अध्यापकों के साथ स्कूल की छात्राएं
- फोटो : अमर उजाला
स्टूडेंट्स का मानना है कि हमें प्लास्टिक के तीन फैक्टर्स रिडयूस रिसाईकिल और रियूज के साथ साथ पांचवे फैक्टर रिफ्यूज पर भी काम करना होगा और इसे फॉलौ करना होग।कक्षा आठ की छात्रा आस्था मानती हैं कि लोगों पॉलीथिन की जगह जूट व कपड़े के बैग इस्तेमाल करने चाहिए। हमें दूसरे लोगों भी प्लास्टिक के खतरे बताने चाहिए और हमारी कोशिश है कि आस-पास भी सभी को इसके लिए जागरुकता दिखाएं।
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