मेरठ के लिसाड़ीगेट क्षेत्र में उपद्रव और छह लोगों की मौत होने के बाद भी उपद्रवी बाज आने को तैयार नहीं हैं। खुफिया विभाग को इनपुट मिला है। जिसमें उपद्रव से प्रभावित इलाकों और लिसाड़ी गेट कई क्षेत्रों में कई छतों पर ईंट पत्थर जमा होने की बात कही गई है। इसकी निगरानी ड्रोन कैमरे से कराने को कहा गया है। लेकिन पुलिस साहस नहीं जुटा पा रही हैं।
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फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
खुफिया विभाग ने जो इनपुट दिया है, उसके अनुसार कई उपद्रवी फिर से उपद्रव करने करने की फिराक में है। उनकी पूरी तैयारी है। खुफिया विभाग की रिपोर्ट में बताया गया कि कुछ लोग फिर से उपद्रव कराने के लिए आमादा हैं। बताया गया कि कई घरों की छतों पर ईंट पत्थर पहुंचाए गए हैं। ताकि पुलिस प्रशासन पर पथराव किया जा सके।
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वहीं, पुलिस भी ऐसा कोई कदम उठाने से बच रही है, जिससे उपद्रवियों को फिर से मौका न मिल जाए। पुलिस लोगों को विश्वास में लेकर उपद्रवियों को चिह्नित करने में लगी है। उपद्रवियों की योजना के बारे में कोई बताने को तैयार नहीं है।
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वहीं, कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी और राहुल गांधी लिसाड़ीगेट आ रहे है। इसकी जानकारी स्थानीय लोगों को मंगलवार सुबह ही हो गई थी। इसको देखते लिसाड़ी गेट के लोगों की भीड़ उमड़नी शुरू हो गई थी। तभी उन्हें जानकारी मिली कि दिल्ली रोड स्थित परतापुर में दोनों नेताओं को रोक दिया गया है। पुलिस उनको लिसाड़ीगेट नहीं आने दे रही है। इसको लेकर लोगों ने आक्रोश जताना शुरू कर दिया। गली-मोहल्ले से लोगों की भीड़ खत्ता रोड पर आ गई। नारेबाजी शुरू हो गई। लोगों ने अधिकारियों पर आरोप लगाने शुरू कर दिए कि पुलिस-प्रशासन जानबूझकर बवाल करा रहा है।
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लिसाड़ीगेट में हथियारों की खेप
खुफिया विभाग का इनपुट कि लिसाड़ी गेट क्षेत्र में हथियारों की खेप है। पुलिस टीम पर पथराव के साथ फायरिंग की जा सकती है। पुलिस के मुताबिक लिसाड़ीगेट में कई जगहों पर अवैध पिस्टल और तमंचे बनते हैं। इसको लेकर उपद्रवियों ने फिर से पूरी तैयारी की हुई है। बीते शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद उपद्रवियों ने पुलिस पर ताबड़तोड़ गोलियां चलाईं थीं। जिसमें आरएएफ और पुलिसकर्मी घायल हुए थे। पुलिस और उपद्रवियों में करीब चार घंटे तक पथराव और फायरिंग चलीं। जिसे अंदेशा लगाया गया कि उपद्रवियों के पास काफी मात्रा में अवैध हथियार हैं।
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खंगाला सप्लायरों का रिकॉर्ड
लिसाड़ीगेट क्षेत्र में साल 2018 और साल 2019 में अवैध हथियार बनाने की एक दर्जन से अधिक फैक्टरी पकड़ी जा चुकी हैं। एसटीएफ ने लिसाड़ीगेट में हथियारों की खेप के साथ चार आरोपी गिरफ्तार किए थे। पुलिस ने अब हथियार बनाने वाले और सप्लायरों का रिकॉर्ड खंगालना शुरू कर दिया है। पता लगाया जा रहा है कि कौन-कौन जेल में हैं और कौन बाहर हैं।
पूरी जानकारी जुटा रहे हैं
लिसाड़ीगेट में हालात को देखते हुए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। हथियार सप्लायर और उपद्रवियों की जानकारी जुटाने के लिये सादी वर्दी में पुलिस को लगाया गया है। -दिनेश शुक्ला, सीओ कोतवाली