बेटे के पार्थिव शरीर के इंतजार में तड़पती बेबस मां बार-बार अपने लाल को याद कर रही थी। मेरा रानू तो शेर था। आतंकियों ने धोखे से गोली मार दी। सिर में गोली मार दी मेरे लाल को। इतना कहकर वे फफकने लग गईं। जब उनसे पूछा कि क्या चाहती हो तो उन्होंने बस इतना ही कहा कि मेरा शेर तो वापस आएगा नहीं। लेकिन जिस तरह मेरा लाल गया है, ऐसे किसी और का न जाए।