मेरठ बवाल
मछेरान की मोमीना भी सदमे में है। पति रिक्शा चालक है। वह खुद घर पर जाल बुनने का काम करती है। तब जाकर पांच बच्चों को वह पालते हैं। आग में पूरा घर तबाह हो गया। सिर छिपाने की जगह नहीं बची। ऐसी ही कुछ स्थिति निसार की भी है। वह बताती है कि आग लगने के बाद जैसे-तैसे उसने अपने पोती-पोतों को बचाया। पूरा घर जल गया। चार पोतों और दो पोतियों को लेकर कहां जाए, यह समझ नहीं आ रहा।