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UP: '23 साल का साथ छूटा, अब 51 की उम्र में कहां जाएं', सेंट्रल मार्केट में पलायन और मकान बिकाऊ के लगे पोस्टर

Sat, 11 Apr 2026 12:22 PM IST
Sharukh Khan अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ

सार

मेरठ के शास्त्रीनगर के सेंट्रल मार्केट में सुप्रीम कोर्ट के ध्वस्तीकरण आदेश के बाद हालात तनावपूर्ण हो गए हैं। रोते-बिलखते व्यापारियों ने सरकार से कार्रवाई की मांग की है। व्यापारियों का दावा है कि शमन के लिए 70 करोड़ जमा किए, फिर भी सीलिंग हुई।
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meerut central market sealing - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
मेरठ के शास्त्रीनगर के सेंट्रल मार्केट में 44 व्यावसायिक निर्माणों पर सीलिंग की कार्रवाई के बाद पूरे बाजार में वीरानी छा गई है। सुप्रीम कोर्ट के ध्वस्तीकरण आदेश के बाद से ही व्यापारियों में हड़कंप था जिसके चलते लगभग 150 दुकानदारों ने खुद ही शटर हटाकर वहां दीवारें, दरवाजे और खिड़कियां लगा लीं। 

सीलिंग की इस कार्रवाई ने जहां व्यापारियों की कमर तोड़ दी है वहीं यहां काम करने वाले हजारों लोगों के सामने भी आजीविका का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। व्यापारियों के अनुसार खुद बंद की गई दुकानों से सीधे तौर पर 10 हजार लोग प्रभावित हुए हैं। 
 
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सेंट्रल मार्केट में सीलिंग प्रक्रिया - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
बुधवार को हुई 44 भवनों की सीलिंग से इनमें स्थित 350 से अधिक दुकानें बंद हो गईं, जिससे गारमेंट्स, स्पोर्ट्स, बैग, खान-पान की दुकानों सहित स्कूल और अस्पतालों में काम करने वाले करीब 5 हजार लोगों की रोजी-रोटी छिन गई है। 

 
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शास्त्रीनगर गुरुद्वारा रोड पर सानफोर्ड अस्पताल पर आवास विकास की टीम ने लगाईं सील - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
व्यापारियों का अनुमान है कि इस पूरे प्रकरण से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगभग 40 हजार लोगों की जीविका प्रभावित हुई है। शनिवार को भी व्यापारियों और श्रमिकों ने इकट्ठा होकर अपनी पीड़ा व्यक्त की और प्रदर्शन किया। 
 

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.शास्त्रीनगर गुरुद्वारा रोड पर अमेरिकन किड्स स्कूल पर आवास विकास की टीम ने लगाईं सील - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
23 साल का साथ छूटा, अब 51 की उम्र में कहां जाएं
दुकानों और संस्थानों में काम करने वाले कर्मचारियों के चेहरे पर भविष्य को लेकर गहरी चिंता है। पिछले 23 साल से एक गारमेंट्स की दुकान पर काम कर रहे कमल (51 वर्ष) कहते हैं कि इस उम्र में अब वे नया काम कहां ढूंढेंगे और कौन उन्हें रोजगार देगा। 

 
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लोगों ने अपने शोरूम मकानों में बदलने की प्रक्रिया की शुरू, खुद चलाए हथौड़े - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
स्कूल में पिछले 7-8 साल से पढ़ा रही शिक्षिकाओं आशा, प्रिंसी और नगमा ने बताया कि स्कूल बंद होने से पूरा स्टाफ मायूस है। प्रबंधक को आसपास कोई व्यावसायिक स्थान नहीं मिल रहा। यदि स्कूल दूर शिफ्ट होता है तो परिवार वाले वहां जाकर काम करने की अनुमति देंगे या नहीं यह बड़ी चुनौती है।
 
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लोगों ने पलायन के पोस्टर लगाए - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
सेंट्रल मार्केट में लगे पलायन और मकान बिकाऊ के पोस्टर
मेरठ के शास्त्रीनगर के सेंट्रल मार्केट में सुप्रीम कोर्ट के ध्वस्तीकरण आदेश के बाद हालात तनावपूर्ण हो गए हैं। शुक्रवार को व्यापारियों का धैर्य जवाब दे गया और उन्होंने अपनी संपत्ति पर पर पलायन व बिकाऊ है के पोस्टर चस्पा कर दिए।
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लोगों ने पलायन के पोस्टर लगाए, दर्द छलका, रोती रहीं महिलाएं - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
सूचना पर पहुंची पुलिस ने जब पोस्टर हटाने का प्रयास किया तो व्यापारियों का गुस्सा फूट पड़ा। महिलाओं और बच्चों के साथ सड़कों पर उतरे दुकानदारों ने रोते-बिलखते हुए प्रदर्शन किया और सरकार से पुनर्वास की गुहार लगाई।

 

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लोगों ने पलायन के पोस्टर लगाए - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश जेबी पारदीवाला और केवी विश्वनाथन की पीठ द्वारा 10-15 दिन का नोटिस देकर ध्वस्तीकरण के सख्त आदेश के बाद अब सेंट्रल मार्केट के भविष्य पर तलवार लटक गई है।

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लोगों ने पलायन के पोस्टर लगाए, दर्द छलका, रोती रहीं महिलाएं - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
प्रशासन और व्यापारियों के बीच बढ़ते टकराव ने पूरे शहर में तनाव पैदा कर दिया है। शुक्रवार को भी तिरंगा चौक से सेंट्रल मार्केट जाने वाले मार्ग पर सुबह से ही गहमागहमी का माहौल रहा।
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लोगों ने पलायन के पोस्टर लगाए, दर्द छलका, रोती रहीं महिलाएं - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
दुकानदारों ने अपनी संपत्तियों पर पलायन के पोस्टर लगाकर विरोध दर्ज कराया। जब नौचंदी थाना पुलिस ने पोस्टर हटाने के लिए दबाव बनाया और कार्रवाई का भय दिखाया तो व्यापारी उग्र हो गए। व्यापारियों ने दो टूक कहा, हमारी संपत्ति है, हम बेचें या रखें, वैसे भी अब यहां रहने के लिए कुछ बचा ही नहीं है। भारी विरोध के आगे पुलिस को पीछे हटना पड़ा।

 
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