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पश्चिमी यूपी में प्रियंका गांधी की ताबड़तोड़ रैलियों ने बढ़ाई भाजपा की मुश्किल, तस्वीरों में जानें सियासत का बदलता गणित

Sun, 07 Mar 2021 06:30 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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ट्रैक्टर पर सवार होकर जाती प्रियंका गांधी - फोटो : अमर उजाला
कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली के गाजीपुर बॉर्डर पर किसानों का धरने पर डटे हैं। वहीं पश्चिमी यूपी में किसान आंदोलन में जान फूंकने और सियासी जमीन पर पकड़ बनाने की कोशिशों में लगातार महापंचायतों को दौर जारी है।

एक तरफ इन महापंचायतों को किसानों के शक्ति प्रदर्शन के तौर पर देखा जा रहा है, वहीं दूसरी ओर इन्हें पश्चिमी यूपी की बदलती राजनीति के रूप में भी देखा जा रहा है। रालोद के बाद पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कांग्रेस पार्टी की लगातार हो रही किसान महापंचायतों ने भाजपा के लिए मुश्किलें खड़ी कर दी हैं: -

 
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ट्रैक्टर पर सवार होकर जाती प्रियंका गांधी - फोटो : अमर उजाला
कृषि कानूनों के विरोध को आधार बनाकर एक तरफ आंदोलन के जरिए हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में किसानों को एकजुटता का पाठ तो पढ़ाया जा ही रहा है, वहीं किसान संगठन अपनी पकड़ मजबूत करने सियासी जमीन तलाशने की कोशिश में जुट गए हैं।

इसी बीच राजनीतिक पार्टियां भी माहौल भुनाने की कोशिश में जुटी हैं। इससे जाहिर है कि पश्चिमी यूपी में कहीं न कहीं सियासत का गणित बदलता नजर आ रहा है।

 
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पोस्टरों पर लिखा नो फारमर नो फूड - फोटो : amar ujala
किसान महापंचायतों की शुरूआत भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत के गृह जनपद मुजफ्फरनगर से हुई। 30 जनवरी को हुई इस महापंचायत में किसानों की भारी भीड़ उमड़ी। इसके बाद से किसान महापंचायतों का सिलसिला लगातार जारी है।

यह भी पढ़ें:  मेरठ में किसान महापंचायत : प्रियंका गांधी का हमला, अंग्रेजों की तरह किसानों का शोषण कर रही भाजपा सरकार

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राकेश टिकैत - फोटो : amar ujala
आंदोलन के बीच किसान महापंचायतों से जहां भारतीय किसान यूनियन को अपनी खोई ताकत वापस मिली है तो वहीं रालोद भी अपनी पकड़ मजबूत करने में जुटा है। 

कांग्रेस किसानों की नव्ज भांपने की कोशिशों में जुट गई, तो आम आदमी पार्टी ने भी किसान पंचायत का आयोजन कर पश्चिमी यूपी की राजनीति में अपनी उपस्थिति दर्ज करा दी।

 
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खानकाह में जियारत करती प्रियंका गांधी - फोटो : amar ujala
अगले वर्ष होने वाले विधानसभा चुनाव को देखते हुए कांग्रेस ने अपने अभियान की शुरुआत पश्चिमी उत्तर प्रदेश से की है। ऐसे में वेस्ट यूपी के किसानों का दिल जीतने का जिम्मा कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने उठाया है।

वह अब तक वेस्ट यूपी में चार किसान महापंचायतों को संबोधित कर चुकी हैं। इन महापंचायतों की शुरूआत प्रियंका ने सहारनपुर के श्री शाकंभरी देवी मंदिर में पूजा-अर्चना से की थी।
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मेरठ में इंदिरा गांधी व प्रियंका गांधी की तस्वीर लेकर पहुंचे कार्यकर्ता - फोटो : अमर उजाला
सहारनपुरा के चिलकाना में किसान पंचायत में पहुंचीं प्रियंका गांधी ने कहा कि कृषि कानून पीएम मोदी के खरबपति मित्रों के लिए जमाखोरी के दरवाजे खोलेगा। खरबपति और करोड़पति लोग प्राइवेट मंडियां खोलेंगे और फिर सरकारी मंडियों को बंद कर दिया जाएगा।

मुजफ्फरनगर में हुई किसान पंचायत में प्रियंका गांधी ने पीएम नरेंद्र मोदी की तुलना पुरानी कहानियों के घमंडी राजा से कर डाली थी। किसान पंचायतों के दौरान वह भाजपा सरकार पर जमकर हमले बोलतीं नजर आईं।
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priyanka gandhi - फोटो : amar ujala
प्रियंका गांधी के शाकंभरी देवी और खानकाह रायेपुर जाने के सियासी मायने निकाले जा रहे हैं। माना जा रहा है कि प्रियंका ने हिंदू और मुस्लिम दोनों को साधने की कोशिश की।

गंगा और यमुना नदियों के दोआब में स्थित इन दोनों धार्मिक स्थलों से बड़ी तादाद में हिंदू और मुस्लिम समुदाय के लोगों की आस्था जुड़ी है।


 

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priyanka gandhi - फोटो : amar ujala
श्री शाकंभरी देवी वेस्ट यूपी का विख्यात सिद्धपीठ है, वहीं खानकाह रायेपुर भी ऐतिहासिक और धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थान है। जंग-ए-आजादी में खानकाह की अहम भूमिका रही है। यहीं से तहरीक-ए-रेशमी रुमाल चली थी।

सियासी गलियारों में चर्चा रही कि हिंदू और मुस्लिम समुदायों के लोगों की भावनाओं से जुड़ने के लिए प्रियंका यहां पहुंचीं।

 

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ट्रैक्टर पर सवार होकर जाती प्रियंका गांधी - फोटो : अमर उजाला
पश्चिमी उत्तर प्रदेश की बात करें तो यहां संवेदनशील मुद्दे हमेशा से चुनावी रणनीति के केंद्र में रहे हैं। यहां से बना माहौल पूरे प्रदेश के राजनीतिक परिदृष्य को प्रभावित करता है। ऐसे में विपक्षी पार्टियां आंदोलन के जरिए राजनैतिक समीकरण बदलना चाहती हैं।

इसी सिलसिले में कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, बिजनौर व मेरठ में किसानों की नव्ज भांपने की कोशिश में जुटी हैं।
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priyanka gandhi - फोटो : amar ujala
कांग्रेस पार्टी भी आंदोलन के बीच पश्चिमी यूपी में अपना जनाधार बढ़ाना चाहती है। यही कारण है कि कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तर्ज पर शाकंभरी मंदिर में पूजा- अर्चना कर राजनीतिक अभियान का श्रीगणेश किया।

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