फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

यूपी: अफवाहों के बीच तनावपूर्ण शांति..., बाजारों में सन्नाटा, माहौल खराब करने वालों पर पैनी नजर

Sun, 22 Dec 2019 11:29 AM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
विज्ञापन
1 of 5
Meerut Violence - फोटो : अमर उजाला
नागरिकता संसोधन कानून के विरोध में हुए बवाल के बाद मेरठ और इसके आसपास के इलाकों में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है। शनिवार को अफवाहों के बीच बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा। सड़कें भी सुनसान रहीं। रविवार सुबह को भी सड़कों बाजारों में कोई रौनक नजर नहीं आई।

बवाल में घायल हुए अलीम पुत्र हबीब निवासी अहमदनगर लिसाड़ी गेट की मौत हो गई, जिसके बाद मरने वालों की संख्या पांच पहुंच गई है। पांचों युवकों के शवों को कड़ी सुरक्षा के बीच सुपुर्द-ए-खाक कराया गया। पुलिस-प्रशासन के अनुसार हालात सामान्य हैं। लिसाड़ी गेट और कोतवाली क्षेत्र के अलावा हापुड़ रोड पर पुलिस फोर्स और आरएएफ मुस्तैद रही। वहीं इंटरनेट सेवा तीसरे दिन भी बंद है।
विज्ञापन

2 of 5
- फोटो : अमर उजाला
लिसाड़ी गेट, कोतवाली, नौचंदी और ब्रह्मपुरी थाना क्षेत्रों में संवेदनशील स्थानों और मुख्य चौराहों पर पुलिस फोर्स अलर्ट रही। बवाल में मारे गए आसिफ, मोहसिन और जहीर का शुक्रवार देर रात पोस्टमार्टम कराया गया। शनिवार सुबह छह बजे से पहले तीनों युवकों के शवों को कड़ी सुरक्षा में सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया। मरने वाले पांचों युवकों के परिजनों ने पुलिस पर हत्या करने का आरोप लगाकर तहरीर दी। हालांकि तहरीर अज्ञात लोगों के खिलाफ दी है। 

उपद्रवियों को किया जा रहा चिह्नित 
सभी युवकों के शवों को कड़ी सुरक्षा में सुपुर्द-ए-खाक कराया है। बवालियों को चिह्नित कर गिरफ्तारी की जाएगी। हालात सामान्य हैं। सभी जगह पुलिस फोर्स तैनात है। -अजय साहनी, एसएसपी 
विज्ञापन

3 of 5
Meerut Violence - फोटो : अमर उजाला
मुजफ्फरनगर में हुए उपद्रव के बाद शनिवार को एक वर्ग की दुकानें पूरी तरह बंद रहीं, जबकि दूसरी तरफ बाजार पूरी तरह खुला रहा। कच्ची सड़क पर अहिल्या बाई चौक से मदीना चौक तक आधी दुकानें खुली थीं, जबकि बाकी बंद रहीं। नावल्टी चौक के आसपास भी एक वर्ग की दुकानें नहीं खुली। मीनाक्षी चौक पूरी तरह सन्नाटे में डूबा था। सिटी सेंटर से लेकर मेरठ रोड पर लगभग सभी दुकानें बंद रहीं। 

शनिवार को व्यवस्था पटरी पर आती हुई नजर आई। बाजार सामान्य दिनों की तरह खुले, लोगों ने खरीददारी की। बैंकों में भी लेनदेन हुआ। दोपहर बाद बीएसएनएल इंटरनेट सेवा बहाल कर दी गईं। एसडीएम, सीओ व इंस्पेक्टर ने संवेदनशील इलाकों में पुलिस बल के साथ गश्त किया। नमाज के दौरान जानसठ तिराहे एवं ढाकन चौक पर पुलिस बल तैनात रहा। नगर में पूरी तरह से शांति बनी रही। 

4 of 5
बंद पड़े बाजार - फोटो : अमर उजाला
मेरठ, मुजफ्फरनगर, बिजनौर आदि शहरों में शुक्रवार को हुई हिंसा का असर देवबंद में भी देखने को मिला। शनिवार को देवबंद में शांति रही, लेकिन ग्राहक बाजार से गायब रहे। नगर के मेन बाजार, नेचलगढ़, पठानपुरा, सर्राफा बाजार, हनुमान चौक बाजार, मीना बाजार आदि में शनिवार को ग्राहकों की संख्या काफी कम रही। एक तो सर्दी का बढ़ता प्रकोप दूसरे बवाल की आशंका के चलते देहात का ग्राहक बाजार में नहीं पहुंचा, जिससे व्यापार प्रभावित रहा।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
बंद पड़े बाजार - फोटो : अमर उजाला
बिजनौर में सभी तरह की अफवाहों पर रोक लगाने के लिए इंटरनेट का ब्लैकआउट शनिवार को भी जारी रहा। इंटरनेट के सिग्नल न आने से मोबाइल पर सोशल मीडिया पर पूरी तरह बंद रहा। लोग मोबाइल से केवल टेक्स्ट मैसेज ही भेज सके। शुक्रवार को जिला मुख्यालय पर जामा मस्जिद में हो रहे प्रदर्शन को बहुत से लोगों ने फेसबुक पर लाइव चलाया था। इसका असर यह हुआ कि आसपास के क्षेत्र के लोग भी एकत्रित हो गए थे। इसके बाद उपद्रवियों ने जुलूस निकालते हुए जिले भर में जमकर तोड़फोड़ की।

उपद्रवियों की तोड़फोड़ की वीडियो भी सोशल मीडिया पर देखते ही देखते वायरल हो गई। करीब सवा छह बजे जिले में इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गईं। लेकिन कुछ स्थानों पर इंटरनेट देर तक ही चलता रहा। लेकिन रात में करीब 11 बजे तक इंटरनेट सेवाएं पूरी तरह रोक दी गईं। ब्रॉडबैंड भी बंद हो गए। इंटरनेट बंद होने से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे आपत्तिजनक मैसेज बंद हो गए। लोग एक दूसरे से मोबाइल फोन पर इंटरनेट बंद होने एवं शहर की स्थिति का जायजा लेते रहे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें