उत्तर प्रदेश में बागपत जनपद के बड़ौत में चल रहे महोत्सव में उपाध्याय गुप्ति सागर महाराज ने कहा कि पंच कल्याणक महा महोत्सव में स्वर्ग में इंद्र और देव खुशियां मनाते हैं।
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पंचकल्याणक महामहोत्सव
- फोटो : अमर उजाला
सोमवार को आयोजित धर्मसभा में गुप्ति सागर महाराज ने कहा कि तीर्थंकर बालक के जन्म होते ही स्वर्ग में इंद्र और देव खुशी मनाते हैं और कुबेर इंद्र रत्नों की वर्षा करते हैं। बहुत पुण्यशाली और भाग्यशाली होता है वो मनुष्य, जो सौधर्म इंद्र बनता है। 170 साल के पुण्य कर्म का अर्जन होता है।
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पंचकल्याणक महामहोत्सव
- फोटो : अमर उजाला
सौधर्म इंद्र को ही ऐसा अवसर व ऐसा पुण्यकर्म मिलता है कि वह सर्वप्रथम सुमेरु पर्वत पर ले जाकर अभिषेक करता है। इसीलिए ऐसे पुण्य कर्म करो कि आप भी सौधर्म इंद्र बन सको।
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महोत्सव में प्रस्तुति देतीं युवतियां
- फोटो : अमर उजाला
चौरासी लाख योनियों में भटकने के बाद बहुत मुश्किल से ये मानव जीवन मिलता है, इसे व्यर्थ ना गवाओ। भगवान से ऐसी भावना करो कि आपके सद्कर्म का अनुसरण कर आपकी तरह मोक्षगामी बन जाऊं और इस जन्म मरण दुख से मुक्ति पा सकूं।
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महोत्सव की तस्वीरें
- फोटो : अमर उजाला
धर्म सभा में सुखमाल चंद जैन, कमल आनंद, अमित, राज कुमार, वीरेंद्र, पिंटी गौरव, अजय, सुनील, सिद्धार्थ, आदिश, कृष्णा, अनिता, सुधा, अल्पना, पूजा, अंजू आदि श्रद्धालु रहे।
पंचकल्याणक महामहोत्सव में आज
प्रात: छह बजे- ध्यान व आशीर्वाद सभा
प्रात: साढे़ छह बजे- श्री जिनाभिषेक।
प्रात: साढे आठ बजे- उपाध्याय का प्रवचन।
प्रात: साढे नौ बजे- महामुनि आहार चरिया।
प्रात: साढे दस बजे- विमान शुद्धिकरण यात्रा, मंदिर वास्तु, हवन।
दोपहर एक बजे- सम्मान समारोह केवल ज्ञान संस्कार क्रिया व अन्य क्रियाएं।
साय साढे छह बजे- आरती।
रात्रि साढ़ सात बजे- शास्त्र सभा।
रात्रि साढे आठ बजे- सांस्कृतिक कार्यक्रम।
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