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‘यह मकान गृहस्थी का है...’, पुलिस कार्रवाई में सामने आया मेरठ की बदनाम गलियों का एक कड़वा सच

Thu, 16 May 2019 03:27 PM IST
Dimple Sirohi रिजवान खान, अमर उजाला, मेरठ
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परिवार अपनी पहचान छिपाकर सालों से रह रहा है - फोटो : अमर उजाला
‘यह मकान गृहस्थी का है, बिना आज्ञा ऊपर आना मना है’...! कहने को यह बेहद साधारण पंक्ति प्रतीत होती है। लेकिन अगर देखा जाए तो रेड लाइट एरिया में गुमनाम जिंदगी जी रहे एक परिवार का दर्द भी इसमें समाया है। जिन बदनाम गलियों से लोग गुजरना पसंद नहीं करते, वहां एक परिवार ऐसा भी रहा जो अपनी पहचान छिपाकर सालों से इसी गली में रह रहा है। 

 
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कोठों को सील कराते अधिकारी - फोटो : अमर उजाला
बुधवार को पुलिस-प्रशासन जिस वक्त रेड लाइट एरिया में बने कोठों पर सीलिंग की कार्रवाई में व्यस्त था, उसी दौरान एक ऐसे मकान पर नजर पड़ी जो अपनी अलग दास्तां बयां कर रहा था। 

 
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कोठों को सील कराते अधिकारी - फोटो : अमर उजाला
इस मकान को लेकर बाजार के व्यापारियों से बात की गई तो पता चला कि इस मकान का देह व्यापार से दूर-दूर तक कोई लेना-देना नहीं है। एक सज्जन परिवार कई वर्षों से इस मकान में रह रहा है। 

 

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कोठों को सील कराते अधिकारी - फोटो : अमर उजाला
कई बार कोठों पर आने वाले लोग इस मकान को भी कोठा समझकर अंदर घुस गये। लेकिन बाद में उन्हें भी शर्मिंदा होकर लौटना पड़ा। आखिरकार परेशान होकर मकान मालिक को अपने घर के बाहर यह संदेश लिखवाना पड़ा। 
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कोठों को सील कराते अधिकारी - फोटो : अमर उजाला
बाजार के व्यापारियों की मानें तो कई बार इस मकान पर पुलिस ने दबिश भी दी। लेकिन बाद में पुलिस को भी खाली हाथ नजरें झुकाकर शर्मिंदगी उठाते हुए वहां से लौटना पड़ा। 

 
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कार्रवाई के दौरान मौजूद पुलिस फोर्स - फोटो : अमर उजाला
कुछ तो मजबूरी रही होगी इस परिवार की
ब्रह्मपुरी के रेड लाइट एरिया का इतिहास काफी पुराना रहा है। सभ्य परिवार इस बाजार से गुजरना पसंद नहीं करते। यही नहीं अगर कोई अपने परिवार के साथ इस बाजार से गुजरता भी है तो वह परिवार नजरें झुकाकर पूरा रास्ता तय करता है। 
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कार्रवाई के दौरान कबाड़ी बाजार इलाके में मौजूद पुलिस फौर्स - फोटो : अमर उजाला
ऐसे माहौल में एक जैसे दिखने वाले मकानों में से एक परिवार में रह रहे इस सभ्य परिवार की कुछ तो मजबूरी रही होगी जो वह इस दलदल के बीच में रहने को मजबूर है। 

 

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कोठों को सील कराते अधिकारी - फोटो : अमर उजाला
कोठों से कहां गईं सेक्स वर्कर, अफसर खामोश 
कबाड़ी बाजार के रेड लाइट एरिया से सेक्स वर्कर आखिर कहां गईं, इस बारे में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी आधिकारिक रूप से कुछ कहने की स्थिति में नहीं हैं। 

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कोठों को सील कराते अधिकारी - फोटो : अमर उजाला
हालांकि रेड लाइट एरिया प्रकरण सुर्खियों में आते ही इन कोठों से सेक्स वर्करों को पुलिस का पहरा धता बताकर दिल्ली के रेड लाइट एरिया शिफ्ट करना सामने आ चुका था। लेकिन उसके बावजूद अधिकारी बुधवार को कोठो सील करने के दौरान इसका जवाब देने से बचते रहे। 

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कोठे के भीतर फैला सामान - फोटो : अमर उजाला
यहां कोठों की संख्या 80 से 95 के बीच बताई जाती है। अधिवक्ता सुनील चौधरी ने हाईकोर्ट में दावा किया था कि यहां करीब 400 लड़कियों से देह व्यापार कराया जाता था। 
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कोठे के भीतर फैला सामान - फोटो : अमर उजाला
बुधवार को जब 16 कोठों पर सील लगाई गई तो एक भी सेक्स वर्कर यहां नहीं मिली। ‘अमर उजाला’ ने पहले ही प्रकाशित किया था कि कोठा संचालिकाओं ने 100 से ज्यादा लड़कियों को दिल्ली में पहुंचा दिया। 

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