नेशनल हाइवे स्थित होटल ब्लैक पेपर में शुक्रवार रात अराजकता का आलम यह था कि सरकारी पिस्टल भी निकल आई। दरोगा, पार्षद और महिला तीनों ही पिस्टल के साथ जूझते रहे। बड़ा सवाल यह है कि ऐसे में यदि गोली चल जाती तो कौन जिम्मेदार होता? मोहिउद्दीनपुर चौकी इंचार्ज सुखपाल पंवार अपनी सर्विस पिस्टल के साथ होटल में मौजूद थे। वहां ऐसी स्थितियां पैदा हुईं कि बवाल हो गया। दरोगा की पिटाई हुई। महिला से अभद्रता हुई। जमकर हंगामा हुआ। महिला ने भी होटल में क्रॉकरी तोड़ी। इस पूरे घटनाक्रम में सबसे खतरनाक स्थिति उस समय पैदा हो गई जब दरोगा सुखपाल पंवार की सरकारी पिस्टल कवर से बाहर आ गई। दरोगा, होटल मालिक /पार्षद मनीष पंवार और महिला तीनों ही दरोगा सुखपाल की सरकारी पिस्टल से जूझने लगे। यह वीडियो भी खूब वायरल हो रहा है। जिसमें साफ नजर आ रहा है किस तरह से दरोगा, पार्षद और महिला तीनों ही इस पिस्टल को थामे हैं।