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प्रह्लाद नगर प्रकरण के बाद भाजपा नेताओं के निशाने पर थे नितिन तिवारी, बखेड़े ने कराया तबादला

Tue, 02 Jul 2019 12:29 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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एसएसपी नितिन तिवारी - फोटो : social media
एसएसपी नितिन तिवारी आखिरकार मेरठ के मिजाज को भांपने में चूक कर गए। पहले प्रह्लाद नगर प्रकरण हो गया, जिसमें भाजपा नेताओं ने उन पर निशाना साधा। रविवार को बिना अनुमति के फैज-ए-आम में मीटिंग और बखेड़े ने आखिरकार उन पर गाज गिरा दी। साथ में आईजी रामकुमार का भी ट्रांसफर हो गया। उन्हें लखनऊ पीएसी भेजा गया है। 
 
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meerut police, meerut news - फोटो : अमर उजाला
सोमवार को कमिश्नर कैंप कार्यालय पर हुई बैठक में भाजपा विधायकों ने एसएसपी को निशाने पर ले लिया। भाजपा नेताओं ने सीधे कहा कि फैज-ए-आम में हुई मीटिंग और बिना अनुमति के जुलूस निकालना एसएसपी की चूक रही है। 

 
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लोगों को समझाते शहरकाजी - फोटो : अमर उजाला
इतनी भीड़ कैसे जुटी और जुलूस को क्यों नहीं रोका गया। इस बैठक में भाजपा नेताओं ने एसएसपी नितिन तिवारी पर निशाना साधा। वहीं, भाजपा के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने भी सोमवार दिन में ही मुख्यमंत्री को मेरठ में हुए बखेड़े की जानकारी देते हुए एसएसपी और एसपी सिटी पर निशाना साधा। सीधे कहा कि शहर में जब धारा 144 लागू थी तो गुंडागर्दी क्यों हुई, इसके जिम्मेदार पुलिस अफसर हैं। 

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पुलिस बल - फोटो : अमर उजाला
वहीं, यह भी माना जा रहा है कि एसएसपी ने ज्ञापन लेने के लिए भी जिले के एक प्रशासनिक अधिकारी को कॉल की। लेकिन इस प्रशासनिक अधिकारी ने साफ कह दिया कि रविवार है। धारा 144 लागू है। कोई ज्ञापन नहीं लिया जाएगा। 

 
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हंगामा कर रहे लोगों पर लाठीचार्ज करती पुलिस - फोटो : अमर उजाला
इस जुलूस का नतीजा यह हुआ कि अराजक तत्वों ने धार्मिक नारे लगाते हुए पुलिस पर पथराव कर सीओ और इंस्पेक्टरों से हाथापाई की। जिसके बाद पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा था। जिस तरह से भाजपा नेताओं ने घेराबंदी की थी, उसे लग रहा था कि पुलिस अफसरों पर गाज गिर सकती है। आखिरकार एसएसपी नितिन तिवारी और आईजी रेंज रामकुमार पर गाज गिर ही गई। अभी कुछ और अफसरों पर भी गाज गिर सकती है।
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नितिन तिवारी एसएसपी - फोटो : अमर उजाला
चार माह सात दिन का कार्यकाल
नितिन तिवारी एसएसपी के तौर पर मेरठ में चार माह सात दिन रहे। वह 23 फरवरी को मेरठ आए थे। इस दौरान जो बड़ी आपराधिक घटनाएं हुईं, उनका खुलासा भी हुआ। एसएसपी ऑफिस में उन्होंने लंबे समय तक बैठकर जनता की शिकायतों को सुनकर उनका निस्तारण कराया। किसी भी बड़ी घटना पर तुरंत मौके पर पहुंचे तो रोजाना रात को गश्त पर भी निकल जाते थे।
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