मेरठ के लिसाड़ीगेट के सुहेल गार्डन में राजमिस्त्री मोईन उर्फ मोईनुद्दीन (52), उनकी पत्नी आसमा (45) और उनकी तीन बेटियां अफ्सा (8), अजीजा (4) और अदीबा (1) की पत्थर काटने वाली मशीन से गला काटकर निर्मम हत्या कर दी गई।
मेरठ के सामूहिक हत्याकांड में परिवार के लोगों में ही पुलिस कातिलों की तलाश कर रही है। मोईन के सभी भाई-भाभी और रिश्तेदारों से पूछताछ की गई, जिसमें कई महत्वपूर्ण जानकारी जुटा ली है। पुलिस कस्टडी में तसलीम ने बताया कि बुधवार रात नईम सुहेल गार्डन में मोईन के घर गया था। वहां से रातभर नहीं लौटा, बल्कि बृहस्पतिवार सुबह 6 बजे वापस आया।
एसएसपी के मुताबिक, भाई के पूछने पर नईम ने बताया कि वह पैतृक गांव किठौर गया था। 10-15 मिनट तसलीम के पास रुका और चला गया। रात में करीब 8:45 बजे घटनाक्रम की जानकारी नईम के बेटे ने फोन पर पिता को दी। इसके बाद से नईम का फोन बंद है।
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विलाप करते परिजन
- फोटो : अमर उजाला
घर में पड़ा था खून ही खून
मोईन और उसका परिवार लापता है, यह बात बृहस्पतिवार रात तसलीम ने अपने बहनोई अशरफ को बताई। फोन पर बात भी नहीं हो रही और मोईन के घर ताला लगा है। पुलिस को सूचना देने की बात कहकर अपने घर से निकले और रास्ते में प्लान बदल दिया। थाने की जगह तसलीम, बहनोई सहित परिवार के लोगों के साथ सुहेल गार्डन पहुंच गए। मोईन का सगा भाई मोमिन भी साथ था। आसपास के लोगों से मोईन के बारे में पूछा और फिर घर में झांकना शुरू कर दिया। तसलीम पहले छत पर चढ़ा और रोशनदान में झांककर देखकर शोर मचाया कि घर में खून पड़ा है। बस फिर क्या था, लोगों ने मकान का ताला तोड़ा।
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मोईन उर्फ मोईनुद्दीन का फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
क्यों गहराया नईम पर शक
नईम के बेटे ने फोन कर उसे घटना की जानकारी दी, जिसके बाद से वह फरार है। इतनी बड़ी घटना की जानकारी लगने पर वह अपने घर नहीं आया और न फोन पर किसी से बात की। रात में नईम का मोईन के घर पर जाना और सुबह 6 बजे वापस आने से शक गहराया हुआ है। परिवार और रिश्तेदारों से पूछताछ के चलते नईम को पुलिस ने मुख्य आरोपी मान लिया है। इसके चलते एसएसपी विपिन ताडा ने 25 हजार का इनाम घोषित किया है।
नईम पर 25 हजार का इनाम
एसएसपी विपिन ताडा ने बताया कि नईम पर 25 हजार का इनाम घोषित कर दिया है। मृतक मोईन के चार भाई सलीम, अमजद, कलीम, मोमिन और दो सौतेले भाई नईम, तसलीम हैं। पुलिस की चार टीमें गठित कर दी गई हैं। दिल्ली और उत्तराखंड समेत अन्य जगहों पर उसकी तलाश की जा रही है। आरोपी का फोन बंद है।
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मौके पर पहुंची पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
तांत्रिक है, महाराष्ट्र में नामजद
नईम शातिर है। तंत्र-मंत्र का काम करता है। उसकी उम्र करीब 50 साल है और लोग उसको मौलाना के नाम से जानते हैं। महाराष्ट्र के नासिक में ज्यादा रहता है, जहां उसके खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज है। वांटेड है या जमानत पर है, इसकी पुलिस गहनता से जांच कर रही है।
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घटनास्थल पर पहुंचे अफसर
- फोटो : अमर उजाला
कत्ल में तीन-चार आरोपी होंगे
