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पश्चिमी यूपी में बंद का असर, कई जगह बाजार व दुकानें बंद, बागपत में तीन युवक हिरासत में, तस्वीरें

Wed, 29 Jan 2020 12:42 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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शामली में गश्त करती पुलिस - फोटो : अमर उजाला
सीएए, एनआरसी और ईवीएम के विरोध मेंतथाकथित बंद को लेकर मेरठ व आसपास के जिलों  में मिलाजुला असर रहा। शहर के हापुड़ अड्डा स्थित भगत सिंह मार्केट में बंद के आह्वान पर एक वर्ग ने दुकानें बंद कर रखी हैं। शहर के अन्य स्थानों पर बंद बेअसर नजर आ रहा है। आगे देखें पश्चिमी यूपी में कैसा है बंद का असर:- 
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बागपत में पुलिस - फोटो : अमर उजाला
शामली जनपद में एनआरसी का विरोध थानाभवन कस्बे में मुस्लिम समाज के लोगों ने अपनी दुकानें बंद रखी। कांधला कस्बे में सीएए के विरोध में पोस्टर लगाए गए। 
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बड़ौत में कुछ दुकानें बंद - फोटो : अमर उजाला
बागपत के बड़ौत में सीएए का विरोध। फूस वाली मस्जिद के पास बंद कराया बाजार। पुलिस ने इस दौरान तीन युवकों को हिरासत में लिया है। वहीं बाजार में दुकानों के बाहर बैनर लगाए गए। क्षेत्र में पुलिस लगातार गश्त कर रही है। इस क्षेत्र में ज्यादातर दुकानें बंद हैं।

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सहारनपुर पुलिस - फोटो : अमर उजाला
सहारनपुर में विभिन्न स्थानों पर भारत बंद के पोस्टर लगाए गए हैं। खास तौर पर मुस्लिम और मिश्रित आबादी वाले बाजारों में अधिक असर दिखाई पड़ा।
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सहारनपुर में बंद का हाल - फोटो : अमर उजाला
सीएए, एनआरसी और ईवीएम के विरोध में बहुजन क्रांति मोर्चा की ओर से तथाकथित बंद पर एसएसपी अजय साहनी ने कहा है कि मेरठ में कोई बंद नहीं है। जबरन बंद कराने वालों से पुलिस सख्ती से निपटेगी।
शहर में अतिसंवेदनशील 18 प्वाइंट चिह्नित किए गए हैं। सुरक्षा के पूरे इंतजाम हैं। दो कंपनी आरएएफ और दो कंपनी पीएसी को रिजर्व में रखा गया है।
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सहारनपुर में खुली दुकानें - फोटो : अमर उजाला
एसएसपी ने बताया कि 29 जनवरी को भारत बंद के लिए सोशल साइट्स पर प्रचार के अलावा शहर में पोस्टर चस्पा किए जा रहे थे। इस संबंध में लालकुर्ती पुलिस ने सोमवार को बेगमपुल चौराहे से चार लोगों को पोस्टर लगाते पकड़ा था।

मंगलवार को ऐसे ही एक मामले में पुलिस ने श्यामनगर निवासी अधिवक्ता रिजवान रमजानी को थाने बुलाकर पूछताछ की। उसने भारत या मेरठ बंद से कोई लेना देना होने से इनकार किया।
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चस्पा हुए पोस्टर - फोटो : अमर उजाला
रमजानी का कहना है कि तहरीक उलमा-ए-हिंद जयपुर राजस्थान संस्था के नाम से छपवाए गए पोस्टर पर उसके नाम का गलत प्रयोग किया गया है। उसका संगठन से कोई लेना-देना नहीं है। 20 दिसंबर को हिंसा से पहले भी इसी तरह से लोगों को भड़काने के लिए पोस्टर चस्पा किए गए थे।

वहीं एसएसपी का कहना है कि मेरठ बंद की किसी ने कोई अनुमति नहीं ली है। जबरन दुकान या मार्केट बंद करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी। कुछ लोग अफवाह फैला रहे हैं। 20 दिसंबर की हिंसा को देखते हुए फोर्स तैनात कर दी गई है।

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बंद दुकानें - फोटो : अमर उजाला
कई लोगों का वीडियो वायरल
मेरठ बंद नहीं है, पुलिस अधिकारियों ने शहर के कई जिम्मेदार लोगों के इस अपील के वीडियो बनवाकर वायरल किए हैं। कहा कि मेरठ बंद करने या फिर सीएए के विरोध करने वाला कोई संगठन सामने नहीं आया है। इससे साफ है कि यह शरारती तत्वों की साजिश है। लोगों को उकसाकर मेरठ में हिंसा कराने की साजिश है। मंगलवार रात एसएसपी ने कई वीडियो को सोशल साइट पर चलवाया।
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अजय साहनी, एसएसपी मेरठ
मुकदमा दर्ज कर लिया है, पूछताछ कर रहे हैं
जिस अधिवक्ता के नाम से बंद का आह्वान किया गया था, उसी अधिवक्ता ने थाने आकर साजिश रचे जाने की बात कही है। उसकी तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया गया है। कुछ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।  -अजय साहनी, एसएसपी मेरठ
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