मेरठ न्यूज
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होटल मालिक की गलती बताकर सिपाही से लेकर पुलिस अफसर तक भी दरोगा के पक्ष में उतर आए। मेरठ के एक एडिशनल एसपी ने एक व्हाट्स एप ग्रुप पर पोस्ट डाली है... दरोगा की पिटाई पर बहस चल रही है, जो व्यक्ति किसी वर्दी वाले को पीट सकता है तो उससे ज्यादा और क्या अराजकता होगी। लाख गलती दरोगा की हो, पर वह वर्दी में तो था। व्यापारी के लिए तो ग्राहक भगवान होता है। होटल मैनेजमेंट में यह सिखाया जाता है कि ग्राहक कुछ भी गुस्सा करे, आप गुस्सा नहीं होंगे। पर यहां तो होटल मालिक मद में चूर है। हम पुलिस वालों के सामने कोई वृद्ध, राजनेता, महिला, वकील, मीडियाकर्मी कोई बात लेकर आता है तो अच्छे व्यवहार से बात करते हुए इज्जत करते हैं। गलत होने पर पीटने नहीं लगते। क्या पुलिस की कोई इज्जत नहीं है। सुबह से कई कॉल आई हैं कि दरोगा के साथ जो हुआ उसे देखकर खून खौल रहा है। इतनी गर्मी कि वर्दी पहने दरोगा से गालीगलौज कर पिटाई कर रहा है। दरोगा को इससे ही दंड मिलना तय था कि वह ड्यूटी छोड़कर एक महिला के साथ होटल में गया। इस प्रकरण में जिम्मेदारी से चिंतन करने की जरूरत है। यह मेरा व्यक्तिगत विचार है, पुलिस ऑफिसर की हैसियत से नहीं।