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मेरठ अमित हत्याकांड: 12 अप्रैल को हत्या, 12 गवाहों के बाद एडीजे-12 की अदालत ने 12 मिनट में सुनाया फैसला

Sat, 17 Oct 2026 04:45 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ

सार

अमित कश्यप की हत्या 12 अप्रैल 2025 की रात की गई थी। मामले में अभियोजन और वादी पक्ष की ओर से अदालत में 12 गवाह पेश किए गए। सजा सुनाने वाली अदालत एडीजे-12 थी और सजा सुनाने में 12 मिनट लगे।

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अमित कश्यप हत्याकांड - फोटो : अमर उजाला
मेरठ के बहसूमा में हुए चर्चित अमित कश्यप हत्याकांड में 12 नंबर का संयोग सामने आया है। मेरठ के सांप कांड से जुड़े इस मामले में हत्या की तारीख से लेकर अदालत में पेश किए गए गवाहों की संख्या और सजा सुनाने वाली अदालत तक 12 का आंकड़ा जुड़ा है।



अमित की हत्या 12 अप्रैल 2025 की रात को की गई थी। मामले में अभियोजन और वादी पक्ष की ओर से अदालत के सामने 12 गवाह पेश किए गए। वहीं, सजा एडीजे-12 की अदालत ने सुनाई और इसमें 12 मिनट लगे।

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दादी पर आया अमित के तीन बच्चों का भार - फोटो : अमर उजाला
12 अप्रैल 2025 की रात हुई थी हत्या
अमित कश्यप की हत्या 12 अप्रैल 2025 की रात की गई थी। इस मामले में सुनवाई के दौरान अभियोजन और वादी पक्ष की ओर से अदालत में कुल 12 गवाह पेश किए गए। हत्याकांड में सजा सुनाने वाली अदालत का नाम भी एडीजे-12 है। इस तरह मामले में तारीख, गवाहों की संख्या और अदालत के साथ 12 का आंकड़ा जुड़ा रहा।
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मृतक अमित कश्यप की मां - फोटो : अमर उजाला
अदालत में पेश किए गए अभियोजन पक्ष के 12 गवाह
मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से अलग-अलग भूमिकाओं से जुड़े 12 गवाह पेश किए गए। इनमें मृतक के भाई और मुकदमे के वादी मोनू कश्यप से लेकर जांच अधिकारी, चिकित्सक और टेलीकॉम कंपनियों के नोडल अधिकारी शामिल रहे।
 

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रविता, अमित कश्यप हत्याकांड - फोटो : अमर उजाला
गवाहों का विवरण इस प्रकार है:
मोनू कश्यप-वादी मुकदमा और मृतक का भाई।
मुनेश -तथ्य साक्षी।
कृष्ण- सपेरे का धेवता।
प्रीतनाथ- सपेरा कृष्ण का नाना।
उपनिरीक्षक पंकज गौतम- पंचायतनामा भरने वाले दरोगा।
रामप्रवेश- कांस्टेबल क्लर्क, चिक लेखक और एफआईआर दर्ज करने वाले।
डॉ. कपिल गर्ग- पोस्टमार्टम करने वाले चिकित्सक।
उपनिरीक्षक इन्दु वर्मा- विवेचक और जांच अधिकारी।
शुभम शर्मा- वोडाफोन के नोडल अधिकारी।
लोकेश कुमार- रिलायंस जियो के नोडल अधिकारी।
सुखपाल- अमित की मृत्यु के बाद सांप पकड़ने वाले।
पिंटू- अमित की मृत्यु के बाद सांप पकड़ने वाले।
एडीजे-12 ने 12 मिनट में सुनाई सजा
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रविता, अमित कश्यप हत्याकांड - फोटो : अमर उजाला
इस मामले में सजा सुनाने वाली अदालत एडीजे-12 रही। दी गई जानकारी के अनुसार, अदालत ने 12 मिनट में सजा सुनाई। इस तरह अमित कश्यप हत्याकांड में 12 अप्रैल 2025 की तारीख, अदालत में पेश किए गए 12 गवाह, एडीजे-12 अदालत और 12 मिनट में सजा सुनाए जाने का संयोग सामने आया।
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