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लाल डायरी ने खोले बीए पास सॉल्वर गैंग के चौंकाने वाले राज, डीआरडीओ में तैनात रामू की तलाश

Sun, 15 Dec 2019 12:22 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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solver gang - फोटो : अमर उजाला
मेरठ क्राइम ब्रांच द्वारा गिरफ्तार सॉल्वर गैंग के सरगना जसवीर से बरामद लाल डायरी ने कई राज खोले हैं। टीम ने इस गैंग के चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। जबकि एक आरोपी की तलाश की जा रही है। यह गैंग दो साल में पांच करोड़ से ज्यादा की ठगी कर चुका है।

पेपर लीक कराने से लेकर सॉल्वर से परीक्षा दिलाने और भर्ती में अभ्यर्थी की नापतौल कराने तक का ठेका यह गैंग लेता था। इस गैंग की तैयारी मेरठ में चल रही यूपी पुलिस सिपाही भर्ती में सेंधमारी की थी। क्राइम ब्रांच दो अभ्यर्थियों द्वारा भर्ती में किए गए फर्जीवाड़े से ही इस गैंग तक पहुंची। आगे जानें आखिर कैसे लाल डायरी ने इस गैंग का सारा कच्चा चिट्ठा क्राइम ब्रांच के सामने खोलकर रख दिया।
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solver gang - फोटो : अमर उजाला
एसएसपी अजय साहनी के अनुसार यह गैंग दिल्ली, यूपी, पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड, मध्यप्रदेश, बिहार समेत कई राज्यों के युवाओं को सरकारी सेवाओं में भर्ती कराने के नाम पर ठग चुका है।  गैंग के सरगना  जसवीर के पास से बरामद लाल डायरी में 125 से ज्यादा अभ्यर्थियों के नाम, पते, मोबाइल नंबर मिल चुके हैं। इन अभ्यर्थियों के नंबरों पर गिरोह के लोग व्हाट्एसएप कॉलिंग करते थे जिससे पुलिस या एसटीएफ कॉल नहीं सुन सके। इसमें 37 मोबाइल नंबरों की जांच हो चुकी है। जसवीर के बैंक खातों में करीब डेढ़ साल में 39 लाख रुपये से ज्यादा का लेनदेन मिल चुका है। 

2-3 लाख में लेते थे ठेका
यह गैंग यूपी पुलिस, रेलवे/ एसएससी, दिल्ली सबऑर्डिनेट सर्विसेज, सेंट्रल एयरमैन सेलेक्शन बोर्ड, हरियाणा एसएससी, नेवी में सेलर पद की परीक्षा में सॉल्वर बैठा चुका था। एक अभ्यर्थी से प्रति सॉल्वर 2-3 लाख रुपये लेते थे।
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solver gang - फोटो : अमर उजाला
8 दिन में पहुंचे गैंग तक
एसएसपी के अनुसार पुलिस लाइन में चल रही सिपाही भर्ती परीक्षा में 5 दिसंबर 2019 को नापतौल के दौरान बिहार निवासी अभ्यर्थी अनूप को फर्जीवाड़े में पकड़ा गया था। उसने 28 जनवरी को वाराणसी में हुई लिखित परीक्षा में बिहार निवासी सॉल्वर राजीव रंजन को दो लाख रुपये दिए थे। क्राइम ब्रांच ने इसकी जांच शुरू की तो नौ दिसंबर को दूसरा अभ्यर्थी नीरज निवासी फलावदा पकड़ा गया। जिसने पटना निवासी सॉल्वर शिवशरण से परीक्षा दिलाई थी। 

क्राइम ब्रांच बिहार पहुंची। लेकिन राजीव व शिवशरण हत्थे नहीं चढ़े। लेकिन पता चला कि सॉल्वर गैंग का सरगना जसवीर निवासी चंडीगढ़ है। जो बागपत के सॉल्वर गैंग के सरगना अरविंद राणा से चार साल पहले देहरादून में मिला था। जसवीर के गैंग में बिहार निवासी कई सॉल्वर थे। पकड़े गए आरोपियों ने बताया कि सहारनपुर और बागपत के अभ्यर्थियों को मेरठ भर्ती सेंटर में नापतौल के लिए आना था। जिसमें एक अभ्यर्थी नहीं आया, क्योंकि उसे पता चल गया था कि फर्जीवाड़ा पकड़ा जा रहा है। जबकि एक अभ्यर्थी की 18 दिसंबर की मेरठ में नापतौल है।

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गिरफ्तार आरोपी - फोटो : अमर उजाला
बीए पास हैं आरोपी
एसएसपी ने बताया कि मुख्य सरगना जसवीर और अंकुर बीए पास हैं। दोनों के पिता किसान हैं। परवेंद्र देहरादून में दूध की डेयरी चलाता है। उसके पिता की हत्या हो चुकी है। सचिन 12 वीं पास है और सॉल्वर है। इसी गैंग ने साल 2016 में एसएससी का पेपर लीक कराया था। अंकुर को दिल्ली की चाणक्यपुरी पुलिस ने गिरफ्तार किया था। इन पास से एक विटारा ब्रेजा और एक बलेनो कार बरामद हुई है।
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solver gang - फोटो : अमर उजाला
डीआरडीओ में तैनात रामू खोलेगा राज
एसएसपी ने बताया कि डीआरडीओ पुणे में तैनात दिल्ली निवासी रामू भी इस गैंग में शामिल है। जांच की जा रही है कि कोई सिपाही या दरोगा तो गैंग में शामिल नहीं है, क्योंकि यह गैंग सिपाही भर्ती की लिखित परीक्षा के बाद अब नापतौल प्रक्रिया में सेंधमारी कर रहा था।
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