हस्तिनापुर क्षेत्र के भीमकुंड गंगा घाट पर मंगलवार सुबह हुए नाव हादसे में मंगलवार देर शाम तक गंगा में डूबे व्यक्ति का कोई सुराग नहीं मिला था। बुधवार सुबह 7:30 बजे सर्च अभियान की शुरुआत की गई। 12 बजे तक सर्च अभियान में पीएससी की फ्लड कंपनी और एसडीआरएफ की टीम को गंगा में डूबे व्यक्ति तलाश में जुटी रही। तकरीबन पांच घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद टीम शव को गंगा से ढूंढ पाई।
प्रशासन द्वारा अभी तक मिले आंकड़ों के आधार पर नाव में करीब 15 लोगों के होने की संभावना जताई गई है। जिनमें से 13 लोगों को सकुशल बचा लिया गया। वहीं नाव हादसे में मोनू राणा की मौत हो गई थी। महेश चंद पुत्र बलवंत जो जलीलपुर ब्लॉक में शिक्षक हैं वह अभी तक लापता चल रहे थे। उनकी तलाश में बुधवार सुबह 7:30 बजे एसडीएम अखिलेश यादव की मौजूदगी में सर्च अभियान चलाया जिसमें पीएससी की फ्लड कंपनी और एसडीआरएफ की टीम लगी। करीब पांच घंटे तक चले सर्च अभियान के बाद उनका शव मिला है। वहीं घटनास्थल पर लापता महेश चंद के परिजन और रिश्तेदार सुबह से उनकी तलाश में गंगा किनारे बैठे हुए थे। बेटे का शव देखते ही परिजनों में कोहराम मच गया।
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हस्तिनापुर में हादसा।
- फोटो : अमर उजाला
बताया गया कि मंगलवार को सुबह के समय करीब दो दर्जन लोग नाव से गंगा पार कर रहे थे, इसी दौरान नाव गंगा में डूब गई। नाव के गंगा में डूबते ही हाहाकार मच गया। वहीं आनन-फानन अधिकतर लोगों को बचा लिया गया, लेकिन एक की मौत हो गई तो एक शिक्षक अभी तक लापता चल रहे थे। वहीं गंगा में हुए हादसे की खबर से शासन-प्रशासन के अधिकारियों में हड़कंप मचा है।
मुख्यमंत्री ने नाव हादसे का लिया संज्ञान
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मेरठ नाव हादसे का तुरंत संज्ञान लिया। मुख्यमंत्री ने मौके पर मौजूद सभी अधिकारियों को राहत कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। साथ ही जिलाधिकारी, पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी और एनडीआरएफ की टीम को मौके पर जाकर राहत कार्य को युद्धस्तर पर कराने के निर्देश दिए हैं।
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हस्तिनापुर में हादसा।
- फोटो : अमर उजाला
सीएम योगी द्वारा दिए गए निर्देश के बाद जिलाधिकारी दीपक मीणा, एसएसपी रोहित सिंह सजवान, एसडीएम अखिलेश यादव, तहसीलदार आकांक्षा जोशी साहित दर्जनों अधिकारी मौके पर पहुंचे और राहत बचाव कार्य शुरू कराया। उधर, बिजनौर की ओर मुरादाबाद से गोताखोर बुलाए गए। एसडीएम चांदपुर और सीओ चांदपुर भी मौके पर मौजूद रहे।
अधिकारी राहत-बचाव कार्य शुरू कराने में जुटे रहे। उधर, राज्य मंत्री दिनेश खटीक ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। वहीं पूर्व विधायक योगेश वर्मा भी घटनास्थल पर पहुंचे और पीड़ित लोगों से पूछताछ भी की।
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हस्तिनापुर में हादसा।
- फोटो : अमर उजाला
ऐसे हुआ था हादसा
हस्तिनापुर क्षेत्र के भीमकुंड गंगा घाट पर पुल की एप्रोच रोड टूटने से गंगा में अवैध नाव संचालन किया जा रहा था। मंगलवार सुबह करीब दो दर्जन लोगों और एक दर्जन मोटरसाइकिल से भरी नाव बीच गंगा की धारा में पहुंची तो नाव का बैलेंस बिगड़ गया। इस दौरान नाव गंगा की धारा में समा गई। वहीं स्थानीय लोगों की मदद से दर्जनों लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया, लेकिन एक की मौत हो गई जबकि एक लापता हो गया था।
बुधवार को सुबह से ही सर्च अभियान शुरू कराया गया लेकिन लापता शिक्षक का कोई सुराग नहीं लग सका। पांच घंटे की जद्दोजेहद के बाद शव टीम को मिला। बताया गया कि मंगलवार को हादसे के करीब तीन घंटे बाद प्रशासन द्वारा राहत-बचाव कार्य शुरू कराया गया। इसी बात को लेकर स्थानीय लोगों में रोष है।