मुजफ्फरनगर में सात सितंबर 2013 का वो मनहूस दिन, जब कवाल कांड के विरोध में महापंचायत बुलाई गई थी और इसमें शामिल होने आ रहे लोगों पर हमले के बाद सांप्रदायिक हिंसा भड़क उठी थी। इस चिंगारी ने पत्रकार राजेश वर्मा समेत तीन लोगों की जान ले ली थी, जिसकी टीस पीड़ित परिजनों को आज तक सालती है।