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उपद्रव के पीछे थी बड़ी योजना, पीएफआई-एसडीएफआई संगठन की साजिश बेनकाब, गृह मंत्रालय ने मांगी रिपोर्ट

Sun, 29 Dec 2019 04:08 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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Meerut Violence - फोटो : अमर उजाला
नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के खिलाफ लोगों को उकसाकर उपद्रव कराने वाले पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) और एसडीएफआई संगठन की साजिशों की पोल खुलने लगी हैं।

इन संगठनों का मकसद था कि पुलिस प्रशासन के खिलाफ महिलाएं सड़क पर उतरें। जिस पर महिलाओं ने इंकार किया तो युवा व बच्चों को मोहरा बनाया गया। देशभर में कई जगहों पर एक साथ ही उपद्रव कराया। अब उपद्रव शांत होने के बाद पुलिस जांच में ये बात निकलकर सामने आ रही हैं।
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burning car - फोटो : अमर उजाला
20 दिसंबर का उपद्रव पीएफआई व एसडीएफआई ने कराया था। बाहरी युवकों को बुलाकर स्थानीय लोगों से मुलाकात कराई ओर फिर हिंसा करा दी। लखनऊ में पीएफआई से जुड़े चार लोगों को पकड़कर खुलासा किया गया था।

उसके बाद मेरठ पुलिस ने पीएफआई से जुड़े दो आरोपी अमजद, जावेद और एसडीएफआई से नूर हसन व अब्दुल मुरीद को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। पुलिस जांच में सामने आया कि इस संगठन का उद्देश्य देशभर में दंगे फसाद, सांप्रदायिक घटना और आगजनी कराना था।
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मेरठ में बवाल - फोटो : अमर उजाला
यह संगठन एक साल से वेस्ट यूपी में सक्रिय है। नौ नवंबर 2019 को भी अयोध्या फैसले को लेकर लोगोें को उकसाने के लिए पोस्टर व पर्चे बांटे गए थे। टेंपो, ई-रिक्शा और धार्मिक स्थल पर पोस्टर लगाए गए थे।
कुछ लोगों के साथ मीटिंग में दोनो ही संगठन से जुड़े लोग महिलाओं को बुलाने की बात कहते थे।

उनका कहना था कि महिलाओं को सीएए के खिलाफ सड़कों पर उतारें। लेकिन महिलाएं पीछे हटीं तो युवा और बच्चों को उकसाया गया। गली मोहल्ले में पर्चे और पोस्टर बांटकर लोगों के खिलाफ भड़काने का काम चलता रहा। इसकी जानकारी पर पुलिस गंभीर नहीं हुई थी।  

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पथराव करते उपद्रवी - फोटो : अमर उजाला
संगठनों से जुड़ी हैं महिलाएं
पुलिस ने बताया कि उपद्रव में महिलाओं को शामिल कराने पर सबसे ज्यादा जोर था क्योंकि दोनों संगठनों से कई महिलाएं भी जुड़ी हैं। इसके बावजूद महिलाओं ने इनकार किया। उन्हें सीएए के खिलाफ भड़काकर पैसों का भी लालच दिया गया। उपद्रव में चारों आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद यह बात सामने आई है। 
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पथराव करते उपद्रवी - फोटो : अमर उजाला
रिमांड पर लेंगे चारों आरोपी
एसपी सिटी डॉ. एएन सिंह का कहना है कि पीएफआई और एसडीएफआई के जेल भेजे गए चारों आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी। दोनों संगठनों से काफी संख्या में लोग जुड़े हैं, जिनकी तलाश में हापुड़, दिल्ली समेत कई जगहों पर दबिश  जारी हैं। 
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बवालियों ने नकाब बांधकर खूब बरसाईं गोलियां - फोटो : अमर उजाला
केरल से मांगा रिकॉर्ड 
दोनों संगठन कहां-कहां ज्यादा सक्रिय हैं, इसका रिकॉर्ड पुलिस खंगाल रही है। केरल, दिल्ली, असम व पश्चिम बंगाल से पुलिस जानकारी जुटा रही है। बताया गया कि देशभर में ये दोनों संगठन लोगों को भड़काने का काम करते हैं। कई बार इनकी पोल खुली। राज्य स्तर से इन संगठनों को निरस्त किया जाता है। लेकिन ये फिर से बहाल होकर सक्रिय हो जाते हैं। 
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पथराव करते बच्चे - फोटो : अमर उजाला
गृह मंत्रालय ने मांगी रिपोर्ट 
पीएफआई और एसडीएफआई से जुड़े कौन-कौन पकड़े गए और उनके खिलाफ क्या कार्रवाई हुई। बरामदगी और पूछताछ में आरोपियोें ने क्या बताया, इसकी तमाम जानकारी मेरठ, सहारनपुर, बिजनौर, मुजफ्फरनगर समेत कई जिलों से गृह मंत्रालय ने मांगी है। बताया जा रहा कि अबकी बार उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। 
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