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कोर्ट में हत्या की दी गई थी खास ट्रेनिंग, पिता के हत्यारे शाहनवाज के सीने में उतारीं 11 गोलियां

Wed, 18 Dec 2019 05:54 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बिजनौर
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Murder in court - फोटो : अमर उजाला
बिजनौर सीजेएम कोर्ट में हाजी अहसान की दूसरी पत्नी का बेटा साहिल अपने साथियों के साथ वारदात को अंजाम देने के लिए पूरी प्लानिंग के साथ आया था। शाहनवाज व जब्बार की हत्या का ताना बाना 28 मई को हाजी अहसान व शादाब की हत्या के बाद से ही बुनना शुरू हो गया था।

निशाना चूक न जाए इसके लिए शूटरों को स्पेशल ट्रेनिंग दी जा रही थी। आखिरकार मंगलवार को आरोपी अपने खौफनाक इरादों को अंजाम देने में कामयाब हो गए। आगे देखें कैसे कोर्टरूम में जज के सामने ही शूटरों ने शाहनवाज के शरीर को छलनी कर डाला-
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Murder in court - फोटो : अमर उजाला
बसपा नेता और प्रॉपर्टी डीलर हाजी अहसान की हत्या के बाद शाहनवाज गैंग के निशाने पर किरतपुर के चेयरमैन अब्दुल मन्नान व उसकी बहन रिजवाना थीं। रिजवाना नजीबाबाद निवासी हाजी अहसान की दूसरी पत्नी है। रिजवाना बिजनौर के शीलकुंज कॉलोनी में रहती है। जबकि अहसान की पहली पत्नी नजीबाबाद में रहती है। हत्या के लिए रिजवाना के बेटे साहिल को तैयार किया गया। 

सूत्रों के मुताबिक काफी दिनों तीनों हत्यारोपियों को गोली चलाने की ट्रेनिंग भी दी जा रही थी। उन्हें गोली चलाने में पूरी तरह पक्का कर दिया गया। हालांकि इन्हें ये ट्रेनिंग कहां और किसने दी इसकी अभी पुलिस जांच कर रही है। मंगलवार सुबह तीनों ही कोर्ट पहुंच गए। ये तीनों बिना किसी हथियार के कोर्ट परिसर में पहुंचे थे। सूत्रों के मुताबिक एक महिला थैले में छिपाकर पिस्टल लेकर कोर्ट पहुंची। महिला पर किसी को शक भी नहीं हुआ। महिला ने सीजेएम कोर्ट से पहले साहिल, अफराज व सुमित को पिस्टल सौंप दिए।
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Murder in court - फोटो : अमर उजाला
तीनों पिस्टल लेकर सीजेएम कोर्ट में पहुंच गए। चुपचाप ये कोर्ट में खड़े रहे। शाहनवाज व जब्बार की तीनों को पहले ही पहचान करा दी गई थी। सीजेएम कोर्ट में कार्रवाई चल रही थी।

कोर्ट के अंदर बड़ी तादाद में अधिवक्ताओं के अलावा अन्य लोग मौजूद थे। तीनों ने कोर्ट के अंदर ही शाहनवाज व जब्बार पर गोलियां बरसानी शुरू कर दीं। शाहनवाज को कोर्ट में ही ढेर कर दिया। जब्बार वहां से जान बचाकर भाग निकला। कोर्ट में लगे सीसीटीवी कैमरा में वह भागता हुआ कैद हुआ है। 

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अदालत में हत्या - फोटो : अमर उजाला
शाहनवाज को मारीं 11 गोलियां
हत्यारोपियों ने शाहनवाज पर तब तक गोलियां बरसाईं, जब तक शाहनवाज के शरीर से जान नहीं निकल गई। तीनों बदमाशों के पास पिस्टल थीं। गोलियां लगते ही शाहनवाज ढेर होकर जमीन पर गिर पड़ा था, लेकिन उसके बाद भी बदमाशों ने शाहनवाज पर गोलियां बरसानी बंद नहीं कीं।

पुलिस ने शाहनवाज का शव पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। पता चला है कि शाहनवाज को 11 गोलियां लगीं। हत्यारोपियों ने शाहनवाज और जब्बार पर हमला करने के लिए .30 बोर के पिस्टलों का इस्तेमाल किया। तीनों ही आरोपियों के पास इसी बोर के पिस्टल बरामद हुए। शाहनवाज को मारने में आरोपी कामयाब हो गए, लेकिन जब्बार कोर्ट परिसर से भाग गया था। 
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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी - फोटो : अमर उजाला
गोलियों से छलनी हो गया था शाहनवाज का शरीर
उधर हत्यारोपी मृतक शाहनवाज की पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार मृतक के शरीर से एक गोली बरामद हुई है जबकि दस गोलियां शरीर के आर पार हो गईं। पुलिस के अनुसार एक गोली सिर, एक पैर, और नौ गोलियां पीठ और पेट पर लगकर शरीर के आरपार निकल गई। वहीं पुलिस मे मौके से पुलिस को पंद्रह खोखे, पांच कारतूस बरामद किए हैं। वहीं आरोपियों से तीन पिस्टल व एक एक्स्ट्रा मैगजीन भी बरामद हुई है। 
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विलाप करते शाहनवाज के परिजन - फोटो : अमर उजाला
शाहनवाज से मिलने आए थे मां-बाप
शाहनवाज की मंगलवार को पेशी के दौरान शाहनवाज के पिता अलीमुद्दीन व मां भी जजी परिसर में शाहनवाज से मिलने  आए थे। वे दोनों भी कोर्ट के बाहर थे कि अचानक कोर्ट के अंदर गोली चली और बाद में इनको  पता चला कि शाहनवाज की हत्या कर दी गई है। शाहनवाज के शव के साथ ये दोनों भी जिला अस्पताल पहुंच गए। 
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घटना के बाद मौके पर पुलिस - फोटो : अमर उजाला
भगदड़ में जब्बार को भूली पुलिस 
कोर्ट परिसर में गोलियां चलीं और भगदड़ मच गई। कोई अपनी जान बचा रहा था, तो पुलिस वाले हत्यारोपियों को पकड़ने में लग गए थे। इस बीच पुलिस को जब्बार का ख्याल नहीं रहा, जो शाहनवाज के साथ ही दिल्ली तिहाड़ जेल से पेशी के लिए बिजनौर लाया गया था। भगदड़ के दौरान जब्बार को भी पुलिस कस्टडी से फरार होने का मौका मिल गया और जब तक पुलिसकर्मी इस बारे में सोच पाते, तब तक जब्बार फरार हो गया था। 
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