मेरठ के सौरभ राजपूत हत्याकांड में फांसी की सजा पाने वाले मुस्कान और साहिल 30 दिन के भीतर हाईकोर्ट में अपील कर सकते हैं। वहीं मुस्कान साहिल के बाद अब रविता और अमरदीप ने भी जेल में अपने काम चुन लिए हैं।
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साहिल और मुस्कान व रविता और अमरदीप
- फोटो : अमर उजाला
मेरठ के सौरभ राजपूत हत्याकांड में मृत्युदंड यानी फांसी की सजा पाने वाले मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला के पास कानूनी राहत के लिए आगे अपील करने का विकल्प है। दोनों दोषी सजा के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील कर सकते हैं।
अदालत के आदेश के मुताबिक, दोषियों और उनके अधिवक्ताओं को अपील दाखिल करने के लिए 30 दिन का समय दिया गया है। दोनों ने वरिष्ठ जेल अधीक्षक डॉ. वीरेश राज शर्मा को बताया है कि वे फैसले के खिलाफ ऊपरी अदालत में अपील करेंगे।
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आरोपी साहिल और मुस्कान की फाइल फोटो
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
30 दिन के भीतर हाईकोर्ट में दाखिल कर सकेंगे अपील
मुस्कान और साहिल को मृत्युदंड की सजा सुनाने वाले जज अरविंद कुमार मिश्र ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि दोषी और उनके अधिवक्ता 30 दिन के भीतर हाईकोर्ट में अपील दाखिल कर सकते हैं। वरिष्ठ जेल अधीक्षक ने इस संबंध में स्टेट लीगल सर्विस अथॉरिटी को भी जानकारी दे दी है, जो नियमानुसार आगे की कानूनी कार्रवाई करेगी।
मृत्युदंड के मामलों में सजा पर अमल से पहले हाईकोर्ट की पुष्टि आवश्यक होती है। ऐसे में सौरभ राजपूत हत्याकांड में सुनाए गए मृत्युदंड के आदेश की पुष्टि के लिए मामला हाईकोर्ट जाएगा, जहां डबल बेंच इस पर सुनवाई करेगी।
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पति सौरभ के साथ मुस्कान
- फोटो : अमर उजाला
सौरभ के अधिवक्ता बोले- मजबूत पैरवी करेंगे
सौरभ राजपूत का मुकदमा लड़ रहे वरिष्ठ अधिवक्ता विजय बहादुर सिंह ने बताया कि उन्होंने बृहस्पतिवार को अदालत के आदेश की कॉपी प्राप्त कर ली है। उन्होंने कहा कि मृत्युदंड का आदेश पुष्टि के लिए हाईकोर्ट भेजा जाएगा। वहां पीड़ित पक्ष की ओर से मजबूत वकील पैरवी करेंगे, ताकि दोषियों को राहत न मिल सके।
सौरभ के भाई राहुल उर्फ बबलू ने फैसले पर संतोष जताया। उन्होंने कहा कि सजा से परिवार की बेचैनी दूर हुई है और आत्मा को सुकून मिला है। उन्होंने यह भी कहा कि परिवार सुप्रीम कोर्ट तक और फांसी की सजा पर अमल होने तक मजबूती से कानूनी लड़ाई जारी रखेगा।
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सौरभ हत्याकांड, मुस्कान
- फोटो : अमर उजाला
तीन मार्च 2025 की रात हुई थी सौरभ की हत्या
सौरभ राजपूत की हत्या तीन मार्च 2025 की रात हुई थी। इस मामले में बुधवार को जिला जज की अदालत ने मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को मृत्युदंड की सजा सुनाई थी। फैसले के बाद अब आगे की कानूनी प्रक्रिया पर ध्यान है। दोषियों की अपील और हाईकोर्ट में मृत्युदंड की पुष्टि की प्रक्रिया मामले की अगली अहम कड़ी होगी।
कचहरी के वरिष्ठ अधिवक्ता पवन प्रधान ने कहा कि जिस तरह फास्ट ट्रैक कोर्ट में इस मामले का त्वरित निस्तारण हुआ, उसी तरह अन्य लंबित मामलों में भी कार्रवाई होनी चाहिए। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि न्याय शीघ्र मिलना चाहिए, लेकिन निष्पक्ष सुनवाई के सिद्धांतों से समझौता नहीं होना चाहिए।
रविता, उसका प्रेमी अमरदीप। पति अमित की फाइल फोटो।
- फोटो : अमर उजाला
जेल में मुस्कान और साहिल ने चुने काम
जेल में दोषियों को काम करने के विकल्प भी दिए जाते हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, मुस्कान ने सिलाई का काम चुना है, जबकि साहिल ने खेती-किसानी के काम को चुना है।
रविता और अमरदीप ने भी चुने काम
वहीं, नीला ड्रम हत्याकांड में मृत्युदंड की सजा पाने वाली मुस्कान और साहिल के बाद पति को सांप से डसवाने वाली रविता और उसके प्रेमी को भी मृत्युदंड की सजा सुनाई गई है। जेल में दोनों ने अपने काम चुन लिए हैं। रविता ने बैग बनाने का काम चुना है, जबकि अमरदीप ने रंगाई-पुताई का काम चुना है।