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सोशल मीडिया पर गरमाया रहा होटल में दरोगा की पिटाई का मामला, सुलगते रहे ये बड़े सवाल

Sun, 21 Oct 2018 04:13 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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मेरठ न्यूज - फोटो : अमर उजाला
मेरठ में मोहिउद्दीनपुर चौकी इंचार्ज सुखपाल पंवार की होटल मालिक और भाजपा पार्षद द्वारा पिटाई किए जाने को लेकर सियासी खेमे और पुलिस महकमें में बराबर रोष रहा। हालांकि दोनों ही तरफ से कानून की धज्जियां उड़ाई गईं। वहीं इस मामले में सोशल मीडिया पर भी बहस छिड़ गई। थाने में जहां सत्ताधारी नेताओं ने धरना देकर पुलिस पर एकतरफा कार्रवाई करने का आरोप लगाया। वहीं, डीजीपी ने कड़े निर्देश दिए कि दरोगा पर हाथ उठाने वाला कोई भी हो, उस पर कड़ी कार्रवाई की जाए। दरोगा की पिटाई का वीडियो वायरल होते ही सोशल मीडिया पर दिन भर इस घटना की चर्चाएं होती रहीं। जानें आखिर किन सवालों के जवाब ढूंढते रहे लोग:-
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ड्यूटी छोड़कर महिला के साथ होटल कैसे पहुंच गए दरोगा जी

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मेरठ न्यूज - फोटो : अमर उजाला
आखिर ड्यूटी छोड़कर महिला के साथ होटल कैसे पहुंच गए, यह मामला दिन भर चर्चाओं में रहा। शुक्रवार रात जहां एसपी सिटी ने कहा था कि दरोगा की गलती है कि वह दशहरा मेले की ड्यूटी छोड़कर होटल में गए, जो गलत है। लेकिन शनिवार को नया मोड़ आ गया कि दरोगा थाने में रवानगी कराकर गए थे।  इंस्पेक्टर परतापुर नीरज मलिक ने बताया कि परतापुर थाने में रोहटा रोड निवासी महिला ने दहेज का मुकदमा दर्ज कराया था। इस मामले में पीड़िता लगातार कार्रवाई की मांग कर रही थी कि मुल्जिम नहीं पकड़े जा रहे थे। शुक्रवार को भी महिला थाने में मिली थी और कार्रवाई की मांग की गई थी। इंस्पेक्टर ने बताया कि सुखपाल सिंह की ड्यूटी शुक्रवार शाम ढिंडाला गांव में दशहरा कार्यक्रम में लगी थी। सात बजे पुतला दहन हो गया था। जिसके बाद दरोगा थाने आए और शाम 7:30 बजे आमद कराई। उसके बाद दरोगा जीडी में रवानगी कराकर चले गए। 
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दरोगा के साथ मौजूद महिला आखिर कौन थी

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मेरठ न्यूज - फोटो : अमर उजाला
होटल प्रकरण में दरोगा सुखपाल सिंह के साथ होटल में मौजूद महिला ने प्रेसवार्ता के दौरान बताया कि वह अधिवक्ता हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यह बिल्कुल गलत चल रही कि मैं नशे की हालत में थी। मैंने शराब का सेवन नहीं किया था। होटल मालिक ने मुझे बदनाम करने की कोशिश की। महिला के अनुसार मेरा पति और ससुराल वालों से विवाद चल रहा है। अपने केस के संबंध में मैंने केस की जांच कर रहे विवेचक सुखपाल सिंह से बात की थी। होटल पहुंचने पर दरोगा ने खाना मंगाने के लिए वेटर को ऑर्डर दिया। लेकिन मैंने मना कर दिया कि मैं खाना नहीं खाऊंगी। इस पर मैने कॉफी के लिए वेटर को ऑडर्र दिया। खाना आ गया और खा भी लिया। उसके बाद भी कॉफी नहीं आयी। मैंने फिर से कहा तो वेटर ने अपने मालिक को बुला लिया।

 

विवाद कैसे शुरू हुआ

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मेरठ न्यूज - फोटो : अमर उजाला
जानकारी के मुताबिक ड्यूटी के चलते खाना नहीं खा पाने के कारण चौकी इंचार्ज होटल गए थे। वहीं पर महिला भी थी। जिसके बाद होटल में विवाद हुआ था। दरोगा ने मारपीट होने की जानकारी फोन पर दी थी। महिला ने होटल के वेटर को ऑर्डर दिया। पांच मिनट तक प्लेट नहीं लगी तो महिला ने नाराजगी जताई। उसके बाद दरोगा ने भी वेटर को फटकार दिया। महिला होटल के कर्मचारी से गालीगलौज करती रही। होटल मालिक मनीष पंवार मैनेजर के साथ पहुंचा तो दरोगा से कहा सुनी हो गई। दरोगा ने होटल मालिक से कहा कि अपने पापा से पूछो कि मैं कौन हूं। इस बात को लेकर दरोगा और मनीष में झड़प होनी शुरू हो गई। इसी बीच महिला का मोबाइल एक वेटर छीन लेता है। जिसके बाद महिला ने क्रॉकरी उठाकर फेंकनी शुरू कर दी। महिला होटल मालिक और वीडियो बना रहे होटल कर्मी से गालीगलौज करते हुए भिड़ने लगी।

