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प्राचीन मंदिर में मिला था सीढ़ीदार रास्ता-खंडित मूर्ति, तस्वीरों में देखें हजारों साल पुराना इतिहास

Wed, 13 Nov 2019 12:27 AM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बागपत
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सिनौली उत्खन - फोटो : अमर उजाला
सिनौली के प्राचीन शिव मंदिर में मिले सीढ़ीदार रास्ते और खंडित मूर्ति सहित अन्य अवशेषों की सत्यता की जांच के लिए भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण संस्थान की ओर से विशेषज्ञों की टीम आगरा से यहां पहुंची। टीम ने यहां ग्रामीणों से बातचीत की। इसके साथ ही यहां मिले पुरातत्व अवशेषज्ञों के फोटोग्राफ लिए और वीडियोग्राफी भी की। अगली स्लाइडों में देखिए तस्वीरें-
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जांच करती टीम - फोटो : अमर उजाला
यह वीडियोग्राफी युक्त रिपोर्ट वरिष्ठ विशेषज्ञों को सौंपी जाएगी। इसके आधार पर जांच की जाएगी कि इन अवशेषों का महाभारत काल या इससे पहले की प्राचीन बस्ती से कुछ संबंध हैं या नहीं।
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वीडियोग्राफी कराई गई - फोटो : अमर उजाला
बता दें कि पांच हजार साल का इतिहास अपने गर्भ में समेटने वाली हड़प्पा कालीन सिनौली साइट पर ही पिछले माह इस प्राचीन शिवालय में मरम्मत का काम चल रहा था। इसी दौरान प्राचीन चौड़ी ईटों से निर्मित सीढ़ीदार रास्ता और एक खंडित मृणमूर्ति मिली थी। शिवालय हजारों साल पुराना है और यहां से शिवलिंग निकलने के बाद ग्रामीणों ने मंदिर का निर्माण कराया था। ग्रामीणों ने इसकी सूचना भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण संस्थान नई दिल्ली को दी थी। यहां से प्राप्त अवशेषों की खबर 21 अक्तूबर के अंक में अमर उजाला ने प्रकाशित की थी।

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सिनौली उत्खन - फोटो : अमर उजाला
इसके बाद इतिहासकार डॉ. अमित राय जैन ने भी यहां का भ्रमण कर अवशेषों के नए ढंग से शोध का प्रस्ताव भेजा था। इसके बाद ही भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण संस्थान हरकत में आया। सोमवार को आगरा से एएसआई विभाग की दो सदस्यों की टीम पहुंची। इसमें सहायक पुरातत्वविद् आदित्य और महेंद्रपाल शामिल रहे। टीम ने प्राचीन मंदिर से मिले सीढ़ीदार रास्ते, मृणमूर्ति, दीवार से लेकर अन्य अवशेषों की वीडियोग्राफी की।
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सिनौली उत्खन - फोटो : अमर उजाला
इसके साथ ही यहां मौजूद ग्रामीण ब्रजपाल, अशोक, अंकुश, राजकुमार, विपिन पूनिया, रोहत, रवि मान, आसू आदि से बातचीत की। उनसे मंदिर की स्थापना, मरम्मत कार्य और फिर मिले अवशेषों के बारे में पूछताछ की। टीम ने बताया कि यहां की रिपोर्ट अब वरिष्ठ विशेषज्ञों को सौंपी जाएगी। इसके बाद ही आगे का अध्ययन शुरू हो पाएगा।

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