Family Murder in Meerut: मेरठ सामूहिक हत्याकांड में पोस्टमार्टम रिपोर्ट से नया मोड़ आ गया है। कातिलों ने पहले परिवार को नशीला पदार्थ खिलाया। फिर दंपती और दो बेटियों को काट डाला। जबकि एक बच्ची की गला दबाकर हत्या की गई।
मेरठ में कातिलों ने बड़ी बेरहमी से सुहेल गार्डन में परिवार का कत्ल किया है। आठ साल की बेटी अक्शा का गला घोटा, मोईन, उनकी पत्नी आसमा और दोनों बेटी अजीजा, अलइफ्शा के कातिलों ने सिर पर कई प्रहार किए है और फिर गले पर वार किए।
शक है कि परिवार को पहले नशीला पदार्थ खिलाया और फिर इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया। यह खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हुआ है। पांचों शवों का विसरा सुरक्षित रखा गया है।
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मौके पर पहुंची पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
बृहस्पतिवार रात पांचों शवों के पोस्टमार्टम की प्रक्रिया में पुलिस लगी रही। शुक्रवार सुबह घटना की जानकारी लगने पर मोर्डन के परिवार, रिश्तेदार और आसपास के लोगों की भीड़ पहले सुहेल गार्डन, फिर पोस्टमार्टम हाउस पर पहुंची।
परिवार के कई लोग ही सामूहिक हत्याकांड में संदिग्ध हैं, जिसके चलते कागजी कार्रवाई में देरी हुई। दोपहर 3 बजे के बाद शवों का पोस्टमार्टम शुरू कराया गया। डीएम दीपक मीणा के निर्देश पर सीएमओ डॉ. अशोक कटारिया ने 3 डॉक्टर का पैनल बनाया, जिसमें एक महिला डॉक्टर भी शामिल रहीं।
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घर में बिखरा सामान
- फोटो : अमर उजाला
करीब 7:15 बजे तक पांचों शवों का पोस्टमार्टम हुआ। मोईन की बड़ी बेटी अक्शा की गला घुटने से हत्या होना बताया गया है। मोईन व उनकी पत्नी आसमा के सिर पर 10 से ज्यादा प्रहार हैं और फिर उनके गले काटे गए। दोनों मासूम बच्ची अजीजा और अलइफ्शा के सिर पर दो-दो प्रहार के बाद गले पर धारदार हथियार के निशान मिले हैं।
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मौके पर पहुंची पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
बिसरा निवाड़ी, मोदीनगर गाजियाबाद फॉरेंसिक लैब में भेजा जाएगा। पुलिस ने शवों से उतरे कपड़ों को जब्त कर लिया है। स्थानीय फॉरेंसिक टीम ने भी घटना स्थल से कई नमूने लिए है।
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मृतका आसमा का फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
अतुल प्रधान सहित सपा कार्यकर्ता पहुंचे
इस घटना की जानकारी लगने पर सपा विधायक अतुल प्रधान और सपा कार्यकर्ता पोस्टमार्टम हाउस स्थल पर पहुंचे। जहां पर परिवार और रिश्तेदारों का ढांढस बांधा। सपा कार्यकर्ताओं के अलावा लिसाड़ीगेट और मोईन के रिश्तेदार भी पोस्टमार्टम स्थल से लेकर कब्रिस्तान तक मौजूद रहे। पुलिस फोर्स भी दिनभर मुस्तैद रही।
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मौके पर जमा लोग
- फोटो : अमर उजाला
रुड़की से सुहेल गार्डन खींच लाई मौत
मोईन के परिवार को मौत रुड़की से सुहेल गार्डन खींच लाई। मोईन मूल रूप से किठौर के शाहजहांपुर का रहने वाला था। चार दशक पहले परिवार मेरठ की जाकिर कॉलोनी में आकर रहने लगा था। मोईन राजमिस्त्री का काम करता था। करीब 12 साल पहले वह रुड़की चला गया। वहां वह पुआना गांव में रहता था। वहीं पर उसने मकान बना लिया था।
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एसएसपी विपिन ताडा
- फोटो : अमर उजाला
