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कुख्यात 'नायडू' ने हत्या से इनकार करने पर साथी को दी थी खौफनाक मौत, दोनों हाथ से करता था फायरिंग

Thu, 20 Feb 2020 02:13 AM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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शक्ति नायडू का फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी के पति राज कुंद्रा से आठ करोड़ की लूट कर चर्चा में आया कुख्यात शक्ति नायडू कई बड़ी सेलिब्रिटियों से लूट कर चुका था। दिल्ली निवासी नायडू का दिल्ली सहित पंजाब और राजस्थान में आतंक था।

अब उसके निशाने पर पश्चिमी यूपी था। जहां वह अपनी धाक जमाना चाहता था। इसके लिए उसने योजना बनानी शुरू कर दी। पिछले दिनों इसी सिलसिले में एक इंस्पेक्टर की हत्या की प्लानिंग की थी। 
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मुठभेड़ में इनामी बदमाश ढेर - फोटो : अमर उजाला
अपने साथी को इंस्पेक्टर की हत्या के लिए मनाया लेकिन उसने इनकार कर दिया। इस पर नायडू ने उसे गोलियों से भून डाला था। इस घटना से मेरठ पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया। उधर, तीन राज्यों की पुलिस उसकी तलाश में जुटी थी।

आखिरकार मंगलवार को पुलिस से उसका सामना हो ही गया और शातिर शक्ति नायडू एनकाउंटर के दौरान पुलिस की गोली से मारा गया। आगे पढ़ें कैसे एक घंटे तक गोलियों की तड़तड़ाहट से गूंजता रहा आर्क सिटी स्थित वह मकान जहां वह रुका हुआ था। उसकी मौत के बाद कई बड़े खुलासे पुलिस ने किए हैं। 
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मौके पर पहुंची पुलिस - फोटो : अमर उजाला
शक्ति नायडू ने पुलिस पर करीब एक घंटा गोलियां बरसाईं। एसएसपी से लेकर एडीजी तक मौके पर पहुंच गए थे। कंट्रोल रूम चिल्ला रहा था कि शहर और देहात का तमाम पुलिस फोर्स मौके पर पहुंचे। हालात यह थे कि कई थाने की पुलिस फोर्स मौके पर पहुंच गई।

इसके बावजूद नायडू ने गोलियां चलानी बंद नहीं कीं। तीन गोली लगने के बाद भी वह रुका नहीं। शाम के करीब पांच बजे पुलिस वैष्णो धाम स्थित आर्क सिटी में पहुंची। जहां पर एक मकान में नायडू और उसका साथी रवि उर्फ भूरा छिपे थे।

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मुठभेड़ में घायल हुए सीओ - फोटो : अमर उजाला
पुलिस ने दरवाजा खटखटाया, तभी नायडू ने दोनों हाथों से गोलियां चलानी शुरू कर दीं। करीब एक घंटे तक पुलिस और नायडू के बीच गोलियां चलीं। इससे आसपास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई। गनीमत रही कि जिस मकान में नायडू छिपा हुआ था, वह एक कोने में था। जहां से आबादी करीब 500 मीटर दूर थी।

गोलियाें की तड़तड़ाहट से लोगों में दहशत फैल गई। पुलिस कर्मियों ने लोगों को समझाया कि दूर रहें। यहां बदमाश छिपे हैं। एसएसपी और सीओ को गोली लगने के बाद पुलिस मकान के अंदर घुस गई, जहां पर खून से लथपथ नायडू पड़ा हुआ था। जबकि उसका साथी वहां से भाग चुका था। 
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shakti naydu criminal - फोटो : अमर उजाला
हत्या से इनकार करने पर साथी मार डाला 
अपराध में साथ न देने पर अपने ही साथी की नायडू हत्या कर देता था। 31 जनवरी को कंकरखेड़ा में नायडू अपने दो साथियों तिलकराज और हनी के साथ मेरठ में प्रॉपर्टी डीलर ऋतुराज चौधरी के यहां आया था। ऋतुराज के एक परिचित का एक इंस्पेक्टर से विवाद हो गया था, जिसकी हत्या करने के लिए नायडू को बुलाया गया था।

पहले इंस्पेक्टर व फिर अगले दिन दिल्ली के एसीपी ललित मोहन नेगी की हत्या का नायडू ने कंकरखेड़ा में बैठकर प्लान बनाया। साथी तिलकराज व उसके भतीजे हनी ने हत्या करने से इनकार किया। जिस पर नायडू ने चाचा-भतीजे पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दीं, जिसमें हनी की मौत हुई और तिलकराज घायल हो गया। इसी तरह वह पहले भी दिल्ली में अपने एक साथी की हत्या कर चुका था। 
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शक्ति नायडू का फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
एक सिपाही मुहैया कराता था हथियार 
कंकरखेड़ा में हनी की मौत के बाद पुलिस की जांच में सामने आया था कि दिल्ली का एक सिपाही शक्ति नायडू के संपर्क में है। जो उसे हथियार और पुलिस की अगली तैयारी के बारे में बताता था। पुलिस ने उक्त सिपाही से भी पूछताछ की।

दिल्ली में शिकंजा कसना शुरू हुआ तो वह पश्चिम यूपी के अपराधियों के संपर्क में आ गया। गैंग में बदमाशों को शामिल करने के लिए नायडू ने मेरठ में एक इंस्पेक्टर की हत्या करने का प्लान बना लिया था, लेकिन साथियों ने इनकार कर दिया। 
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कुख्यात बदमाश मुठभेड़ में ढेर - फोटो : अमर उजाला
दोनों हाथों से चलाता था गोलियां 
कुख्यात शक्ति नायडू के साथी तिलकराज ने पुलिस को बताया था कि वह दोनों हाथों से गोली चलाता है। नायडू ने नोएडा में अनिल दुजाना गैंग से जुड़े बदमाशों से संपर्क किया था। नायडू गैंग में शामिल करते ही बदमाशों को मोटा पैसा देता था।

उसका टारगेट वांटेड को गैंग में शामिल करना होता था। राजकुंद्रा से आठ करोड़ की लूट के बाद नायडू पुलिस के रिकॉर्ड में आया था। नायडू का पुलिस ने इतिहास खंगाला तो उसके खिलाफ दो दर्जन से अधिक आपराधिक मुकदमे पंजीकृत मिले। 
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