डूडा कर्मी विक्रांत और राखी कश्यप हत्याकांड की जांच में सामने आया कि पूरे घटनाक्रम का सूत्रधार भाजपा नेता सुधारस चौहान है, जिसने पहले राखी के साथ मिलकर विक्रांत की हत्या की और फिर राखी को रास्ते से हटाया। दोनों हत्याकांड के बाद सुधारस इस बात से बिल्कुल निश्चित था कि अब पुलिस उस तक नहीं पहुंच सकती।
सहारनपुर में डूडा कर्मी विक्रांत और राखी कश्यप हत्याकांड के राज नहर और रजबहे में दफन हो चुके थे। न दोनों की पहचान हो पा रही थी और न ही कोई ऐसा सबूत जिससे कातिलों तक पहुंचा जा सके, लेकिन 12 मिनट के अंदर सीसीटीवी कैमरे में दो बार कैद हुई सफेद नेक्सान कार से कड़ियां जुड़ती चली गईं। पुलिस कार मालिक कपिल चौहान तक पहुंची, जिससे पूछताछ की गई तो दोहरे हत्याकांड से पर्दा उठ गया।
एसपी देहात मयंक पाठक ने बताया कि 17 अप्रैल को बड़गांव में विक्रांत का शव नहर में मिला था, जिसकी तीन गोली मारकर हत्या की गई थी। हालांकि शव की पहचान नहीं होने पर पुलिस ने उसका लावारिस में अंतिम संस्कार कर दिया था। इसके बाद 27 अप्रैल को नौगांवा के पास रजबहे में मिला था।
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आरोपियों के पास से बरामद सामान
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
उसकी भी पहचान नहीं हो पा रही थी। पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी कैमरे खंगाले। तब एक नेक्सान कार शक के घेरे में आई। कार 12 मिनट के अंदर दो बार सीसीटीवी के सामने से गुजरी। जहां पर राखी का शव मिला था वहां मोबाइल के डंप उठाए गए। इसके बाद बीच-बीच में सीसीटीवी कैमरों में कार कैद होती गई।
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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
टोल पर लगे सीसीटीवी कैमरे में कार का नंबर ट्रेस हुआ, जो बागपत में कपिल चौहान के नाम पर था। पुलिस ने कपिल चौहान को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसके बाद पुलिस मामला खुल गया। मिर्जापुर, बड़गांव पुलिस और स्वाट टीम ने करीब 100 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरे चेक किए, तब जाकर कातिल शिकंजे में आए।
खुद को दर्शाता रहा अनजान, पुलिस पर हर समय रखी नजर
पुलिस के अनुसार, जांच में सामने आया कि पूरे घटनाक्रम का सूत्रधार भाजपा नेता सुधारस चौहान है, जिसने पहले राखी के साथ मिलकर विक्रांत की हत्या की और फिर राखी को रास्ते से हटाया। दोनों हत्याकांड के बाद सुधारस इस बात से बिल्कुल निश्चित था कि अब पुलिस उस तक नहीं पहुंच सकती।
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भाजपा नेता सुधारस चौहान की फाइल फोटो
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
इसलिए वह लोगों के सामने खुद को अनजान दिखा रहा था। हालांकि पुलिस इन केस में कहां तक पहुंची है इसकी अपडेट वह रोजाना अपने रसूख के माध्यम से कहीं न कहीं से लेता रहता था। उसे पुलिस के हर कदम का पता था, लेकिन यह आभास नहीं था कि पुलिस उस तक पहुंच जाएगी।
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बागपत के चौहान एंक्लेव में घर पर जाता भाजपा नेता सुधारस चौहान (लाल घेरे में )
- फोटो : विडियोग्रैब
100 किलोमीटर दूर से लेकर पहुंचे शव, कहीं नहीं हुई चेकिंग
डूडा कर्मी विक्रांत की हत्या करने के बाद शव को करीब 100 किलोमीटर दूर सहारनपुर के बड़गांव में लेकर पहुंचे थे। लिंक नहर में शव फेंकने के बाद वापस भी लौटे। सवाल यह है कि इस बीच रास्ते में पुलिस ने उनकी कार की कहीं पर भी चेकिंग की गई।
विक्रांत की हत्या 15 अप्रैल को बागपत में उसके प्रेमिका राखी कश्यप, भाजपा नेता सुधारस चौहान और कपिल चौहान ने गोली मारकर दी थी। इसके बाद शव को सुधारस ने अपने फ्लैट में रखा था। हत्या करने के बाद वह ऐसी जगह तलाश कर रहे थे, जहां पर शव को फेंका जा सकें।
उन्होंने आसपास शव को फेंकना मुनासिब नहीं समझा। सुधारस, राखी और कपिल तीनों कार में विक्रांत का शव डालकर सीधे सहारनपुर के बड़गांव क्षेत्र में पहुंचे। 16 अप्रैल को शव लिंक नहर में फेंक दिया, जो अगले दिन यानी 17 अप्रैल को बरामद हुआ।
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श्मशान घाट में अंतिम संस्कार करते राखी के परिजन
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
हैरानी की बात यह है कि जब वह शव लेकर आ रहे थे तो कहीं पर रास्ते में उनकी कार को नहीं रोका गया, जबकि रात के समय पुलिस सक्रिय रहती है और वाहनों की चेकिंग भी होती रहती है। करीब 100 किलोमीटर की दूरी में आरोपियों की कार नहीं रुकी।
फार्म हाउस की दीवार खून की छींटें
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
इस वारदात को अंजाम देने के बाद राखी को भी सहारनपुर में ही लाकर मारा गया। इस दोहरे हत्याकांड में अंतर बस इतना है कि विक्रांत की हत्या बागपत में की गई, जबकि राखी की सहारनपुर में लाकर हत्या की गई।