 
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पहले किसने हाथ उठाया

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इस कदर गर्मागर्मी हो गई कि होटल मालिक मनीष ने साथी कर्मचारी से कहा कि वीडियो बना और खुद पुलिस को बुलाने के लिए फोन करने लगा। उस समय होटल के सभी गेट होटल मालिक ने बंद करा दिए थे। होटल मालिक भी गाली देने लगा। इस बीच मनीष ने दरोगा पर पहले सीधे हाथ से चार थप्पड़ जड़ दिए, उसके बाद से दूसरे हाथ से दोबारा खींचकर पांचवां थप्पड़ दरोगा को मारा। इस बीच होटल के अन्य कर्मचारी ने वर्दी खींची और दरोगा लड़खड़ाता हुआ जमीन पर जा गिरा। यहां भी होटल मालिक ने गालीगलौज की। महिला को गाली देते हुए उसकी तरफ एक कर्मचारी दौड़ा और महिला से मोबाइल छीन लिया। महिला ने मोबाइल मांगते हुए गेट खोलने को कहा। लेकिन गेट नहीं खोला। वहीं होटल मालिक के साथी आए तो दरोगा भी भिड़ गया। 

 
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मोबाइल छीनने से बढ़ा विवाद

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दरोगा को पीटने के बाद होटल कर्मियों द्वारा महिला का मोबाइल छीनने से स्थिति बिगड़ गई। मोबाइल फोन छीनने के बाद महिला का गुस्सा बढ़ गया। यही कारण रहा कि महिला ने प्लेटें फेंककर तोड़ डालीं और बार-बार चिल्लाई। वीडियो क्लिप में भी स्पष्ट है कि महिला बार-बार चीख चीखकर होटलकर्मी से अपना मोबाइल वापस मांग रही है। 
होटल मालिक ने गुंडागर्दी की: एडीजी
वर्दी में तैनात दरोगा के साथ होटल मालिक और उसके कर्मचारियों ने मारपीट की। अगर कोई शिकायत थी तो वह पुलिस से करते। दरोगा की पिटाई करने वालों को कतई नहीं बख्शा जाएगा। होटल मालिक के अलावा भी होटल में मौजूद कर्मचारी और अन्य लोगों की जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी। होटल मालिक की पैरवी के लिए हंगामा करने वाले सत्ताधारी नेता या जनप्रतिनिधियों की जांच शुरू कर दी गई है। वर्दी में तैनात पुलिसकर्मी को कोई पीटेगा, ऐसा कतई बर्दाश्त नहीं होगा। जिस तरह से दरोगा को पीटा है और वीडियो बनाई है उससे साफ जाहिर है कि सरेआम होटल में दरोगा के साथ गुंडागर्दी की गई है। 
-प्रशांत कुमार, एडीजी जोन 
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...वो कुछ भी कर सकता है

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होटल मालिक की गलती बताकर सिपाही से लेकर पुलिस अफसर तक भी दरोगा के पक्ष में उतर आए। मेरठ के एक एडिशनल एसपी ने एक व्हाट्स एप ग्रुप पर पोस्ट डाली है... दरोगा की पिटाई पर बहस चल रही है, जो व्यक्ति किसी वर्दी वाले को पीट सकता है तो उससे ज्यादा और क्या अराजकता होगी। लाख गलती दरोगा की हो, पर वह वर्दी में तो था। व्यापारी के लिए तो ग्राहक भगवान होता है। होटल मैनेजमेंट में यह सिखाया जाता है कि ग्राहक कुछ भी गुस्सा करे, आप गुस्सा नहीं होंगे। पर यहां तो होटल मालिक मद में चूर है। हम पुलिस वालों के सामने कोई वृद्ध, राजनेता, महिला, वकील, मीडियाकर्मी कोई बात लेकर आता है तो अच्छे व्यवहार से बात करते हुए इज्जत करते हैं। गलत होने पर पीटने नहीं लगते। क्या पुलिस की कोई इज्जत नहीं है। सुबह से कई कॉल आई हैं कि दरोगा के साथ जो हुआ उसे देखकर खून खौल रहा है। इतनी गर्मी कि वर्दी पहने दरोगा से गालीगलौज कर पिटाई कर रहा है। दरोगा को इससे ही दंड मिलना तय था कि वह ड्यूटी छोड़कर एक महिला के साथ होटल में गया। इस प्रकरण में जिम्मेदारी से चिंतन करने की जरूरत है। यह मेरा व्यक्तिगत विचार है, पुलिस ऑफिसर की हैसियत से नहीं। 
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ये भी उठे सवाल

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आरोपी भाजपा पार्षद व होटल मालिक मनीष को शनिवार को प्रभारी सीजेएम रामलाल ने न्यायिक हिरासत में लेकर जेल भेज दिया। पार्षद की तरफ से चिकित्सा कराने के लिए दिए गए प्रार्थना पत्र को भी अदालत में स्वीकार कर जेल अधीक्षक को मेडिकल परीक्षण कराने का आदेश दिया है।

- ऐसे हालात क्यों पैदा हुए कि होटल में परिस्थितियां नियंत्रण के बाहर हो गईं और दरोगा की पिटाई 
कर दी गई?
-क्या विवेचक को यह अधिकार है कि किसी भी वादी के साथ वह व्यक्तिगत रूप से किसी होटल में जाकर बात करे वह भी महिला से?
-सूर्यास्त के बाद क्या किसी महिला से विवेचना संबंधी बातचीत थी या आरोपियों की गिरफ्तारी की तैयारी?
-परिस्थिति चाहे कोई भी हो, गलती चाहे किसी की भी हो , पर क्या किसी महिला के साथ ऐसा व्यवहार उचित है?
-जब खुद होटल मालिक ने पुलिस को सूचना देकर बुलाया तो यह डकैती कैसे हो गई?
-आखिर कैसे निकल गई पिस्टल, वीडियो में तीनों ही पिस्टल थामे हैं?

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