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यूपी: जवानों को जिंदा जलाने की थी साजिश, बिल्डिंग में बंद कर तेल डालकर लगाना चाहते थे आग

Sun, 22 Dec 2019 10:29 AM IST
शाहरुख खान ब्यूरो, अमर उजाला, मेरठ
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Violence in meerut - फोटो : अमर उजाला
शुक्रवार को हुए बवाल में बड़ी अनहोनी होने से बच गई। खुफिया विभाग ने जो रिपोर्ट शासन को भेजी है, उसमें बताया गया कि हापुड़ रोड पर बलवाई पुलिस बल की जान लेने पर आमादा थे। इसी के चलते पुलिस फोर्स को निशाना बनाया। बलवाई सीधे फायरिंग करने के अलावा आगजनी कर रहे थे। 
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बवाल में फंसे थे 30 रंगरूटों सहित आरएएफ के दो जवान - फोटो : अमर उजाला
हापुड़ रोड पर जिस स्थान पर आरएएफ के दो जवानों और पीएसी के 35 प्रशिक्षु सिपाहियों को बिल्डिंग में बंद किया था, उसमें बलवाइयों का इरादा तेल उड़ेलकर आग लगाना था। अगर फोर्स और तीन मिनट मौके पर नहीं पहुंचती तो कुछ भी हो सकता था।
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मेरठ में भारी बवाल - फोटो : अमर उजाला
हापुड़ रोड पर सिटी हॉस्पिटल के पास सैकड़ों की संख्या में बलवाइयों ने आगजनी शुरू की। जिसके बाद जब पुलिस फोर्स पहुंची तो पुलिस पर फायरिंग की गई। इस दौरान हापुड़ रोड, लिसाड़ीगेट, खत्ता रोड पर भी बलवा शुरू हो गया। 

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भारी बवाल - फोटो : अमर उजाला
हापुड़ रोड पर भवानी नगर के सामने सैकड़ों की संख्या में भीड़ ने फायरिंग शुरू कर दी। भीड़ ने एक दुकान में घुसे पीएसी के प्रशिक्षु सिपाहियों, आरएफ के दो जवानों और एक मजिस्ट्रेट को बंधक बना लिया था। आरएएफ के जवानों की सूचना पर नौचंदी और सिविल लाइन पुलिस ने वहां तक पहुंचने की कोशिश की। 
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मेरठ में हिंसा - फोटो : अमर उजाला
लेकिन सामने से बलवाई फायरिंग कर रहे थे। बलवाइयों ने सड़क पर टायर रखकर आग लगा दी। कई स्थानों पर पेट्रोल बम फेंके गए। बाद में आरएएफ की क्यूआरटी ने सभी को सुरक्षित निकाला था। अधिकारियों का कहना है कि यदि दो या तीन मिनट तक फोर्स नहीं पहुंचती तो अप्रिय घटना हो सकती थी। 
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पुलिस पर किया जमकर पथराव - फोटो : अमर उजाला
आरएएफ मुख्यालय ने दिए आदेश, पूरी कंपनी फोर्स एक साथ रहेगी
मेरठ में शुक्रवार को हुए बवाल के बार आरएएफ मुख्यालय ने आदेश दिए हैं कि पूरी कंपनी फोर्स एक साथ रहेगी। मेरठ के लिए शनिवार को दो कंपनी फोर्स मिलनी थी, लेकिन एक कंपनी फोर्स को सहारनपुर में भेज दिया। मेरठ, सहारनपुर, रामपुर और मुरादाबाद में आरएएफ की एक एक कंपनी फोर्स लगाई गई है। प्रत्येक कंपनी फोर्स में कंपनी कमांडर के ऊपर आरएएफ के असिस्टेंट कमांडेंट और डिप्टी कमांडेंट रैंक के अधिकारी भेजे गए हैं।
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बवालियों ने नकाब बांधकर खूब बरसाईं गोलियां - फोटो : अमर उजाला
वेदव्यासपुरी स्थित रैपिड एक्शन फोर्स की 108वीं वाहिनी से मेरठ के अलावा वेस्ट यूपी और अन्य जिलों में सुरक्षा की दृष्टि से आरएएफ भेजी जाती है, लेकिन आरएएफ वाहिनी से चार कंपनी फोर्स ही वाहिनी से बाहर सुरक्षा के लिए भेजी जा सकती है। अन्य फोर्स कैंप, शस्त्रागार, अन्य सुरक्षा और वाहिनी की व्यवस्था देखती है। आरएएफ वाहिनी वेस्ट यूपी में सुरक्षा का सबसे सुरक्षित क्षेत्र है, वाहिनी के अतिथि गृह में प्रदेश के मुख्य मंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय गृहमंत्री भी रात्रि विश्राम कर चुके हैं।

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पथराव करते उपद्रवी - फोटो : अमर उजाला
शुक्रवार को मेरठ में आरएएफ की एक कंपनी फोर्स लगाई गई थी। जिसके बाद मेरठ में बवाल हुआ तो जिला प्रशासन ने इमरजेंसी कॉल पर आरएएफ से और फोर्स बुलाई गई। शहर के हालात संभालने के लिए आरएएफ वाहिनी के कमांडेंट शैलेंद्र कुमार को खुद क्यूआरटी के साथ निकलना पड़ा। बवालियों द्वारा की गई फायरिंग में आरएएफ के एसआई वीडी शुक्ला और कांस्टेबल अनुज कुमार गोली लगने से घायल हो गए थे। जिनका मेडिकल कॉलेज में इलाज चल रहा है।
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पथराव करते उपद्रवी - फोटो : अमर उजाला
मेरठ से पीएसी भी भेजी गई
मेरठ में हापुड़ रोड स्थित 44वीं वाहिनी पीएसी और रुड़की रोड स्थित छठी वाहिनी पीएसी में वाहिनियों से बाहर के लिए सात सात कंपनी फोर्स है। ऐसे में मेरठ के अलावा वेस्ट यूपी के अलग अलग जिलों में पीएसी भेजी गई है। छठीं वाहिनी के सेनानायक नितिन तिवारी ने बताया कि मेरठ में सभी संवेदनशील स्थानों पर पीएसी लगाई गई है। अन्य जिलों के लिए भी फोर्स गई हुई है।
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