मेरठ में गढ़ रोड स्थित आनंद अस्पताल में शनिवार शाम पौने पांच बजे उस समय हड़कंप मच गया, जब यहां ऑक्सीजन खत्म हो गई। इसके चलते अस्पताल में भर्ती 100 से ज्यादा मरीजों की सांसे फूलने लगीं। कुछ परिजन खुद इंतजाम करने में जुट गए। हालांकि अस्पताल प्रबंधन और स्वास्थ्य विभाग ने समय रहते स्थिति को संभाल लिया। मेडिकल और संतोष अस्पताल से ऑक्सीजन मंगवाकर व्यवस्था कर ली गई, तब मरीजों और तीमारदारों को राहत मिली।
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ऑक्सीजन सिंलिंडर लेकर जाता युवक
- फोटो : amar ujala
ऑक्सीजन खत्म होने की स्थिति में एलएलआरएम मेडिकल कॉलेज से 10, संतोष अस्पताल से चार, एंबुलेंस वाहनों से दो ऑक्सीजन सिलिंडर की व्यवस्था की गई। इस दौरान करीब 45 मिनट तक हड़कंप मचा रहा। आनंद अस्पताल के मैनेजर मुनीष पंडित ने बताया कि अस्पताल की तरफ से 125 सिलिंडर भरवाने के लिए दिए गए थे, लेकिन 10 ही सिलिंडर आ पाए। इस वजह से दिक्कत हुई। मगर समय रहते व्यवस्था कर दी गई।
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मेरठ में आॅक्सीजन का संकट
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इससे पहले भी ऑक्सीजन की कमी को लेकर न्यूटिमा, केएमसी, लोकप्रिय, मेडिकल कॉलेज और संतोष सहित अन्य अस्पतालों में हाहाकार मच चुका है। मरीज एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल शिफ्ट भी कराए गए हैं। प्रशासन ऑक्सीजन की व्यवस्था को दुरुस्त करने के तमाम दावे कर रहा है, मगर अब तक हालात सामान्य नहीं हो पाए हैं।
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ऑक्सीजन के लिए तरसती गर्भवती महिला
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आरटीपीसीआर रिपोर्ट नहीं तो गर्भवती ऑक्सीजन को तरसती रही
मेरठ में कोरोना संक्रमित 8 माह की गर्भवती दो दिन से ऑक्सीजन के लिए तड़प रही है। आरटीपीसीआर रिपोर्ट न होने के कारण तीमारदारों को ऑक्सीजन नहीं मिली। महिला के देवर दानिश मलिक ने बताया शनिवार देर शाम मुजफ्फरनगर से ऑक्सीजन मंगवाई गई।
पीड़ित ने बताया कि उसकी भाभी शीबा को किसी भी अस्पताल ने भर्ती नहीं किया है। मजबूरन मवाना में ही होम आइसोलेशन में इलाज चल रहा है। गर्भवती का ऑक्सीजन स्तर लगातार गिर रहा है। बिना ऑक्सीजन सपोर्ट के वह सांस नहीं ले पा रही, इसलिए ऑक्सीजन सिलेंडर की जरूरत थी। पिछले 2 दिनों से सिलेंडर नहीं भर पाया है इसकी वजह से बैकअप भी खत्म हो गया था।