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आखिरी सलाम: मेजर शुभम सैनी की अंतिम यात्रा में उमड़ा जनसैलाब, भारत माता के जयकारों से गूंजा मेरठ

Mon, 19 Jan 2026 11:01 AM IST
डिंपल सिरोही न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ

सार

देहरादून-चकराता मार्ग पर हादसे में शहीद हुए मेजर शुभम सैनी का पार्थिव शरीर रविवार को मेरठ पहुंचा। अंतिम यात्रा में जनसैलाब उमड़ा, भारत माता के जयकारों से माहौल गमगीन हो गया।

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मेजर शुभम सैनी - फोटो : अमर उजाला
देहरादून-चकराता मार्ग पर हादसे में जान गंवाने वाले मेजर शुभम सैनी (27) का पार्थिव शरीर तिरंगे में लपेटकर रविवार को उनके घर लाया गया। मां रीता बेटे  के चेहरे पर हाथ फेरने लगीं। वह रोते हुए कह रही थीं कि बेटा एक बार उठजा...मैं तो तेरे सिर पर सेहरा देखना चाहती थी। मां के आंसुओं को देखकर महिलाओं व अन्य लोगों की आंखें भी नम  हो गईं। 

सरस्वती विहार कॉलोनी स्थित उनके घर पर दोपहर 1:10 बजे  मेजर का पार्थिव शरीर पहुंचने पर अंतिम दर्शन के लिए जनसैलाब उमड़ा। रोहटा रोड स्थित घसौली गांव के निवासी शुभम सैनी के पिता सत्तेन लगभग 15 वर्षों से परिवार के साथ सरस्वती विहार में रह रहे हैं। सत्तेन सैनी आर्मी से सूबेदार के पद से रिटायर्ड हैं। 
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मेजर शुभम सैनी - फोटो : अमर उजाला
शुभम देहरादून के चकराता में मेजर पद पर 15 आर्म्ड में तैनात थे। सत्तेन ने बताया कि शनिवार दोपहर उनके मोबाइल पर फोन आया कि  शुभम की कार शुक्रवार को एक वाहन को बचाने के प्रयास में अनियंत्रित होकर 50 फीट नीचे खाई में गिर गई। शुभम को अस्पताल में ले जाया गया। यहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया था। 

रविवार को सेना के अधिकारी व मेजर यूनिट के साथी उनके पार्थिव शरीर विहार पहुंचे। जब मेजर के पार्थिव शरीर को लेकर जाया जा रहा था, तब शुभम की मां, बहन निधि व परिवार की महिलाएं रोते हुए बोलीं अभी मत लेकर जाओ। लगभग आधे घंटे बाद सरस्वती विहार से पार्थिव शरीर को पैतृक गांव घसौली ले जाया गया। लोगों ने पुष्प वर्षा कर भारत माता के जयकारे लगाए तो रोहटा रोड जयकारों से गूंज गई। सैन्य सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। बड़े भाई तुषार ने मुखाग्नि दी।
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मेजर शुभम सैनी - फोटो : अमर उजाला
ये सांत्वना देने पहुंचे 
मेजर शुभम सैनी का पार्थिव शरीर जैसे ही गांव में पहुंचा। गांव में जनप्रतिनिधियों का तांता लग गया। सांसद डॉ. राजकुमार सांगवान, विधायक गुलाम मोहम्मद, पूर्व विधायक जितेंद्र सतवाई, रवि भारत चिकारा, रालोद नेता सुनील रोहटा, मांगेराम शर्मा, भाजपा नेता पंडित सुनील भराला व सतेंद्र भराला, ग्राम प्रधान प्रदीप घसौली, जंगेठी ग्राम प्रधान नीटू, बिजेंद्र प्रमुख समेत अन्य मौजूद रहे।     

पिता बोले बेटे पर गर्व है
 
पिता रोते हुए एक बार बेटे के चेहरे को देखते और एक बार आसमान की तरफ। नम आंखों से पिता ने कहा कि बेटे पर गर्व है। ऐसा बेटा सबको दे। 
 
तिरंगा लेकर खड़े रहे युवा
मेजर शुभम की एक झलक पाने के लिए लोग पार्थिव शरीर पहुंचने पर और अंतिम यात्रा में उमड़ पड़े। बड़ी संख्या मेें लोग सड़क पर दिख रहे थे। महिलाएं अपने घरों की छत पर देर तक उन्हें अंतिम विदाई देने के लिए खड़ी रहीं। रास्ते में युवा तिरंगा लेकर खड़े दिखाई दिए।

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मेजर शुभम सैनी - फोटो : अमर उजाला
अमरनाथ गुफा के सामने ड्यूटी के दाैरान मिली थी मेजर की रैंक
शुभम सैनी बाबा अमरनाथ के भक्त थे। उन्हें मेजर रैंक अमरनाथ गुफा के सामने ड्यूटी के दाैरान मिली थी। अपने असाधारण व्यक्तित्व और सरल स्वभाव के कारण वे परिवार और आसपास के लोगों के बीच अत्यंत प्रिय थे। 
 
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मेजर शुभम सैनी - फोटो : अमर उजाला
मेजर के मामा के बेटे डॉ. पवन कुमार सैनी ने बताया कि वर्ष 2024 में शुभम की ड्यूटी अमरनाथ यात्रा में थी। इसी दौरान उन्हें पदोन्नति मिली थी। वे युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत थे। परिवार में पिता सतेंद्र, मां रीता के अलावा भाई तुषार, बहन निधि है। 

तुषार नोएडा एक सॉफ्टवेयर कंपनी में इंजीनियर है। बेटी निधि आर्मी स्कूल में शिक्षिका हैं। भाजपा के मंडल अध्यक्ष धीर सिंह सैनी, पूरन सैनी,  इंद्रपाल सैनी, डॉ. बलराम सैनी ने कहा कि मेजर शुभम सैनी का जाना समाज और देश के लिए एक बहुत बड़ी क्षति है। उनकी देशभक्ति और सादगी को हमेशा याद रखा जाएगा। 
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