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यदि आप पाव, केक और बिस्कुट के हैं शौकीन, इन बेकरियों की तस्वीर देखकर छोड़ देंगे खाना

Fri, 20 Sep 2019 03:03 PM IST
कपिल kapil आशुतोष भारद्वाज/ संजू, अमर उजाला, मेरठ
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लालकुर्ती क्षेत्र स्थित एक बेकरी में गंदगी के बीच जंग लगी प्लेटों में बनाई जा रही ब्रेड, बन और पाव - फोटो : अमर उजाला
मेरठ शहर की कई बेकरियों में बनने वाली पेटीज, पाव और बिस्कुट आदि का निर्माण अत्यधिक गंदगी के बीच किया जा रहा है। यहां न तो स्वच्छता के मानकों का पालन किया जा रहा है न ही इनके कोई मापदंड हैं। सालों से यहां जंग लगे गंदे बर्तनों में खाद्य पदार्थ बनाए जा रहे हैं। बाद में अच्छी पैकिंग के जरिए इन्हें ऊंचे दामों पर बेचा जा रहा है। यकीन नहीं तो अगली स्लाइडों में देखिए बेकरियों का हाल-
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बेकरी में गंदगी के बीच जंग लगी प्लेटों में बनाई जा रही ब्रेड, बन और पाव - फोटो : अमर उजाला
शहर और छावनी क्षेत्र में करीब 180 बेकरी संचालित हैं। प्रतिष्ठित बेकरियों में तो स्वच्छता का ध्यान रखा जाता है। हाईटेक उपकरणों का प्रयोग किया जाता है। हालांकि इसके विपरीत शहर की करीब 150 बेकरियां खाद्य पदार्थ निर्माण के मानकों का पालन नहीं कर रही है। 50 साल से ज्यादा समय से चल रहीं इन बेकरी में चूहे और कॉकरोच खाद्य पदार्थ पर घूमते मिल जाएंगे। कच्चा माल तैयार करने में भी मानक ताक पर रखे रहते हैं। निमभन स्तर पर मैदा प्रयोग किया जाता है।

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पाव को जल्दी सेकने के लिए कारीगर जंग लगे फ्रेम में थिनर लगाते हैं। इसके साथ ही शराब भी पीते रहते हैं। कारीगर के पास रखी शराब की बोतल - फोटो : अमर उजाला
शाकाहारी हैं तो छोड़ दें पाव
पाव, पेटीज, केक या बिस्कुट आदि बेक्ड खाद्य पदार्थ बिना अंडे के नहीं बन सकते हैं। चमक के साथ इसे कुरकुरा बनाने के लिए इसमें कच्चे अंडे का लेप लगाया जाता है। बेक होने के बाद इसमें बिल्कुल अलग महक आती है। आटे के बिस्कुट भी बिना मैदा के नहीं बनते।

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जंग लगे बर्तनों में बनाते हैं खाद्य पदार्थ - फोटो : अमर उजाला
‘रस्क’ के साथ एक प्याली चाय
शहर की करीब 40 फीसदी आबादी चाय के साथ ‘रस्क’ का प्रयोग करती है। ब्रांडेड के स्थान पर भारी संख्या में लोग खुले रस्क का सेवन करते हैं। हालांकि गंदगी में बनने वाले ये रस्क भी सेहत पर प्रतिकूल प्रभाव डालते हैं।
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खराब पाव को भी कारीगर धोकर भट्ठी में दोबारा सेंक लेते हैं, जिसके बाद इन्हें बाजार में बेच दिया जाता है - फोटो : अमर उजाला
रेस्टोरेंट में खतरनाक हैं ‘पाव भाजी’
शहर के प्रतिष्ठित और बड़े रेस्टोरेंट में बेकरी से ही पाव सप्लाई होती है। स्वच्छता का दावा करने वाले बड़े रेस्टोरेंट संचालक सस्ते के लालच में यहीं से पाव खरीदते हैं। ब्रांडेड बटर की महक में पाव की महक दब जाती है। कुछ लोगों को जब पेट आदि से संबंधित समस्या होती है तो वे इसका कारण नहीं समझ पाते।
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गंदगी में बनाते खाद्य पदार्थ - फोटो : अमर उजाला
बेक्ड फूड तो हाजमा खराब
बेकरी में शुद्धता की कसौटी को भूलकर अगर खाद्य पदार्थ का निर्माण होता है तो सेहत पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। शुरुआत में आपका पेट खराब होगा। कई बार आंतों में सूजन आ जाती है। लगातार प्रयोग से किडनी फेलियर, हार्ट, ब्लड संबंधी बीमारी हो जाती हैं। चर्म रोग भी हो सकता है। - डॉ. अनिल जखमोला, चिकित्सक।

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