मोहर्रम पर मातम करते शिया समुदाय के लोग।
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मजलिस के बाद जुलूस-ए-अलम हजरत-ए-अब्बास गमगीन माहौल में बरामद हुआ। जिसमें जावेद रजा बाशु, शाहनवाज हुसैन, अर्शी नकवी आदि ने पुरसौज नौहे पढ़कर हुसैनियत का पैगाम दिया। बड़ी संख्या में हुसैनी सौगवारों ने मातमपुर्सी की।जुलूस कौमी एकता मार्ग, शाहजलाल हॉल से होता हुआ जैदी नगर सोसायटी स्थित इमामबारगाह पंजेतनी पहुंचकर संपन्न हुआ।
इस दौरान जुलूस में डॉ. रिहान जैदी, सगीर जैदी, सुहेल जैदी की व्यवस्था रही। इसके अलावा शहर छत्ता अलीरजा वैली बाजार में रात आठ बजे जुलजुनाह का जुलूस बरामद हुआ, जिसमें अंजुमन इमामिया के वाजिद अली गप्पू, चांद मियां, रविश, मीसम व विभिन्न अंजुमनों के नौहेख्वानों ने गमगीन नौहे पढ़े और हुसैनी सौगवारों ने मातम किया। जुलूस वैली बाजार से गुजरता हुआ मनसबिया घंटाघर पहुंचकर संपन्न हुआ।