मेरठ के किदवई नगर में कपड़ा कारोबारी आसिम और पड़ोसियों ने सोमवार रात घर में लगी आग के दौरान जान जोखिम में डालकर परिवार के आठ जिंदगी बचा लीं। वहीं, आग और धुएं के कारण आसिम की पत्नी रुखसार, उनकी छह माह की जुड़वां बेटियां अनबिया, आयत उर्फ इनायत, बेटे अकदस (4), उनके भाई फारूक बेटी मेहविश (12), उनका बेटा हम्माद (4) की झुलसने और दम घुटने से मौत हो गई थी। हादसे के समय घर में तीन महिलाएं, एक युवती और दस बच्चे मौजूद थे। परिवार को बचाने के प्रयास में आसिम झुलस गया था और पड़ोसी शहजाद बेहोश गया था।
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मृतक बच्चे और महिला
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
परिवार और पड़ोस के लोग तीन महिलाओं, एक युवती और दस बच्चों को कंधे पर लेकर दौड़ते हुए राजधानी अस्पताल तक पहुंचे। मंगलवार को आसिम और परिवार को बचाने का प्रयास करने वाले लोगों ने अपनी पीड़ा बताई। उनका कहना है कि वह अपनी जान पर खेल गए लेकिन दमकलकर्मियों की देरी के कारण छह लोगों की जान चली गई। अगर दमकल की टीम समय पर पहुंच जाती तो हंसता-खेलता परिवार नहीं उजड़ता।
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आग में झुलसी नाजिश
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
बिना सोचे छत से रास्ते मकान में दाखिल हो गए
आसिम ने बताया कि आग लगने की सूचना मिलने पर मस्जिद से दौड़ते हुए वह घर पहुंच गए। घर के सामने स्थित मेहताब के मकान की छत पर पहुंचे तो देखा उनके परिवार की महिलाएं और बच्चे मदद के लिए चिल्ला रहे थे। वह बिना कुछ सोचे सबसे पहले लोहे की सीढ़ी के सहारे अपने मकान की पहली मंजिल पर पहुंच गए।
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महिला और तीन बच्चों के एक साथ उठे जनाजे में शामिल आसपास के लोग व परिजन
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
उन्होंने अन्य लोगों की मदद से पहले भाई के बच्चों शहरीश, अरहम, रयाल, अपनी बेटी नबिया, फिर मां अमीर बानो, भाई फारूक की पत्नी नाजिश, डॉ. अरशद की पत्नी नाजमा और बहन जकिया को बाहर निकाला। इनका अस्पताल में इलाज कराया गया। इसके बाद वह दूसरी मंजिल पर पहुंचे। यहां एक कमरे में उनकी पत्नी रुखसार और जुड़वां बेटियां अनबिया, आयत उर्फ इनायत और बेटा अकदस बेहोश पड़े थे।
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महिला और तीन बच्चों के एक साथ उठे जनाजे में शामिल आसपास के लोग व परिजन
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
वह चारों को बाहर निकाल रहे थे, तब दमकलकर्मी पहुंचे। लेकिन परिवार के लोग ही सभी लोगों को अस्पताल लेकर गए। वहां उन्हें मृत घोषित कर दिया। परिवार को बचाने के प्रयास में आसिम के हाथ झुलस गए और पैर में भी चोट आई।
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महिला और तीन बच्चों के एक साथ उठे जनाजे में शामिल आसपास के लोग व परिजन
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दमकल के पास न सीढ़ी थी और न मास्क, मैं हो गया बेहोश : शुएब अख्तर
पड़ोसी शुऐब अख्तर अंसारी ने बताया कि दमकलकर्मी जब पहुंचे तब मैं आसिम के मकान में पहुंच गया था। दमकलकर्मियों के पास न सीढ़ी थी और न ही मास्क था। पड़ोसियों की टोंटियों में पाइप लगाकर हमने पानी से आग बुझाने का प्रयास किया। इसके बाद मैं अन्य लोगों के साथ परिवार को बचाने के प्रयास में जुटा रहा लेकिन मास्क न होने के कारण मैं बेहोश हो गया। मुझे अस्पताल में भर्ती कराया गया। मेरी जिलाधिकारी और प्रशासन से अपील है कि लापरवाही करने वालों पर कार्रवाई की जाए।
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महिला और तीन बच्चों के एक साथ उठे जनाजे में शामिल आसपास के लोग व परिजन
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मैं बच्चे को लेकर बाहर की ओर भागा : वसीम अंसारी
पड़ोसी वसीम अंसारी ने बताया कि पहले मैंने अन्य लोगों के साथ आग पर काबू पाने का प्रयास किया। इसके बाद मकान में फंसे एक बच्चे को निकालकर मैं उसे गोद में लेकर बाहर की ओर भागा। लेकिन काफी धुआं मेरे अंदर जा चुका था। मैं अधिक दूर तक बच्चे को नहीं ले जा सका। फिर मैंने एक अन्य को उसे थमा दिया। आगजनी के दौरान परिवार और मोहल्ले के लोग नमाज पढ़ने गए थे। कई लोग नमाज छोड़कर बचाव के लिए दौड़े। अगर दमकल समय पर पहुंचती तो परिवार के सभी लोगों की जान बचाई जा सकती थी।
