पकड़ा गया आरोपी
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म्यांमार निवासी तीनों भाई वीजा अवधि खत्म होने के बाद भी जलालाबाद में नाम बदलकर रह रहे थे। इनमें दो भाइयों ने पकड़े जाने से करीब 15 दिन पहले बदले हुए नाम से मदरसे में दाखिला भी ले लिया था। साथ ही बदले हुए मुस्लिम नामों से संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी उच्चायुक्त कार्यालय में शरणार्थी का दर्जा पाने के लिए आवेदन कर दिया था। अब्दुल मजीद ने तो जिले में करीब 15 साल से रहते हुए भारतीय दस्तावेज आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक खाते आदि खुलवा लिए थे।