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यह था पूरा मामला
राजेश अहलूवालिया 25 नवंबर को लापता हुए थे। 30 नवंबर को राजेश के बेटे सिद्धार्थ ने गंगानगर थाने में अपहरण का केस दर्ज कराया। राजेश की कार लावारिस हालत में बिजली बंबा बाईपास स्थित पुलिस चौकी के पास मिली थी। जहां पर एक सीसीटीवी कैमरा लगा था। फुटेज में कार से एक महिला और एक युवक को उतरते देखा गया था। पुलिस ने कॉल डिटेल निकाली, जिसमें सलोनी का एक नंबर आया। सलोनी व नीलांजना से पूछताछ चल रही थी। उनकी निशानदेही पर राशिद को गिरफ्तार किया गया। उसके बाद पता चला कि खुर्जा में अपहरण वाले दिन ही उसकी हत्या कर दी गई थी।