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किसान महापंचायत : नीले सूट में ट्रैक्टर पर सवार होकर मंच तक पहुंची प्रियंका गांधी, भाजपा पर जमकर बरसीं, तस्वीरें

Sun, 07 Mar 2021 03:34 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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ट्रैक्टर पर सवार होकर जाती प्रियंका गांधी - फोटो : अमर उजाला
कृषि कानूनों पर सरकार व किसानों में जारी तकरार के बीच कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी आज चौथी बार पश्चिमी यूपी के रण में अपनी धमक दिखाने पहुंचीं। मेरठ से सटे सरधना विधानसभा के कैली गांव में आज प्रियंका गांधी किसानों की नव्ज भांपने की कोशिश की। मेरठ पहुंचने पर जहां कई स्थानों पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं व महिलाओं ने उनका फूलमालाओं से स्वागत किया। वहीं प्रियंका गांधी ट्रैक्टर पर सवार होकर महापंचायत स्थल पहुंचीं और क्षेत्र की जनता का अभिवादन किया। उन्होंने मंच से भाजपा पर जमकर हमला बोला। देखें ये तस्वीरें: -
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ट्रैक्टर पर सवार होकर जाती प्रियंका गांधी - फोटो : अमर उजाला
कैली गांव में महापंचायत स्थल पर मंच से प्रियंका गांधी ने भाजपा पर जमकर हमला बोला और कृषि कानूनों को लेकर किसानों की हिमायत की। महापंचायत स्थल पर दो मंच बनाए गए, एक पर प्रियंका गांधी अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे वहीं दूसरे मंच पर स्थानीय और प्रदेश स्तर के पदाधिकारी मौजूद रहे।
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ट्रैक्टर पर सवार होकर जाती प्रियंका गांधी - फोटो : अमर उजाला
किसान महापंचायत में प्रियंका गांधी नीले सूट-सलवार और सफेद दुपट्टे में नजर आई। वह ट्रैक्टर पर सवार होकर महापंचायत स्थल तक पहुंचीं। इस दौरान पार्टी के कार्यकर्ताओं भी उनके साथ मौजूद रहे। वहीं कांग्रेस समर्थकों और किसानों ने प्रियंका गांधी का जोरशोर से स्वागत किया।

किसान महापंचायत में प्रियंका के कद को देखते हुए भीड़ जुटाना कांग्रेसियों के लिए बड़ी चुनौती बना रहा। क्योंकि जिस क्षेत्र में कांग्रेस ने यह जनसभा रखी है, वहां किसान आंदोलन का कोई खास असर नजर नहीं आ रहा है। उम्मीद से काफी कम संख्या में भीड़ महापंचायत में पहुंची।

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किसान महापंचायत में शामिल किसान - फोटो : अमर उजाला
प्रियंका गांधी ट्रैक्टर में सवार होकर मंचस्थल तक पहुंची और क्षेत्र की जनता का अभिवादन किया। उन्होंने मंच से किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि यह मेरठ की धरती है। यहीं से स्वतंत्रता संग्राम का पहला विद्रोह शुरू हुआ। उस आजादी की लड़ाई में किसान शामिल रहे। हजारों किसान आंदोलन में जुटे। बहुत लोग शहीद हुए।

अंग्रेजी साम्राज्य किसानों को परेशान कर रहा था। भाजपा की सरकार भी किसानों का शोषण कर रही है। ऐसे कानून हैं जिससे आपकी कमाई ठीक से नही मिल पाएगी। ये कृषि कानून बड़े उद्योगपतियों को लाभ देगा। तीनों कृषि कानून में खरबपति और दूसरी तरफ आप, तो आपको क्या लाभ मिलेगा?
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प्रियंका गांधी, किसान महापंचायत मेरठ - फोटो : अमर उजाला
उन्होंने कहा कि इन कानूनों को बनाने से पहले किसी किसान से नहीं पूछा गया। आज सौ दिन पूरे हो  गए। किसान दिल्ली बॉर्डर पर क्यों बैठे हैं, अगर कानून आप लोगो के लिए बने हैं। किसानों ने इस देश को आजादी दिलाई। किसान में हिम्मत की कमी नहीं। आत्मशक्ति की कमी नहीं है। अगर किसान बॉर्डर पर बैठा है, तो क्या प्रधानमंत्री को उसका आदर नही करना चाहिए। पानी काटा गया, बिजली काटी गई?

कहा कि अमेरिका, पाकिस्तान, चीन घूमकर आए लेकिन अपने यहां ही नही जा रहे। उनकी सरकार बड़े बड़े  उद्योगपतियों के लिए चल रही है। उनके केवल दो ही मित्र हैं। बिजली के दाम बढ़ गए, पेट्रोल-डीजल का दाम बढ़ गया। हर तरफ से आप पर वार है। इस स्थिति को बदलने के लिए खड़े रहना पड़ेगा। आपकी जो परिस्थिति सरकार ने बनाई है। यही परिस्थिति आपको सरकार की बनानी है।
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मंच से किसानों को संबोधित करतीं प्रियंका गांधी - फोटो : अमर उजाला
किसानों से कहा - आपके गन्ने का बकाया नही, हवाई जहाज खरीदे
प्रियंका गांधी ने मंच से कहा कि उत्तर प्रदेश का बकाया 10 हजार करोड़ है। मोदी जी ने दो हवाई जहाज खरीदे है। 16 हजार करोड़ में हवाई जहाज खरीदे हैं। पूरे देश का बकाया 15 हजार करोड़ है। संसद के सौन्द्रीयकर्ण के लिए 20 हजार करोड़ रखे हैं। आपके बीमे से 26 हजार करोड़ गए उनके दोस्तों की जेब में।
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किसान महापंचायत में शामिल किसान - फोटो : अमर उजाला
उम्मीद से कम रही भीड़
कांग्रेस की महापंचायत में तकरीबन पचास हजार से ज्यादा भीड़ का लक्ष्य रखा गया था लेकिन कार्यकर्ता इतनी भीड़ नहीं जुटा सके। दरअसल, किसान महापंचायत कैली गांव में रखने का एक मकसद यह भी था कि यहां आसपास के जनपदों से भी किसानों के आने की उम्मीद जताई जा रही थी लेकिन महापंचायत में उम्मीद से कम भीड़ नजर आई।

बता दें कि गांव कैली ठाकुर चौबीसी में आता है। इसके पास सिर्फ रुहांसा और सकौती गांव ऐसे हैं, जहां मुस्लिम और जाट बिरादरी के लोग हैं। बाकी गांव ठाकुर और गुर्जर बिरादरी के हैं। इस क्षेत्र में अभी तक भी किसान आंदोलन का कोई असर नजर नहीं आया है। इसे दबी जुबान से कांग्रेसी भी स्वीकार कर रहे हैं। महापंचायत स्थल की बात करें तो दोपहर तक भी किसान महापंचायत में किसानों की भीड़ नहीं जुट सकी।
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