओं ने गले से सरियों को मोड़ा तो किसी ने सिर से ट्यूबलाइटों को तोड़कर हैरान कर दिया। सीने पर पत्थर रखकर तोड़ना हो या फिर लाठी का संचालन। हर क्रिया में छात्र-छात्राओं ने शानदार प्रदर्शन किया।
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फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
वहीं दूसरे दिन पद्य पुराण विषय पर महाविद्यालय के विद्यार्थियों की वाद-विवाद प्रतियोगिता आयोजित कराई गई। इसमें प्राचीन एवं अर्वाचीन उदाहरणों द्वारा प्रतिभागियों ने अपना पक्ष रखा। व्यास ध्वज के लिए कवियों ने संस्कृत में कविताओं की शानदार प्रस्तुति दी। प्रतियोगिता का विषय ‘स्वयं को अच्छी प्रकार जानना चाहिए, दूसरों पर दोषारोपण नहीं करना चाहिए’ रहा।

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फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
इसमें पक्ष एवं विपक्ष में प्रतिभागियों ने विचार रखे। पक्ष में छात्रा संध्या ने कहा कि जो व्यक्ति अपने दोषों को नहीं देखता केवल दूसरों पर दोषारोपण करता है वह कभी भी गुणवान नहीं हो सकता। वर्तमान समाज की अव्यवस्था का एकमात्र कारण यही है कि सभी व्यक्ति दूसरों के दोषों को देखते हैं स्वयं को जानने का प्रयत्न नहीं करते। विपक्ष में रहने वाली छात्रा आयुषी ने कहा कि हम दूसरे के दोषों को नहीं देखते तो अपने दोषों को भी नहीं देखना चाहिए। मुख्य अतिथि डॉ. भारतेंदु पांडेय ने कहा कि स्वयं के दोष देखना हीनता उत्पन्न करता है। मुख्याध्यक्ष डॉ. विश्वनाथ स्वाई ने विजेताओं की घोषणा की।
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फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
करना होता है कड़ा परिश्रम 
विद्यार्थियों को योगासन और प्राणायाम सिखाने वाले डॉ. राजबीर सिंह ने बताया कि योग के बल पर ऐसा करना संभव होता है। प्राणायाम शरीर और मस्तिष्क की शक्ति को बढ़ा देता है। यौगिक प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों ने बताया कि उन्होंने डेढ़ महीने पहले योगाभ्यास शुरू करने के बाद से शारीरिक और मानसिक बल में वृद्धि होती गई। इसके बाद ऐसे करतबों को करना संभव हो सका।
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फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
ये रहे विजेता 
आरजी पीजी कॉलेज की एमए प्रथम वर्ष की छात्रा संध्या प्रथम, बीए प्रथम वर्ष की छात्रा आयुषि, द्वितीय स्थान पर कैंपस के एमएम प्रथम वर्ष के छात्र प्रदीप ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। द्वितीय सत्र में शोध संगोष्ठी का आयोजन हुआ। इस दौरान डॉ. पूनम लखनपाल, डॉ. राजवीर, डॉ. संतोष कुमारी, डॉ. नरेंद्र कुमार, डॉ. अंजलि त्यागी, सविता, शिखा त्यागी, विनीता, आशा, काजल भाटी, प्रवेश, जुगनी, शिवानी, शुभम, अंकुर, मोनित, अनिका, पारुल और राहुल आदि का सहयोग रहा।

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