चंद्रशेखर ऊर्फ रावण
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बसपा के बाद अब भीम आर्मी नई ताकत के रूप में सामने आई है। भीम आर्मी प्रमुख अनुसूचित जाति के मतदाताओं के अलावा मुस्लिम और ओबीसी की गोलबंदी में लग गए हैं, ताकि 2019 के चुनाव में अपनी राजनीतिक शक्ति का लोहा मनवा सके। करीब 38 लाख की आबादी वाले जिले से सहारनपुर और कैराना लोकसभा से जुड़ी हैं, जबकि सात विधानसभाएं है। इनमें नकुड़ और गंगोह कैराना संसदीय क्षेत्र में है। फिलहाल 26 लाख मतदाता है, मगर नए वोटरों के जुड़ने के कारण यह संख्या आगामी लोकसभा चुनाव में बढ़ने की उम्मीद हैं। जिले में बरसों से दलित राजनीति प्रभावी रही है।