शहर में जिमखाना मैदान, छावनी रामलीला मैदान, दिल्ली रोड, सूरजकुंड, जेल रोड, रजबन बाजार समेत कई स्थानों पर रामलीला का मंचन किया जा रहा है। दर्शकों की संख्या यहां बढ़ती जा रही है।
विज्ञापन
1 of 5
जीमखाना मैदान रामलीला में अक्षय व हनुमान युद्ध का मंचन करते कलाकार।
- फोटो : अमर उजाला
रामलीला कमेटी की ओर से बुढ़ाना गेट जिमखाना मैदान की रामलीला में श्रीराम और सुग्रीव मित्रता ने सभी में श्रीराम भक्ति का संचार किया। हनुमान और श्रीराम मिलन का दृश्य सभी को भावुक करने वाला रहा। ब्राह्मण रूप में हनुमान प्रभु के चरणों में गिरे तो मंच पर जय श्रीराम के उद्घोष गूंज उठा। हनुमान ने कहा कि नाथ को सेवक तो भूल सकता है पर स्वामी कभी सेवक को न भूले। तब श्रीराम का उत्तर था- हे कपि तुम मुझे लक्ष्मण से भी प्रिय हो।
विज्ञापन
2 of 5
जिमखाना मैदान में मंचन करते कलाकार।
- फोटो : अमर उजाला
श्रीराम और सुग्रीव मित्रता का दृश्य भी हृदयस्पर्शी रहा। श्रीराम ने कहा कि हे वानर राज अब हम और तुम सदा मित्र रहेंगे। सुग्रीव ने कहा कि नाथ आपने मुझे आश्रय दिया। अब मैं तो आपका दास हूं। इस बीच हर ओर जय श्रीराम के जयकारे गूंज उठे। बाली वध के प्रसंग में श्रीराम ने बाली पर बाण छोड़ा। बाली के अंतिम शब्द राम आपने मुझे धर्म हेतु मारा, मैं आपका शरणागत हूं। इससे पहले लीला का उद्घाटन शोभित विश्वविद्यालय के कुलाधिपति कुंवर शेखर विजेंद्र और रवि सिंघल ने किया। मुख्य पूजन राजीव गुप्ता, मनोज गुप्ता, मनोज अग्रवाल, सूरज गुप्ता, सुबोध जिंदल ने किया।
विज्ञापन
3 of 5
रजबन की रामलीला।
- फोटो : अमर उजाला
रजबन : पंचवटी प्रसंग का मंचन किया
श्रीरामलीला कमेटी रजबन बाजार में रामलीला का शुभारंभ अजय बंसल ने किया। प्रथम तिलक समारोह में सती, सुरेंद्र भटेजा ने किया। रामलीला के अध्यक्ष राजेश यादव और मुख्य संरक्षक सुधीर रस्तोगी ने बताया कि आज के मंचन में पंचवटी प्रसंग प्रस्तुत किया गया। कलाकारों ने दिखाया रावण की बहन सूर्पणखा पंचवटी में पहुंचती है और भगवान राम से विवाह का प्रस्ताव रखती है। राम के इन्कार करने पर लक्ष्मण उसकी नाक काट देते हैं। क्रोधित सूर्पणखा अपने भाइयों खर और दूषण के पास पहुंचती है। जो राम और लक्ष्मण से युद्ध करने जाते हैं लेकिन दोनों का वध हो जाता है।
4 of 5
जेल चुंगी चौराहा स्थित रामलीला ग्राउंड में मंचन करते कलाकार।
- फोटो : अमर उजाला
इसके बाद रावण छल से सीता का हरण कर लेता है। रास्ते में जटायु रावण से युद्ध करता है पर रावण उसे भी मार देता है। इधर, राम और लक्ष्मण को सीता के हरण का पता चलता है और वे वनों में उनकी खोज शुरू करते हैं। इस दौरान महामंत्री सुनील कनौजिया, श्याम मदन, सुधीर भटनागर, रजनीश यादव, अभिषेक शर्मा, दिनेश यादव, राम मदन, दुर्गादास कनौजिया रहे।
भैंसाली मैदान स्थित छावनी रामलीला में मंचन करते कलाकार।
- फोटो : अमर उजाला
जेल चुंगी : हनुमान ने जलाई सोने की लंका
जेल चुंगी रामलीला मंचन में रविवार रात लंका दहन, रावण अंगद संवाद का मंचन किया गया। हनुमान ने अशोक वाटिका में पहुंचकर माता सीता को प्रभु राम की मुद्रिका दे अपना परिचय देते हैं। सीता से वाटिका में लगे फल को खाने की अनुमति लेते हैं। इस दौरान हनुमान और राक्षसों का युद्ध होता है। रावण अपने पुत्र अक्षय कुमार को भेजता है जो हनुमान के हाथों मारा जाता है, तब मेघनाथ उन्हे बंदी बनाकर रावण के समक्ष ले जाता है। रावण के आदेश पर हनुमान की पूंछ में आग लगा दी जाती है। हनुमान विकराल रूप धारण कर अपनी पूंछ से सोने की लंका को ही आग लगा देते हैं। इस दौरान अध्यक्ष महावीर सिंह, संयोजक सोनू शर्मा, हेमंत शाक्य,अशोक शाक्य, राजेंद्र पटेल, प्रसादी लाल रहे।