अंतिम यात्रा में उमड़ा जनसैलाब
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मुजफ्फरनगर के अलावा बागपत और मेरठ में भी शोक है। प्रशांत का पैतृक गांव बागपत जनपद का बिजरौल है। उनके पिता शीशपाल चार भाई हैं। करीब 15 साल पहले शीशपाल और उनके बाकी तीनों बड़े भाई रामपाल, राजपाल, ब्रजपाल गांव बिजरौल से आकर शहर में बुढ़ाना मोड़ स्थित खांजापुर गांव में रहने लगे थे। अब एक भाई राजपाल शाहपुर में रहते हैं। प्रशांत का जन्म बिजरौल गांव में हुआ था। पिता शीशपाल वर्ष 2003 में सेना में नायक पद से रिटायर हुए। वो वर्तमान में नरा बिजलीघर पर सिक्योरिटी गार्ड के पद पर कार्यरत हैं।