ट्रक में भरी काटे गए पेड़ों की लकड़ी
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लोगों ने आरोप लगाया कि हार्टीकल्चर विभाग की तरफ से गलत रिपोर्ट जारी कराई गई है। ऐसे में वन विभाग के अफसरों को मौके पर जाकर कटान की अनुमति देने से पहले खुद निरीक्षण करना चाहिए था। डीएफओ ने इस मामले में वन विभाग, हार्टीकल्चर और स्थानीय लोगों की संयुक्त कमेटी का गठन कर दिया है। पेड़ों की टेक्निकल रिपोर्ट और कमेटी के सदस्यों के मत लिए जाने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
लोगों ने कहा कि भ्रष्टाचार के कारण ऐसे मामलों में कार्रवाई नहीं हो पाती है। डीएफओ का घेराव करने वालों में एडवोकेट रामकुमार शर्मा, अजय गर्ग, विनीत कुमार गर्ग, डॉ. समीर, गुंजन शर्मा, विवेक राज, डॉक्टर शिशिर जैन, विरेंद्र यादव और डीएस गौतम आदि मौजूद रहे।