दिल्ली मेरठ एक्सप्रेसवे लोगों के लिए खुला
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दरअसल, परतापुर के बाद मोदीनगर और मुरादनगर गंगनहर क्षेत्र तक खेती और जंगल का इलाका है। नीलगायों का झुंड खेतों में घूमता रहता है। कई बार ये झुंड एक्सप्रेसवे पर भी आ जाता है, क्योंकि यहां पर एक्सप्रेसवे की ऊंचाई कम है। यही नहीं, कई जगह आरईवाल भी पूरी नहीं बनी हैं। क्षेत्र में एनएचएआई की ओर से चार से पांच फीट ऊंची दीवार बनाई जा रही है, जो अभी पूरी नहीं हुई है। इसके चलते नीलगायें कभी खेत तो कभी एक्सप्रेसवे पर नजर आती हैं। कई वाहन चालक अधिकारियों को खतरे के प्रति आगाह कर चुके हैं।