नईम के साथ दो-तीन कातिल भी हो सकते है। यह घटना प्लानिंग के तहत हुई है। परिवार के लोगों को शक था कि नईम वारदात कर सकता है, इसके बावजूद किसी ने पुलिस को फोन करके बताना मुनासिब नहीं समझा। इस सामूहिक हत्याकांड में कई आरोपी होंगे।
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एसएसपी विपिन ताडा
- फोटो : अमर उजाला
मेरठ में दंपती और तीन बेटियों की हत्या
मेरठ के लिसाड़ीगेट के सुहेल गार्डन में राजमिस्त्री मोईन उर्फ मोईनुद्दीन (52), उनकी पत्नी आसमा (45) और उनकी तीन बेटियां अफ्सा (8), अजीजा (4) और अदीबा (1) की पत्थर काटने वाली मशीन से गला काटकर निर्मम हत्या कर दी गई। बृहस्पतिवार रात 8:30 बजे मोईनुद्दीन के दो भाई वहां पहुंचे तो अंदर का मंजर देखकर उनकी चीख निकल गई। बेड के पास मोईन और बेड के अंदर बॉक्स में उनकी पत्नी और तीनों बेटियों के रक्तरंजित शव मिले। जानकारी लगते ही पुलिस अधिकारी पहुंच गए। देर रात तक हत्यारों की तलाश की जा रही थी। हत्याकांड के कारणों का अभी पता नहीं चल सका है।
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मौके पर जमा लोग
- फोटो : अमर उजाला
मोईन के किराए वाले घर के गेट पर लगा था ताला
एसएसपी विपिन ताडा ने बताया कि मोईनुद्दीन डेढ़ महीने पहले रुड़की से परिवार के साथ सुहेल गार्डन में आए थे। 30 गज का मकान किराए पर लिया। मकान के बराबर में प्लॉट खरीदकर वो अपने मकान का निर्माण करा रहे थे। बृहस्पतिवार को निर्माणाधीन मकान पर मोईनुद्दीन और उनका परिवार नहीं दिखाई दे रहा था, जबकि बुधवार को ही निर्माणाधीन मकान में लिंटर डाला गया था। मोईन के भाई उन्हें फोन कर रहे थे, मगर फोन नहीं उठ रहा था। इसके चलते रात में मोईनुद्दीन के भाई तसलीम और मोबीन सुहेल गार्डन पहुंचे। मोईन के किराए वाले घर के गेट पर ताला लगा था।
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मौके पर पहुंची पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
बोरियों में बंद थे दोनों छोटी बच्चियों के शव
अनहोनी की आशंका में ताला तोड़कर वह घर में घुसे तो बेड के पास चादर में लिपटी मोईन की लाश पड़ी थी। चादर की गठरी से बनाई हुई थी। खून के निशान देखकर बेड का बॉक्स खोलकर देखा तो बाकी चारों लाशें वहां थीं। दोनों छोटी बच्चियों के शव बोरियों में बंद थे। परिवार के पांच लोगों की हत्या का पता लगते ही भीड़ मौके पर पहुंच गई। सूचना पर पुलिस अधिकारी पहुंचे। पुलिस ने मकान को सील कर दिया और फॉरेंसिक टीम को बुलाकर जांच शुरू कर दी। एडीजी मेरठ जोन डीके ठाकुर, डीआईजी कलानिधि नैथानी और एसएसपी विपिन ताडा पुलिस फोर्स के साथ देर रात तक छानबीन करते रहे।
पहले मोईनुद्दीन, फिर परिवार को मार डाला
पत्थर काटने वाली मशीन से परिवार के पांचों लोगों का गला काटा गया है। मौके पर खून से सनी पत्थर काटने वाली मशीन मिली। फॉरेंसिक टीम ने मशीन को कब्जे में ले लिया है। अंदेशा जताया गया कि बदमाशों ने पहले मोईनुद्दीन की हत्या की और उसके बाद परिवार को मार डाला। पुलिस अधिकारियों ने क्राइम सीन भी किया है। आसपास के लोगों से पुलिस ने जानकारी जुटाई कि आखिर मोईनुद्दीन और उसका परिवार आखिरी बार कब देखा था। पुलिस के पहुंचने से पहले तसलीम और मोमिन ने अपने भाई, भाभी और तीनों भतीजियों के शव देख थे। पुलिस ने भी दोनों भाईयों से उनकी पहचान कराई।