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बसपा कार्यालय में जलाए पोस्टर व झंडे, नसीमुद्दीन के खिलाफ नारेबाजी, सभी दिल्ली तलब

Wed, 29 Mar 2017 09:50 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मेरठ

सार

हार की समीक्षा बैठक में भिड़े बसपाई, पश्चिमी प्रभारी नसीमुद्दीन सिद्दकी के सामने जमकर हुआ हंगामा और धक्का मुक्की, मंडल कोर्डिनेटर और एमएलसी अतर सिंह राव के सिर फोड़ा हार का ठीकरा, पार्टी कार्यालय के बाहर फूंका पुतला और भीतर की जमकर नारेबाजी, कार्यकर्ताओं के तेवर देख खिसक लिये नसीमुद्दीन सिद्दकी
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बसपा कार्यालय में बवाल
विधानसभा चुनाव में बसपा की हार की समीक्षा बैठक अखाड़ा बन गयी। पूर्व विधायक योगेश वर्मा और पूर्व जिलाध्यक्ष प्रशांत गौतम आपस में भिड़े तो कार्यकर्ता भी उलझ गये। इस दौरान मंडल कोर्डिनेटर और एमएलसी अतर सिंह राव को हटाने की नारेबाजी शुरू करते हुए कार्यकर्ताओं ने पुतला फूंका तो पश्चिम के प्रभारी नसीमुद्दीन सिद्दकी भी चुपचाप खिसक लिये। इस पूरे प्रकरण पर बसपा सुप्रीमो मायावती ने सभी प्रमुख नेताओं को दिल्ली तलब कर लिया है। 
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बैठक के पहले ही सील हो गया मीट प्लांट

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बसपा कार्यालय में नसीमुद्दीन सिद्दीकी के खिलाफ लगे नारे
विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद मंगलवार को बहुजन समाज पार्टी की पहली समीक्षा बैठक पार्टी कार्यालय पर हुई। हालांकि यह बैठक पहले हाजी याकूब कुरैशी के मीट प्लांट पर बुलायी गयी थी, लेकिन मीट को लेकर चल रहे बवाल के बीच हाजी याकूब ने अपने यहां बैठक करने में हिचकिचाहट दिखाई। इसके बाद बैठक के लिए हापुड़ रोड पर ही अलीपुर के पास एक दूसरे मीट प्लांट को तय किया गया, लेकिन इससे पहले कि बैठक हो पाती इस पर सील लग गयी। बाद में तीसरा स्थान रोहटा रोड के एक फार्म हाउस को चुना गया, लेकिन यहां भी विरोध की प्रबल संभावना को देखते हुए पार्टी कार्यालय पर ही बैठक का फैसला लिया गया। 
 
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नसीमुद्दीन सिद्दकी ने नाराजगी जतायी

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बसपा
मंगलवार को बैठक में जब नसीमुद्दीन सिद्दकी कार्यकर्ताओं को संबोधित करने खड़े हुए तो एक कार्यकर्ता ने अतर सिंह राव हटाओ का नारा लगा दिया। इस पर नसीमुद्दीन सिद्दकी ने नाराजगी जतायी और कार्यकर्ता को ऐसा करने से रोका। लेकिन पूर्व विधायक योगेश वर्मा बीच में बोल पड़े। उन्होंने कहा कि अतर सिंह राव को नहीं हटाया जाना चाहिए। उन्हें हटाना चाहिए जिनकी ड्यूटी उत्तरांखंड लगायी गयी थी, लेकिन वहां से हस्तिनापुर आकर मुझे चुनाव हरवाने का काम किया। 
 

बहस हुई और दोनों के समर्थक आपस में भिड़ गये

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बसपा कार्यालय में हंगामा
योगेश वर्मा के इतना कहते ही वहां मौजूद प्रशांत गौतम ‌भिड़ गये और बोले कि उत्तराखंड का जिक्र क्यों कर रहे हो। उल्लेखनीय है कि प्रशांत गौतम को उत्तराखंड के चुनाव में लगाया गया था और बगैर नाम लिये योेगेश वर्मा का इशारा प्रशांत गौतम की तरफ था। इसके बाद दोनों के बीच जमकर बहस हुई और दोनों के समर्थक आपस में भिड़ गये। इसके बाद जमकर हंगामे के बीच कार्यकर्ताओं के बीच मारपीट हो गयी। वहीं एक पक्ष ने अतर सिंह राव के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी और कार्यालय के बाहर पुतला फूंक दिया। 
 


 
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नसीमुद्दीन सिद्दकी चुपचाप बैठक स्थल से खिसके

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पार्टी के पोस्टर जलाते बसपा कार्यकर्ता
कार्यकर्ताओं के आक्रोश और विरोध को देख नसीमुद्दीन सिद्दकी चुपचाप बैठक स्थल से खिसक लिये और हाजी याकूब कुरैशी के साथ भीतर जाकर बैठ गये। बसपा सूत्रों की मानें तो अतर सिंह राव के साथ नसीमुद्दीन सिद्दकी का भी विरोध होना था। इसकी जानकारी भी नसीमुद्दीन को मिल गयी थी और उन्होंने सोमवार से ही प्रमुख नेताओं को फोन कर इस विरोध को शांत करने की कवायद भी शुरू कर दी थी। यही कारण था कि बैठक को भी वह हाजी याकूब कुरैशी के मीट प्लांट पर कराना चाहते थे। 
 
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कार्यालय के बाहर हुई फायरिंग 

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आपस में हाथापाई करते बसपा कार्यकर्ता
जिस समय कार्यकर्ता कार्यालय के बाहर अतर सिंह राव का पुतला फूंकते हुए नारेबाजी कर रहे थे, उस समय भीतर योगेश वर्मा और प्रशांत गौतम समर्थक आपस में भिड़ रहे थे। इस सारे हंगामें के बीच किसी ने कार्यालय के बाहर फायर कर दिया और फरार हो गया। इसकी सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और बाहर हंगामा कर रहे बसपाइयों को भीतर खदेड़ा। 
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मायावती ने किया दिल्ली तलब 

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आग से सिगरेट जलाता युवक
इस हंगामे की सूचना पर बसपा सुप्रीमो मायावती ने नसीमुद्दीन सिद्दकी, योगेश वर्मा, हाजी याकूब कुरैशी, प्रशांत गौतम, जिलाध्यक्ष सहित तमाम प्रमुख नेताओं को दिल्ली तलब कर लिया है। जबकि अतर सिंह राव पहले से दिल्ली में मौजूद थे। माना जा रहा है कि इस अनुशासनहीनता और गुटबाजी पर मायावती कोई सख्त एक्शन ले सकती हैं। 
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प्रशांत गौतम पार्टी से निष्कासित 

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समर्थकों को समझाते नसीमुद्दीन सिद्दीकी
हंगामे के दौरान जिलाध्यक्ष अश्वनी जाटव ने कार्यकर्ताओं के बीच जाकर उन्हें समझाने का प्रयास किया। लेकिन एक गुट के कार्यकर्ताओं ने उनसे ही हाथापाई कर डाली। बड़ी मुश्किल से कार्यकर्ताओं ने अश्वनी जाटव को बचाते हुए कार्यालय के भीतर भेजा। बसपा जिलाध्यक्ष अश्वनी जाटव ने बताया कि पार्टी हाईकमान के निर्देश पर पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने व अनुशासनहीनता के कारण प्रशांत गौतम व कांती प्रसाद को बसपा से निष्कासित कर दिया गया है। 
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