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Saharanpur: संदिग्ध को दी शरण और 11 माह में लुकमान ने खड़ा कर लिया आतंकी नेटवर्क, मिले कई सबूत

Tue, 11 Oct 2022 01:22 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहारनपुर
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आठ संदिग्ध आतंकी पकड़े। - फोटो : amar ujala

एक बार फिर सहारनपुर जनपद का नाम आतंकी गतिविधियों से जुड़ा है। यूपी एटीएस द्वारा पकड़े गए आठ संदिग्ध आतंकियों में चार सहारनपुर के अलग-अलग जगहों के रहने वाले हैं, जो आपस में संपर्क में थे और जमात उल मुजाहिद्दीन बांग्लादेश (जेएमबी) से जुड़े थे। 

आतंकवाद विरोधी दस्ता (एटीएस) ने थाना गागलहेड़ी के गांव सैय्यद माजरा से लुकमान पुत्र इमरान को गिरफ्तार किया है, जो मदरसे में शिक्षक रहा है। एटीएस के मुताबिक लुकमान ने अहसान व मुफक्किर निवासी बांग्लादेशी से मुलाकात की, जिन्होंने लुकमान को अपने आतंकी संगठन से जोड़ा और सैय्यद माजरा में उसके मदरसे को ठिकाना बना लिया। यहां रहते हुए इन्होंने पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बड़ा आतंकी नेटवर्क खड़ा कर लिया। बताया गया कि ये सभी आतंकी कट्ठरपंथी विचारधारा के लोगों को खुद से जोड़ने के साथ ही उन्हें जिहाद के लिए प्रेरित कर रहे थे। यूपी एटीएस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए आठ संदिग्ध गिरफ्तार किए हैं जिनमें चार सहारनपुर से हैं। अब इनसे पूछताछ की जा रही है।

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संदिग्ध लुकमान - फोटो : अमर उजाला
जिहादी किताबें, पेन ड्राइव व अन्य सामान बरामद
लुकमान ने बांग्लादेशी निवासी आतंकी अब्दुल तल्हा को अपने यहां 11 माह शरण दी और मदरसा शिक्षक के रूप में पैसा भी दिया। लुकमान के पास से चार जिहादी किताबें, पेन ड्राइव, दो मेमोरी कार्ड व दो मोबाइल फोन बरामद हुए हैं। पेन ड्राइव में आतंकी गतिविधियों से संबंधित वीडियो, ऑडियो और फोटो सेव किए गए थे। 

 
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संदिग्ध सहजाद, देवबंद, संदिग्ध आतंकी - फोटो : अमर उजाला
कामिल के अकाउंट में तल्हा ने मंगाए थे फंडिंग के ढाई लाख रुपये
एटीएस के अनुसार इसी तरह गांव मनोहरपुर निवासी कारी मुख्तयार भी लुकमान, मुफक्किर, अलीम व शहजाद का साथी है। इसके पास से एक मोबाइल फोन बरामद हुआ है। देवबंद के गांव जाहीरपुरा निवासी कामिल को भी एटीएस ने पकड़ा है, जिसका हाल पता सलेमपुर थाना रानी जनपद हरिद्वार है। इसको मुदस्सिर के साथ वहीं से पकड़ा गया है। इसने अलीनूर व तल्हा बांग्लादेशी को सलेमपुर में घर किराए पर दिलवाकर शरण दी। इसके एकाउंट में तल्हा ने फंडिंग के रूप में ढाई लाख रुपये मंगवाए थे। 

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संदिग्ध अलीम - फोटो : अमर उजाला
ये हुए गिरफ्तार
कैलाशपुर निवासी मोहम्मद अलीम को भी गिरफ्तार किया गया। एटीएस के मुताबिक, मोहम्मद अलीम को आतंकी संगठन का सक्रिय सदस्य बनाया। अलीम अहसान बांग्लादेशी को लुकमान, शहजाद व कारी मुख्तयार से मिलवाया था। इनके अलावा शहजाद निवासी नंगला नाई झिंझाना जनपद शामली, मुदस्सिर निवासी नंगला इमरती जनपद हरिद्वार, अलीनूर बांग्लादेशी, नवाजिश अंसारी निवासी झारखंड को गिरफ्तार किया गया है। 
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संदिग्ध कामिल, देवबंद, संदिग्ध आतंकी - फोटो : अमर उजाला
आतंकी संगठनों से जुड़े होने के मिले ठोस सुबूत 
पकड़े गए चारों आरोपियों के पास से से पेन ड्राइव, मोबाइल फोन और अन्य दस्तावेज मिले हैं। इन चारों संदिग्ध आतंकियों को कुछ माह पूर्व पकड़े गए आतंकी अब्दुल तल्हा और नवाजिश ने आतंकी संगठनों से जोड़ा था। इसके बाद इन्होंने जनपद सहित पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अपना नेटवर्क खड़ा कर लिया। 
 
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संदिग्ध लुकमान - फोटो : अमर उजाला
पकड़े आरोपियों के परिवार की स्थिति 
लुकमान के परिवार में पत्नी और सात बच्चे हैं। इसके अलावा छह भाई हैं। लुकमान गांव सैय्यद मजरा दारे अकरम नाम से मदरसा चलाता है। लुकमान के पिता इमरान भगवानपुर रोड गागलहेड़ी में जड़ी बूटी की दुकान चलाते हैं। अलीम के परिवार में तीन भाई और एक बहन है। अलीम शादीशुदा है और उसके एक पुत्री है। 
 
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देवबंद - फोटो : अमर उजाला
ऐसे बनाया अपना नेटवर्क 
एटीएस के मुताबिक आतंकी अब्दुल तल्हा व नवाजिश ने अपना नेटवर्क करीब एक साल पहले से बनाना शुरू कर दिया था। अब्दुल तल्हा का संपर्क लुकमान से हुआ। झारखंड गिरीडीह निवासी नवाजिश भी सहारनपुर के देवबंद में रहा है। दोनों ने मिलकर लुकमान से संपर्क किया। तल्हा ने लुकमान के मदरसे में शिक्षक के रूप में नौकरी की। इसके बाद लुकमान, तल्हा, नवाजिश ने मिलकर कामिल कारी मुख्तार, अलीम से संपर्क किया और अपने संगठन से जोड़ दिया।
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