मां देख तिरंगा मेरे तन पर, कितना सुंदर खिलता है। ऐसा कफन मेरी मां बस, किस्मत वालों को मिलता है। देकर समर्पण मातृभूमि को, गर्व से मैं इठलाता हूं। मैं तेरा बेटा बनकर आया, इस दुनिया में मां, लेकिन भारत मां का बेटा बनकर इस दुनिया से जाता हूं। आपके हवाले वतन... मैं चला अंतिम यात्रा पर...