सुकमा में शहीद हुए जवान मनोज कुमार का पार्थिव शरीर पंचतत्व में विलीन हो गया। भोपा के निरगाजनी गांव में सुबह 11 बजे शवयात्रा शुरू हुई। इस दौरान 'जब तक सूरज चांद रहेगा, मनोज तेरा नाम रहेगा' के गगनभेदी नारों से आसमान गुंजायमान हो गया। गांव के जंगल में ही शहीद के शव का अंतिम संस्कार किया गया।
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शहीद मनोज कुमार को पुलिसकर्मियों ने दी अंतिम विदाई
इस दौरान प्रदेश सरकार की ओर से नामित कैबिनेट मंत्री सतीश महाना और गन्ना विकास मंत्री सुरेश राणा भी मौजूद रहे। मुखाग्नि बड़े भाई रमेशचंद ने दी। रामपुर से आई सीआरपीएफ की टुकड़ी ने शहीद को अंतिम सलामी दी। इस दौरान डीएम डीके सिंह, एसएसपी बबलू कुमार के अलावा तमाम जनप्रतिनिधि और ग्रामीण मौजूद रहे।
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शहीद मनोज कुमार को श्रद्धांजलि देते नेता
गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ के सुकमा में हुए नक्सली हमले में शहीद हुए 26 जवानों में मुजफ्फरनगर के गांव निरगाजनी का मनोज कुमार भी शामिल थे। मनोज की शहादत की खबर मिलते ही परिवार सहित पूरे गांव में कोहराम मच गया था। शहीद के घर पर रिश्तेदारों, जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने पहुंचकर परिवार के सदस्यों को सांत्वना दी।
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शहीद मनोज कुमार का अंतिम संस्कार किया गया
छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में सोमवार की दोपहर करीब 12.25 बजे नक्सलियों ने घात लगाकर हमला किया था। हमले में सीआरपीएफ की 74वीं बटालियन के 26 जवान शहीद हुए। इस हमले में मुजफ्फरनगर के भोपा थाना क्षेत्र के निरगाजनी गांव निवासी जवान मनोज कुमार भी शहीद हो गए।
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शहीद मनोज कुमार
सोमवार की रात करीब 11 बजे सीआरपीएफ मुख्यालय से मनोज कुमार की शहादत की सूचना उसके भाई रमेश को दी गई थी। मनोज के शहीद होने का पता चलते ही परिवार में कोहराम मच गया था। पूरे गांव में शोक पसर गया। आठ भाई-बहनों में तीसरे नंबर के मनोज की शहादत के बारे में जिसने भी सुना वह सिहर उठा। मां, बहनें और भाइयों की चीत्कार पूरे गांव में गूंज रही है। मनोज अविवाहित था। तीन दिन पहले मनोज की अपने भाई रमेश से फोन पर बात हुई थी, जिसमें उसने अगले माह गांव के ही सीआरपीएफ के जवान राजेंद्र की शादी में घर आने की बात कही थी।
शहीद के घर पहुंचे केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ संजीव बालियान
शहीद के घर मंगलवार को रिश्तेदारों, अफसरों और नेताओं की भीड़ जुटी रही। सूचना मिलने पर केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ संजीव बालियान भी गांव पहुंचे और शहीद के परिवार को सांत्वना दी। मंत्री ने परिवार के एक व्यक्ति को सरकारी नौकरी और परिजनों को 20 लाख रुपये मुआवजा दिए जाने की भी घोषणा की।