एक साल पहले मोईन ने सुहेल गार्डन में दो प्लाट लिए थे। इनमें से एक प्लाट पर वह मकान बना रहा था। एक मामले में भाई अमजद के जेल में जाने के बाद उसने फिर से मेरठ आने का मन बनाया। इसके लिए उसने पहले अपना मकान बनाना चाहा। डेढ़ महीने पहले मोईन परिवार के साथ मेरठ वापस आया और सुहेल गार्डन में ही प्लाट के पास किराये के मकान में रहने लगा।
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घटनास्थल पर पहुंचे अफसर
- फोटो : अमर उजाला
मेरठ में दंपती और तीन बेटियों की हत्या
मेरठ के लिसाड़ीगेट के सुहेल गार्डन में राजमिस्त्री मोईन उर्फ मोईनुद्दीन (52), उनकी पत्नी आसमा (45) और उनकी तीन बेटियां अफ्सा (8), अजीजा (4) और अदीबा (1) की पत्थर काटने वाली मशीन से गला काटकर निर्मम हत्या कर दी गई। बृहस्पतिवार रात 8:30 बजे मोईनुद्दीन के दो भाई वहां पहुंचे तो अंदर का मंजर देखकर उनकी चीख निकल गई। बेड के पास मोईन और बेड के अंदर बॉक्स में उनकी पत्नी और तीनों बेटियों के रक्तरंजित शव मिले। जानकारी लगते ही पुलिस अधिकारी पहुंच गए। देर रात तक हत्यारों की तलाश की जा रही थी। हत्याकांड के कारणों का अभी पता नहीं चल सका है।
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अक्शा का फाइल फोटो।
- फोटो : अमर उजाला
मोईन के किराए वाले घर के गेट पर लगा था ताला
एसएसपी विपिन ताडा ने बताया कि मोईनुद्दीन डेढ़ महीने पहले रुड़की से परिवार के साथ सुहेल गार्डन में आए थे। 30 गज का मकान किराए पर लिया। मकान के बराबर में प्लॉट खरीदकर वो अपने मकान का निर्माण करा रहे थे। बृहस्पतिवार को निर्माणाधीन मकान पर मोईनुद्दीन और उनका परिवार नहीं दिखाई दे रहा था, जबकि बुधवार को ही निर्माणाधीन मकान में लिंटर डाला गया था। मोईन के भाई उन्हें फोन कर रहे थे, मगर फोन नहीं उठ रहा था। इसके चलते रात में मोईनुद्दीन के भाई तसलीम और मोबीन सुहेल गार्डन पहुंचे। मोईन के किराए वाले घर के गेट पर ताला लगा था।
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मोईन उर्फ मोईनुद्दीन का फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
बोरियों में बंद थे दोनों छोटी बच्चियों के शव
अनहोनी की आशंका में ताला तोड़कर वह घर में घुसे तो बेड के पास चादर में लिपटी मोईन की लाश पड़ी थी। चादर की गठरी से बनाई हुई थी। खून के निशान देखकर बेड का बॉक्स खोलकर देखा तो बाकी चारों लाशें वहां थीं। दोनों छोटी बच्चियों के शव बोरियों में बंद थे। परिवार के पांच लोगों की हत्या का पता लगते ही भीड़ मौके पर पहुंच गई। सूचना पर पुलिस अधिकारी पहुंचे। पुलिस ने मकान को सील कर दिया और फॉरेंसिक टीम को बुलाकर जांच शुरू कर दी। एडीजी मेरठ जोन डीके ठाकुर, डीआईजी कलानिधि नैथानी और एसएसपी विपिन ताडा पुलिस फोर्स के साथ देर रात तक छानबीन करते रहे।
अंदेशा, पहले मोईनुद्दीन, फिर परिवार को मार डाला
पत्थर काटने वाली मशीन से परिवार के पांचों लोगों का गला काटा गया है। मौके पर खून से सनी पत्थर काटने वाली मशीन मिली। फॉरेंसिक टीम ने मशीन को कब्जे में ले लिया है। अंदेशा जताया गया कि बदमाशों ने पहले मोईनुद्दीन की हत्या की और उसके बाद परिवार को मार डाला। पुलिस अधिकारियों ने क्राइम सीन भी किया है। आसपास के लोगों से पुलिस ने जानकारी जुटाई कि आखिर मोईनुद्दीन और उसका परिवार आखिरी बार कब देखा था। पुलिस के पहुंचने से पहले तसलीम और मोमिन ने अपने भाई, भाभी और तीनों भतीजियों के शव देख थे। पुलिस ने भी दोनों भाईयों से उनकी पहचान कराई।