अंदर से ऐसा है सेंट जोंस चर्च
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चर्च की पादरी रिनवी नोयल कहती हैं यह ऐतिहासिक पाइप ऑर्गन है, हमारा प्रयास है कि इसे पुन: बजाया जाए। 1893 में यह पाइप ऑर्गन सेंट जोंस चर्च में लगाया गया था। यह देश का तीसरा सबसे बड़ा पाइप आर्गन है। आर्गन को बजाने के मैकेनिज्म में हवा की अहम भूमिका है। ऑर्गन को हाथ, पैर दोनों से बजाया जाता है। हवा के दबाव के साथ ऑर्गन बजता है। बजाने के लिए चार लोगों की जरूरत होती है। दो लोग आगे और दो पीछे बैठते हैं।