नीला ड्रम हत्याकांड: मेरठ के चर्चित सौरभ हत्याकांड को एक साल पूरा हो गया है। गवाहियों का दौर अंतिम चरण में है और एक माह में फैसले की उम्मीद जताई जा रही है।
दंपती के रिश्ते और भरोसे को रक्तरंजित करने वाले सौरभ हत्याकांड को एक साल हो चुका है। पिछले वर्ष 18 मार्च को ही इस वारदात का खुलासा हुआ था। यह वारदात आज भी लोगों को झकझोर देती है। सौरभ की हत्या करने के बाद उसकी पत्नी मुस्कान व उसका प्रेमी साहिल शुक्ला शिमला, मनाली और कसौल के होटल में ठहरे थे। सीसीटीवी फुटेजों के सत्यापन के लिए इन्हीं होटल के मैनेजरों की गवाही इस केस में होना बाकी है। बृहस्पतिवार को होटल मैनेजर कोर्ट मेें बयान देंगे।
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सौरभ हत्याकांड
- फोटो : अमर उजाला
शासकीय अधिवक्ता कृष्ण कुमार चौबे ने बताया कि इस केस में 34 गवाह बनाए गए थे लेकिन केवल 20 के बयान दर्ज कराए जाएंगे। अब तक 17 गवाहों के बयान हो चुके हैं। इनमें मुकदमे के वादी मृतक सौरभ राजपूत के भाई बबलू, रिपोर्ट दर्ज करने वाले हेड मोहर्रिर बृजेश कुमार, सौरभ की मां रेणू, मृतक के दोस्त सौरभ कुमार, चाकू छुरी विक्रेता राकेश, नीला ड्रम विक्रेता सैफुद्दीन और बिल्डिंग मैटेरियल की दुकान करने वाले आशु, दवा लिखने वाले डॉ. अरविंद कुमार देशवाल, दवाई देने वाले उषा मेडिकल स्टोर संचालक अमित जोशी, नीले ड्रम को काटने वाले अशोक, पंचनामा भरने वाले दरोगा धर्मेंद्र गौड़, पोस्टमार्टम करने वाले डॉ दिनेश सिंह चौहान, कैब चालक अजब सिंह, पहले विवेचक एसआई कर्मवीर सिंह और चार्जशीट दाखिल करने वाले विवेचक इंस्पेक्टर रमाकांत पचौरी, जिया मोबाइल कंपनी के नोडल अधिकारी लोकेश कुमार शामिल हैं।
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सौरभ हत्याकांड में सामने आई पोस्टमार्टम रिपोर्ट
- फोटो : अमर उजाला
65 बी प्रमाण-पत्र का होगा सत्यापन
डीजीसी ने बताया कि साक्ष्य अधिनियम की धारा-65 बी के अंतर्गत शिमला, मनाली और कसौल के मैनेजरों ने कोर्ट में प्रमाण-पत्र दिया था। अब तीनों मैनेजरों को गवाही और बयान के दौरान यह बताना है कि जो फुटेज और प्रमाण-पत्र दिया गया है। वह उन्होंने ही दिया है। इसके बाद इस केस में गवाही पूरी हो जाएगी।
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सौरभ हत्याकांड
- फोटो : अमर उजाला
एक माह में फैसले की उम्मीद
डीजीसी ने बताया कि होटल मैनेजरों की गवाही के बाद बीएनएस की धारा 351 (पहले सीआरपीसी की धारा 313) के तहत आरोपियों को उनके खिलाफ सबूतों और परिस्थितियों को समझाने का मौका देगी। इसके बाद दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की बहस होगी। उन्होंने उम्मीद जताई है कि एक माह के भीतर इस केस में फैसला सुनाया जा सकता है।
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आरोपी साहिल और मुस्कान
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
यह है नीले ड्रम मेें शव के टुकड़े भरने की वारदात
लंदन के एक मॉल में काम करने वाला सौरभ राजपूत पूर्व में नेवी मर्चेट में काम कर चुका था। वह लंदन से 24 फरवरी 2025 को मेरठ अपने घर ब्रह्मपुरी आया। सौरभ ने 25 फरवरी को बेटी पीहू का जन्मदिन और 27 फरवरी को पत्नी मुस्कान रस्तोगी का जन्मदिन मनाया था।
सौरभ की तीन मार्च की रात को उसकी पत्नी मुस्कान रस्तोगी ने अपने प्रेमी साहिल शुक्ला के साथ मिलकर सीने में चाकू घोंपकर और छुरी से गर्दन काटकर हत्या कर दी थी। इसके बाद दोनों ने शव के टुकड़े कर उसे प्लास्टिक के नीले ड्रम में डाले और ऊपर से सीमेंट का घोल डालकर सील कर दिया था।
डांस करते हुए साहिल और मुस्कान
- फोटो : वीडियो ग्रैब
हत्याकांड को अंजाम देने के बाद पांच मार्च को दोनों घूमने के लिए हिमाचल प्रदेश के कसौल चले गए थे। 17 मार्च को दोनों मेरठ लौट कर आए थे। 18 मार्च को इस बहुचर्चित हत्याकांड का खुलासा हुआ था। 19 मार्च को ब्रह्मपुरी थाना पुलिस ने सौरभ के भाई बबलू की ओर से हत्या की प्राथमिकी दर्ज कर मुस्कान और उसके प्रेमी साहिल शुक्ला को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया था, तभी से दोनों जेल में बंद हैं। नवंबर में मुस्कान ने बेटी को जन्म दिया था।