जितेंद्र और हिमांशु
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मेरठ कॉलेज के वनस्पति विज्ञान विभाग के शोधार्थी जितेंद्र कुमार और हिमांशु अपनी पढ़ाई और तकनीकी ज्ञान का उपयोग कर पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मशरूम उत्पादन बढ़ाने का प्रयास कर रहे हैं। इससे जहां एक ओर भूमिहीन किसान व महिला उद्यमियों की आय बढ़ेगी, वहीं दूसरी ओर कृषि अवयवों की कंपोस्टिंग कर पर्यावरण को भी प्रदूषित होने से बचाया जा सकेगा। जितेंद्र ने मशरूम किसानों व उद्यमियों को वर्ष भर क्वालिटी स्पान, मशरूम बीज की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए स्पान लैब की भी स्थापना की है। सफेद बटन मशरूम के अतिरिक्त औषधीय गुणों से भरपूर दूसरे मशरूम जैसे किंग ओयस्टर, पोर्टोबेलो, क्रिमिनी मिल्की और शिटाके मशरूम कल्टीवेशन के लिए मेरठ कॉलेज की मशरूम प्रयोगशाला में भी किसानों और युवा उद्यमियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है।