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परिवार को बचाने के लिए लोगों द्वारा लगाई गई थी सीढ़ी
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
सवा आठ बजे लगी आग, साढ़े नौ बजे दमकलकर्मी : दानियाल
पहुंचे पड़ोसी दानियाल ने बताया कि सवा आठ बजे आग लगी थी। पहले कपड़े की एक थान में आग लगी। कुछ ही देर में आग विकराल हो गई। मैंने ही पुलिस और दमकलकर्मियों को कॉल की। मैं दौड़कर एक सीढ़ी लेकर आया। इसके बाद पड़ोसियों की मदद से सभी को बाहर निकाला। दमकल की टीम लगभग साढ़े नौ बजे पहुंची। दमकलकर्मियों को भी मैं मुख्य सड़क से बुलाकर लाया।
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छह की मौत के बाद प्रशासन ने मकान में लगाई सील
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शॉर्ट सर्किट की चिंगारी कपड़े की थान पर गिरी : आसिफ
पड़ोसी आसिफ ने बताया कि यह 50 गज का घर था। इसी घर में कपड़ों का काम भी होता है। शॉर्ट सर्किट की चिंगारी कपड़े की थान पर गिरी। पॉलिस्टर और कॉटन मिक्स कपड़े की थान थी। कुछ ही देर में आग बढ़ती चली गई। प्रशासन के आने से पहले मोहल्ले के लोगों ने अपनी जान पर खेलकर परिवार के लोगों को बचाया। अब हमें और सभी लोगों को आग से बचाव के उपकरणों घर में लगाने होंगे।
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आग से घिरने के बाद पड़ोस के घर को तोड़कर लोगों को बचाया गया।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
यह था पूरा मामला
मेरठ के लिसाड़ी गेट थाना इलाके के किदवई नगर इस्लामाबाद में सोमवार रात करीब 8:45 बजे कपड़ा कारोबारी इकबाल अहमद के मकान में भीषण आग लग गई। झुलसने और दम घुटने से इकबाल के बेटे आसिम की पत्नी रुखसार, उनका तीन साल का बेटा अकदस, 6 माह की जुड़वां बेटियां नबिया व इनायत और बेटे फारूक की बेटी महविश व बेटे हम्माद की मौत हो गई। हादसे में इकबाल की पत्नी अमीर बानो झुलस गई हैं।
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किदवई नगर में आग की लपटों से हुई छह मौतों के दूसरे दिन गमगीन परिजन
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बताया जा रहा है कि आग शॉर्ट सर्किट के कारण लगी और कमरों में रखे कपड़ों में फैलती चली गई। सूचना पर पहुंची पुलिस और दमकलकर्मियों ने परिवार के लोगों को पास स्थित राजधानी अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टर ने पांच बच्चों सहित छह लोगों को मृत घोषित कर दिया।
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शव को ले जाते परिजन
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ के लिसाड़ी गेट थाना क्षेत्र के किदवईनगर इस्लामाबाद में कपड़ा कारोबारी इकबाल के मकान में लगी आग में झुलसने व दम घुटने से उनके बेटे आसिम की पत्नी रुखसार पांच बच्चों की मौत से मातम पसरा है। हादसे में जान गंवाने वालीं दो जुड़वां बच्चियों अनबिया और आयत उर्फ इनायत के शव सोमवार रात ही दफना दिए गए।
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शव को ले जाते परिजन
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रुखसार और तीन बच्चों के शवों को मंगलवार को दफनाया गया। एक साथ परिवार के चार जनाजे उठे तो लोगों की आंखें नम हो गईं। महिलाओं के आंसू छलक गए। जनाजे और दफीना में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। लोगों ने बताया कि हादसे के वक्त इकबाल अहमद के बेटे नमाज और तरावीह पढ़ने के लिए मस्जिद गए थे।
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मकान में लगी आग से घर में उठती लगता को बुझाता दमकल कर्मी
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इसके अलावा मोहल्ले के भी अधिकांश पुरुष नमाज पढ़ने गए थे। इकबाल के घर पर इकबाल के पत्नी अमीर बानो, बेटे आसिम की पत्नी रुखसार, उसका तीन वर्षीय बेटा अकदस, छह माह की जुड़वां बेटियां अनबिया व आयत उर्फ इनायत और फारूक की बेटी मेहविश व बेटा हम्माद मौजूद थे। रात करीब 8:15 बजे अचानक घर में आग लग गई थी।
देखते ही देखते लपटें विकराल हो गईं और पूरी इमारत धुएं के गुबार से भर गई थीं। इससे मकान में फंसे लोगों का दम घुटने लगा था। अग्निकांड में इकबाल के बेटे आसिम की पत्नी रुखसार और उसके तीन बच्चों व आसिम के भाई फारूक के की बेटी मेहविश, उनके बेटे हम्माद की मौत हो गई थी। बाद में लोग घर की ओर दौड़ पड़े।