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तस्वीरें: छह बंगलों की पहचान अब 'भूसा मंडी और मछेरान', ऐसे भड़का था मेरठ में बवाल

Thu, 07 Mar 2019 06:28 PM IST
कपिल kapil दीपक भारद्वाज, अमर उजाला, मेरठ
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मेरठ बवाल
मेरठ में बुधवार मध्याह्न 3:55 बजे का समय। कैंट बोर्ड की टीम सदर पुलिस के साथ मछेरान क्षेत्र में पहुंची। टीम को देखते ही पूरे क्षेत्र में अफवाह फैल गई कि कैंट बोर्ड आज पूरे मछेरान को साफ करने वाला है। इसके बाद जो हुआ कोई कुछ समझ नहीं पाया। लोगों के हाथ में ईंट-पत्थर थे। कैंट बोर्ड सुपरवाइजर राजकुमार से मारपीट की गई और थोड़ी देर में वहां बवाल मच गया।
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मेरठ बवाल
कैंट बोर्ड के मुख्य अधिशासी अभियंता अनुज सिंह ने मौके पर बताया कि इस क्षेत्र में बड़े पैमाने पर अवैध निर्माण की शिकायतें आ रही थीं। छह बंगलों पर अवैध कब्जा कर इस क्षेत्र का नाम भी अब मछेरान और भूसा मंडी के नाम से जाना जाता है। कई बार कैंट बोर्ड अधिकारियों ने यहां कार्रवाई करने का प्लान बनाया। लेकिन वह सफल नहीं हो सका। कैंट बोर्ड भी यहां कार्रवाई करने से बचता रहता था। कैंट बोर्ड ने 26 फरवरी को एसएसपी को क्षेत्र में अवैध निर्माण अभियान चलाने के लिए पुलिस बल के लिए पत्र लिखा था।
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मेरठ बवाल
इसके बाद छह मार्च की तारीख तय की गई। लेकिन, यहां के लोगों को यह मंजूर नहीं था। कैंट बोर्ड की टीम भूसा मंडी स्थित साउथ एंड रोड स्थित बंगला नंबर 201 पर हो रहे अवैध निर्माण को तोड़ने पहुंची थी।

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मेरठ बवाल
पार्क घेरकर बना लिया कूड़ा घर 
इस बस्ती के आसपास से गुजरने पर गंदगी नजर आती है। एक तरफ स्वच्छ कैंट का दावा करने वाला कैंट बोर्ड यहां सफाई व्यवस्था रखने में भी फेल है। बस्ती से 100 मीटर की दूरी पर ही कूड़ा घर बना है। जिससे यहां जंगली जानवर, कुत्ते आदि खड़े रहते हैं।
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मेरठ बवाल - फोटो : अमर उजाला
वहीं, पार्क को काफी समय पहले घेर लिया गया था। साल 2014 में तत्कालीन सीईओ डीएन यादव ने भारी पुलिस बल के साथ पार्क को कब्जा मुक्त कर लिया था। लेकिन इसके बाद उनके जाते ही इसे फिर घेरकर कब्जाधारकों ने कबाड़ की दुकानें खोल लीं।
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मेरठ बवाल - फोटो : अमर उजाला
सफाईकर्मियों ने मांगी सुरक्षा
सीईओ प्रसाद चव्हाण से कैंट बोर्ड के सफाई कर्मचारियों ने सुरक्षा देने की मांग की है। अखिल भारतीय सफाई मजदूर कांग्रेस अध्यक्ष भारत आजाद ने कहा कि मछेरान क्षेत्र में सफाई करना संभव नहीं है। उनका कहना था कि इस माहौल में कार्य नहीं कर सकते।
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मेरठ बवाल - फोटो : अमर उजाला
इन बंगलों पर है कब्जा
कैंट बोर्ड अधिकारियों के अनुसार इसके अलावा इन छह बंगलों पर भी एक समुदाय की बड़ी आबादी का कब्जा है। यहां बंगला नंबर 197, 198, 199, 200, 201, 272 पर भी अवैध निर्माण किया हुआ है। रक्षा संपदा कार्यालय की तरफ से कई बार नोटिस जारी हो चुके हैं। लेकिन इसके बाद यहां क्षेत्रवासियों की मनमानी जारी रही। लगभग 40 हजार की आबादी ने छह एकड़ की भूमि पर कब्जा कर रखा है।

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मेरठ बवाल - फोटो : अमर उजाला
इस क्षेत्र की खत्म कर दी वोट
साल 2015 के चुनावों में इस क्षेत्र में लगभग पांच हजार वोट थीं। लेकिन कैंट बोर्ड ने आबादी को अवैध मानते हुए सभी की वोट खत्म कर दी। इसके बाद से ही यहां कैंट बोर्ड अधिकारियों और स्थानीय निवासियों के बीच तनाव रहता है। कई बार अवैध निर्माण होने के बाद भी कैंट बोर्ड यहां कार्रवाई करने से बचता रहा। इन छह बंगलों की पहचान अब मछेरान और भूसा मंडी के तौर पर होती है।
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मेरठ बवाल - फोटो : अमर उजाला
हमने दर्ज करा दी एफआईआर
कई बार यहां कार्रवाई करने के लिए नोटिस दिए जाते रहे हैं। इस बार पर्याप्त पुलिस बल मांगा गया था। लेकिन लोगों ने सरकारी कार्य में बाधा डालने का प्रयास किया है। हमारी तरफ से एफआईआर करा दी गई है। - प्रसाद चव्हाण, सीईओ, कैंट बोर्ड

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